राष्ट्रीय आयुष मिशन: मध्यप्रदेश बनेगा आयुर्वेद का हब, कॉलेजों की संख्या 7 से बढ़कर 15 होगी

मध्यप्रदेश को केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत 180 करोड़ रुपए का अनुदान मिला है। इससे आयुर्वेद कॉलेजों की संख्या 7 से बढ़कर 15 हो जाएगी और हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

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Sandeep Kumar
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मध्यप्रदेश अब आयुर्वेद के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई पर पहुंचने वाला है। राज्य को केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के तहत 180 करोड़ रुपए का अनुदान मिला है। इस राशि का उपयोग आयुर्वेद कॉलेजों के विस्तार, हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने और छोटे शहरों में आयुष सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।

18 महीने में आयुर्वेद कॉलेजों का विस्तार

MP सरकार के अनुसार, आयुर्वेद कॉलेजों की संख्या अगले 18 महीने में 7 से बढ़कर 15 हो जाएगी। वर्तमान में 7 आयुर्वेद कॉलेजों में 513 सीटें हैं, जो बढ़कर 1500 सीटों तक पहुंच जाएंगी। इससे राज्य में आयुर्वेद शिक्षा के अवसरों में काफी वृद्धि होगी, जिससे अधिक छात्र इस क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

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कितने नए आयुर्वेद कॉलेजों को मिली मंजूरी

राज्य में कुल 5 आयुर्वेद कॉलेजों को मंजूरी दी गई है। इनमें से सागर, शहडोल, नर्मदापुरम, बालाघाट और मुरैना में कॉलेज स्थापित होंगे और झाबुआ एवं शुजालपुर में आदिवासी क्षेत्रों के लिए भी कॉलेज बनेंगे।

इसके अतिरिक्त, डिंडौरी में जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से एक कॉलेज स्थापित किया जाएगा। हर कॉलेज में 100-100 सीटें बढ़ाई जाएंगी और इसमें शोध भवन, अस्पताल, छात्रावास और स्टाफ क्वार्टर जैसी सुविधाएं भी होंगी।

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हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वेलनेस सेंटर

मध्यप्रदेश सरकार ने हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन और खजुराहो में 50-50 बेड वाले सुपर स्पेशलिटी पंचकर्म और वेलनेस सेंटर बनाने की योजना बनाई है। इन परियोजनाओं पर 15 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

खजुराहो और उज्जैन में वेलनेस सेंटर

खजुराहो जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर वेलनेस सेंटर की स्थापना से हेल्थ टूरिज्म को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। उज्जैन में 2028 के सिंहस्थ कुंभ के दौरान लगभग 10 करोड़ श्रद्धालु आने की संभावना है। ऐसे में यहां का वेलनेस सेंटर स्थानीय लोगों और बाहर से आए श्रद्धालुओं दोनों के लिए फायदेमंद होगा।

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छोटे शहरों में आयुष अस्पतालों का विस्तार

मध्यप्रदेश सरकार ने छोटे शहरों में भी आयुष चिकित्सालय खोलने का निर्णय लिया है। इन चिकित्सालयों में 10 बेड होंगे और 7.5 करोड़ रुपए की लागत से प्रत्येक केंद्र का निर्माण किया जाएगा।

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जनजातीय क्षेत्रों में औषधियों पर रिसर्च

आयुर्वेद कॉलेजों के विस्तार से जनजातीय क्षेत्रों में औषधियों पर शोध करने का भी अवसर मिलेगा। इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वन औषधियों पर शोध कर, उनके उपयोग और लाभ को बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रदेश के आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा अनुदान है, जो मध्यप्रदेश को आयुर्वेद सेवाओं के विस्तार में अग्रणी राज्य बना देगा। इस राशि से नई परियोजनाएं और चिकित्सा सुविधाएं शुरू होंगी और आयुर्वेद शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश का योगदान बढ़ेगा।

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