नोटिस पर भड़कीं निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी, बोलीं- दिग्विजय पर कार्रवाई क्यों नहीं?
Sandeep Kumar | Jul 15, 2026, 22:51 IST
नोटिस पर भड़कीं निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी
मध्य प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है। प्रदेश महासचिव निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी ने संगठन से मिले नोटिस पर सवाल उठाए हैं। निधि ने पूछा है कि दिग्विजय सिंह पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी विवाद बढ़ गया है।
- निधि चतुर्वेदी ने संगठन नोटिस पर सवाल उठाए।
- उन्होंने दिग्विजय सिंह पर कार्रवाई नहीं होने पूछा।
- सात दिन में जवाब देने की मांग की है।
- जवाब नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
सवाल पर सवाल
निधि ने सीधे पूछा है कि दिग्विजय सिंह पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उनका कहना है कि सिर्फ उन्हें ही कारण बताओ नोटिस क्यों दिया गया। संगठन प्रभारी संजय कामले ने उन्हें 3 जुलाई को नोटिस भेजा था। निधि ने इसका जवाब 9 जुलाई को दे दिया था। अब उन्होंने अपना जवाब सार्वजनिक कर दिया है। इसमें उन्होंने पार्टी की कार्रवाई को चयनात्मक और दुर्भावनापूर्ण बताया है।
दिग्विजय के बयान से नुकसान, कार्रवाई कहां
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। लेकिन इसी बीच दिग्विजय सिंह ने अलग स्थिति सार्वजनिक रूप से रखी। उन्होंने संबंधित ट्रस्ट को सरकारी बता दिया।
निधि का आरोप है कि इस बयान से कांग्रेस का अभियान कमजोर हुआ। प्रदेश नेतृत्व की स्थिति भी इससे प्रभावित हुई। उन्होंने पूछा है कि अगर पार्टी अनुशासन सबके लिए बराबर है, तो दिग्विजय सिंह से स्पष्टीकरण क्यों नहीं मांगा गया।
पुत्र मोह वाले बयान पर मिला नोटिस
निधि ने पार्टी नेतृत्व से दिग्विजय सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग भी की थी। इसी बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस ने निधि से स्पष्टीकरण मांग लिया।
अब निधि का सवाल है कि मूल बयान पर संगठन चुप क्यों है। सवाल उठाने वाले को ही नोटिस क्यों थमाया गया, यह उनकी मुख्य आपत्ति है।
आप मेरे वरिष्ठ नहीं, अधिकार कैसे
संजय कामले भी प्रदेश कार्यकारिणी में महासचिव के पद पर हैं। निधि का सवाल है कि दोनों समकक्ष पदाधिकारी हैं, तो एक महासचिव दूसरे को नोटिस कैसे जारी कर सकता है। उन्होंने कांग्रेस संविधान का हवाला दिया है। नोटिस को उन्होंने अधिकार क्षेत्र से बाहर और निष्प्रभावी बताया है।
नोटिस पहले बाहर कैसे पहुंचा
उन्होंने संगठन प्रभारी से सात दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वह मानहानि समेत कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपना सकती हैं।
कांग्रेस का अंदरूनी घमासान
निधि के जवाब के बाद अब नजर प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर टिकी है। संगठन इस मामले में क्या रुख अपनाता है, यह देखना बाकी है।
निधि चतुर्वेदी को क्यों मिला नोटिस
nidhi-chaturvedi
फेसबुक पोस्ट में क्या लिखा था निधि
निधि ने यह भी लिखा कि दिग्विजय का रवैया पुत्र मोह से जुड़ा है। उनके मुताबिक दिग्विजय अपने बेटे जयवर्धन सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने पार्टी अनुशासन तोड़ा, ऐसा निधि का दावा है।
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