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BHOPAL. मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने सरकार तो खूब जोर लगा रही है लेकिन इससे जुड़ी संस्थाएं इन प्रयासों में पलीता लगाने से नहीं चूक रहीं। पर्यटन विभाग भी पर्यटन उद्योग पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और उसके इकलौते इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटेलिटी ट्रेवल एंड टूरिज्म की हालत खस्ता है।
साल 2025 में इस संस्थान में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। पर्यटन विकास निगम की निगरानी वाले इंस्टीट्यूट में प्रवेश क्यों नहीं हो रहे हैं इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। अब पर्यटन विकास निगम इस संस्थान की बदहाली को छिपाने के लिए हॉस्पिटेलिटी कोर्स कराने वाले फिनिशिंग स्कूल के रूप में बदलने की तैयारी कर रहा है।
घट रही छात्रों की दिलचस्पी
पर्यटन से जुड़े पाठ्यक्रम, डिग्री- डिप्लोमा कोर्स के लिए 17 साल पहले भोपाल में पर्यटन विकास निगम ने आईएचटीटीएस की शुरूआत की थी। आईएचटीटीएस यानी इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटेलिटी ट्रेवल एंड टूरिज्म स्टडीज पर बेहिसाब बजट खर्च किया गया। इस वजह से यहां बड़ी संख्या में प्रदेश और अन्य राज्यों से छात्र भी प्रवेश के लिए आने लगे थे।
प्रदेश में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए इंस्टीट्यूट में प्रवेश भी बढ़ते रहे। इस बीच पिछले तीन-चार साल में अचानक छात्रों की संख्या कम होती चली गई। इंस्टीट्यूट प्रबंधन और मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने इस स्थिति को अनदेखा किया जिसका नतीजा साल 2025 में जीरो एडमिशन के रूप में सामने आया है।
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प्रचार-प्रसार नहीं आया काम
आईएचटीटीएस में होटल मैनेजमेंट, हॉस्पिटेलिटी और टूरिज्म में स्नातक पाठ्यक्रम बीबीए का संचालन करता है। इसके साथ ही इंस्टीट्यूट में डिप्लोमा इन होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन फूड प्रोडक्शन, डिप्लोमा इन बेकरी एंड कन्फेक्शनरी जैसे एनसीवीटीई से संबद्ध एक वर्षीय या छह माह के कोर्स में भी प्रवेश दिए जाते हैं।
आईएचटीटीएस में इग्नू से संचालित कोर्स में भी प्रवेश दिए जाते हैं। इनमें प्रवेश के लिए हर साल संस्थान जमकर प्रचार - प्रसार करता है। इस बार भी खासी तैयारी की गई थी लेकिन छात्रों ने यहां प्रवेश लेने में दिलचस्पी ही नहीं दिखाई। इसी वजह से संस्थान में एक भी प्रवेश इस शैक्षणिक सत्र में नहीं हुआ है।
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फैकल्टी भी नहीं एक्सपर्ट
होटल मैनेजमेंट, हॉस्पिटेलिटी एवं ट्रेवल- टूरिज्म जैसे पाठ्यक्रम के लिए संस्थान में विशेषज्ञों की जरूरत होती है। आईएचटीटीएस में इसकी कमी है। संस्थान का संचालन और प्रबंधन कर रहीं डॉ.नीलिमा वर्मा राजधानी के नूतन कॉलेज में प्रोफेसर रही हैं। उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक साल 2021 में उन्हें आईएचटीटीएस का डायरेक्टर बना दिया गया था। तब से वे सेवावृद्धि पाकर डायरेक्टर बनी हुई हैं।
वर्मा के पास मैनेजमेंट, हॉस्पिटेलिटी एवं ट्रेवल- टूरिज्म जैसे पाठ्यक्रमों की शिक्षा देने का अनुभव नहीं है। इसी वजह से उनकी फैकल्टी टीम भी अनुभवशाली नहीं है। संस्थान के संचालन में पिछड़ने सहित अन्य मामलों से संबंधित अनगिनत शिकायतें पर्यटन विभाग तक पहुंच चुकी हैं लेकिन वे हर बार कार्रवाई से बच जाती हैं।
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