निर्मला सप्रे की सदस्यता पर सभी को नोटिस, 19 दिसंबर को फिर सुनवाई
Sanjay Gupta | Dec 09, 2024, 13:31 IST
sapre
सागर जिले की बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर हाईकोर्ट इंदौर की खंडपीठ में सुनवाई शुरू हो गई है। इस मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सभी पक्षकारों से जवाब मांगा है
सागर जिले की बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर हाईकोर्ट इंदौर की खंडपीठ में सुनवाई शुरू हो गई है। इस मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सभी पक्षकारों से जवाब मांगा है और इसमें अगली सुनवाई 19 दिसंबर लगाई गई है।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र की अधिसूचना ने बढ़ाई बीना विधायक की टेंशन
सिंघार के अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल और जयेश गुरनानी ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए कहा कि सप्रे पर दल-बदल लागू होता है। वह अब सदस्यता के योग्य नहीं रही हैं। वह मई में बीजेपी में जा चुकी हैं। हमारे पक्षकार द्वारा पांच जुलाई 2024 को स्पीकर को इस संबंध में पत्र लिखा है। हालांकि, अभी तक फैसला नहीं किया गया है। वहीं 16 दिसंबर से शीतकालीन सत्र हो रहा है, ऐसे में विधानसभा में उनका बैठना विधिक नहीं है। वहीं एडिशनल एडवोकेट जनरल आनंद सोनी ने इस याचिका के मेंटेनबल नहीं होने की बात कहते हुए कहा कि स्पीकर को ही इस मामले में फैसला लेने का अधिकार है।
इस पर अधिवक्ता खंडेलवाल ने सुप्रीम कोर्ट के केस का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह के मामले अधिकतम तीन माह में स्पीकर द्वारा निराकृत किए जाने चाहिए, जो नहीं किया गया। इस फैसले का जिक्र करते हुए हाईकोर्ट ने भी कहा कि 19 दिसंबर को सुनवाई करेंगे सभी पक्षों को नोटिस जारी किए जाते हैं।
निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की याचिका HC में स्वीकार
सागर जिले के बीना की कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे पर कांग्रेस के आरोप हैं कि बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद भी पार्टी से विधायक हैं। उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा नहीं दिया है। वहीं सप्रे स्पीकर को ये पत्र दे चुकी हैं कि बीजेपी ज्वाइन नहीं की लेकिन कांग्रेस से मोहभंग हो चुका है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा कह चुके हैं कि उन्होंने बीजेपी ज्वाइन नहीं की लेकिन आना चाहती है तो स्वागत है। वहीं कांग्रेस कह रही है कि उन्हें इस्तीफा देकर रावत की तरह उपचुनाव लड़ना चाहिए। वह अब कांग्रेस से विधायक नहीं रह सकती है, उन्होंने दल बदल किया है।
तोमर को व्यक्तिगत तौर पर भी पार्टी बनाया
नेता प्रतिपक्ष विधानसभा उमंग सिंघार द्वारा लगाई गई याचिका में पीएस विधान भवन के साथ ही स्पीकर, विधायक सप्रे को पक्षकार तो बनाया ही साथ ही नरेंद्र सिंह तोमर स्पीकर को व्यक्तिगत तौर पर भी पार्टी बनाया गया है। इसमें तोमर पर आरोप लगाए हैं कि स्पीकर निष्पक्ष होता है लेकिन वह बीजेपी के मंत्री, प्रदेशाध्यक्ष रहे हैं और अभी भी एक्टिव तौर पर राजनीति कर रहे हैं। हाल ही में विजयपुर उपचुनाव में उन्होंने बीजेपी के प्रत्याशी के पक्ष में ट्वीट किया था। ऐसे में वह इस मामले में निष्पक्ष फैसला नहीं कर सकते हैं।
अधिवक्ताओं द्वारा रखी गई ये बात
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया गया हवाला
निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की याचिका HC में स्वीकार
क्या है मामला?
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari