OBC आरक्षण केस: 16 जून की सुनवाई भी अधर में! नई बेंच में मामला लिस्ट नहीं

Neel Tiwari | Jun 15, 2026, 19:58 IST
Share
ओबीसी आरक्षण केस की सुनवाई
Photograph: (THESOOTR)

JABALPUR. OBC आरक्षण केस की सुनवाई 16 जून को लिस्ट नहीं हुई। नई बेंच में मामला अटका, लाखों कर्मचारियों की उम्मीदें फिर अधर में लटक गईं, फैसला अब भी लंबित है।

ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...

  • 16, 17 और 18 जून को तय सुनवाई फिलहाल कॉज लिस्ट में नहीं दिखी।
  • एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की बेंच में मामला अपेक्षित था।
  • सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को 90 दिनों में फैसला देने का निर्देश दिया था।
  • ग्रीष्मकालीन अवकाश के पहले थी फैसला आने की उम्मीद पर मामला लंबित
  • ओबीसी वर्ग के अधिवक्ता मेंशनिंग कर मामले को लिस्ट कराने की कोशिश करेंगे।

OBC आरक्षण मामले में अभी खत्म नहीं होगा इंतजार?

मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित और सबसे अधिक प्रभाव डालने वाले मामलों में शामिल ओबीसी आरक्षण प्रकरण एक बार फिर अधर में लटकता हुआ नजर आ रहा है।

लाखों अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि 16 जून से इस मामले में अंतिम बहस की शुरुआत होगी और लंबे समय से रुकी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। लेकिन सोमवार देर शाम तक जारी कॉज लिस्ट ने उम्मीदवारों की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। जिस मामले पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं, वह फिलहाल नई खंडपीठ की सूची में दिखाई नहीं दिया।

16 जून से लगातार सुनवाई तय थी, लेकिन...

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के पिछले आदेश के अनुसार इस मामले की सुनवाई 16, 17 और 18 जून को लगातार तीन दिनों तक की जानी थी। यही कारण था कि लाखों अभ्यर्थियों सहित, सामान्य वर्ग संगठनों, ओबीसी वर्ग और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेज थी कि अब मामले में निर्णायक प्रगति देखने को मिल सकती है।

मंगलवार 16 जून की कॉज लिस्ट में मामला शामिल नहीं होने से एक बार फिर असमंजस की स्थिति बन गई है। खबर लिखे जाने तक एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया की डिवीजन बेंच में 1040 से अधिक मामले सूचीबद्ध हैं, लेकिन इनमें यह बहुप्रतीक्षित मामला शामिल नहीं था।

बेंच बदलने के बाद बढ़ी अनिश्चितता

दरअसल, जब इस मामले की अंतिम सुनवाई के लिए तीन दिन निर्धारित किए गए थे, तब सुनवाई तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ के समक्ष हो रही थी। बाद में परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं।

मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हो गए, जबकि जस्टिस विनय सराफ का ट्रांसफर इंदौर खंडपीठ में हो गया। इस मामले को मंगलवार 16 जून को एक्टिंग चीफ जस्टिस की डिविजनल बेंच में लिस्ट किया जाना चाहिए था। लेकिन यह काज़लिस्ट में शामिल नहीं और इसके बाद से यह सवाल बना हुआ है कि मामला नई बेंच के समक्ष कब और किस प्रकार आगे बढ़ेगा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भी उठ रहे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे अधिक चर्चा सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश की हो रही है जिसमें हाईकोर्ट को इस मामले में 90 दिनों के भीतर फैसला करने के लिए कहा गया था।

मामले की पिछली या सुनवाई में तत्कालीन चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा भी कई बार इस निर्देश का जिक्र कर चुके हैं। लेकिन ओबीसी आरक्षण से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में अंतिम बहस ही पूरी नहीं हो पा रही। अब सुनवाई की प्रक्रिया भी बार-बार प्रभावित होती दिखाई दे रही है।

क्या आखिरी समय में हो सकता है फेरबदल?

कानूनी जानकारों का कहना है कि सामान्यतः कॉज लिस्ट जारी होने के बाद बड़े फेरबदल कम ही होते हैं, लेकिन विशेष परिस्थितियों में संशोधन संभव है।

यदि देर शाम या सुनवाई के दिन किसी प्रकार का परिवर्तन होता है और मामला सूचीबद्ध हो जाता है तो यह ओबीसी आरक्षण से प्रभावित कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर होगी। हालांकि, फिलहाल की स्थिति यही संकेत दे रही है कि सुनवाई एक बार फिर आगे खिसक सकती है।

अधिवक्ता करेंगे मेंशनिंग, निगाहें हाईकोर्ट पर

ओबीसी वर्ग से जुड़े अधिवक्ताओं ने संकेत दिया है कि वे न्यायालय के समक्ष मामले की मेंशनिंग कर इसे शीघ्र सूचीबद्ध कराने का प्रयास करेंगे। ऐसे में अब सभी की नजरें हाईकोर्ट की अगली कार्यवाही पर टिकी हैं।

प्रदेश के लाखों अभ्यर्थी जो कई वर्षों से ओबीसी आरक्षण से जुड़े अंतिम समाधान का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

इंतजार खत्म होगा या और बढ़ेगा?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ओबीसी आरक्षण मामले में लंबा इंतजार अब और बढ़ने वाला है? सुनवाई की तय तारीख सामने होने के बावजूद मामला कॉज लिस्ट में नहीं दिखना नौकरी की आस में बैठे अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा रहा है।

अब नौकरी के इंतजार में बैठे प्रदेश के लाखों युवा इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई कब होगी और वर्षों से लंबित विवाद पर अंतिम फैसला कब सामने आएगा।

ये खबरें भी पढ़ें...

मुरैना रेल हादसा: प्रत्यक्षदर्शी महिला बोलीं- मोबाइल के चार्जर में लगी आग, जिससे मची भगदड़

इंदिरा साहनी केस बना सबसे बड़ा सवाल! MP में 27% OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट में गरमाई बहस

OBC आरक्षण मामलों पर 13 से 15 मई तक हाईकोर्ट में होगी मैराथन सुनवाई, 90 प्रकरण सूचीबद्ध

BJP नेता सत्तन के भतीजे चेतन शर्मा का पॉलिटिकल बम, मोदी-शाह पर अभद्र टिप्पणी







Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
  • OBC आरक्षण
  • जस्टिस विवेक रूसिया
  • चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा
  • जस्टिस विनय सराफ
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा