/sootr/media/media_files/2025/05/03/Xh5xGOouPAfwyDcXBjy7.jpg)
भोपाल।
म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड की प्रमुख इकाई, ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया ने उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। फैक्ट्री प्रबंधन ने घोषणा की कि अधिकारियों और कर्मचारियों की दो दिन से अधिक की सभी छुट्टियाँ तत्काल प्रभाव से रद्द की जा रही हैं।
यह भी पढ़ें.. पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान में इमरजेंसी जैसे हालात, PoK में राशन स्टॉक करने का आदेश
उत्पादन लक्ष्य हासिल करने में पिछड़ी
सूत्रों के मुताबिक,आर्डिनेंस फैक्ट्री "चालू वित्त वर्ष के पहले माह में अपना लक्ष्य हासिल करने में पिछड़ गई है। इसी बीच पहलगाम हमले के बाद भारत-पाक के बीच युद्ध के हालात बनने से लक्ष्य हासिल करने को लेकर फैक्ट्री प्रबंधन की चिंता और बढ़ गई है। एमआईएस मुख्यालय ने लक्ष्य हासिल करने कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य करने के साथ ही निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
आर्मी को होता है गोला-बारूद सप्लाई
करीब 4,000 कर्मचारियों वाली यह फैक्ट्री भारतीय सशस्त्र बलों को गोला-बारूद की आपूर्ति करती है। जो देश की रक्षा तैयारियों के लिहाज से काफी अहम है।
टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए इस्तेमाल होने वाले बम और गोला भी यहीं बनाए जाते हैं। ओएफके ने आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत कई उपकरणों और पुर्जों का स्वदेशीकरण कर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है।
यह भी पढ़ें..MP : ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में रुका बम बनाने की काम , मनमानी कर रहीं निजी कंपनियां, जानें सोलर इंडस्ट्रीज की चाल
दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों ने बनाई थी फैक्ट्री
ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया की स्थापना 1942 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान की गई थी। युद्ध के समय ब्रिटिश सरकार को हथियारों और गोला-बारूद की त्वरित आवश्यकता थी, जिसे पूरा करने के लिए इसकी नींव रखी गई।आज़ादी के बाद भी यह फैक्ट्री भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक प्रमुख आयुध आपूर्तिकर्ता बनी रही।
यह भी पढ़ें.. पुलिस कैंप में विस्फोट : फ्राइंग पैन में गोलियां गर्म कर निकाल रहा था बारूद, हादसा टला
यह भी पढ़ें.. पाकिस्तान से व्यापारिक नाता खत्म, भारत ने इंपोर्ट-एक्सपोर्ट पर लगाया बैन, जानें डिटेल