/sootr/media/media_files/2026/01/25/mohan-nagar-2026-01-25-17-15-47.jpg)
भारत में गणतंत्र दिवस का उत्सव केवल परेड तक सीमित नहीं है। ये उन अनसंग हीरोज को सम्मान देने का भी समय है जिन्होंने समाज के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
हर साल 25 जनवरी की शाम को घोषित होने वाले पद्म पुरस्कार इसी अटूट सेवा की पहचान हैं। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश से एक गौरवशाली खबर आई है। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के समाजसेवी और शिक्षाविद मोहन नागर को पद्मश्री पुरस्कार मिलने जा रहा है।
दशकों तक आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा और पर्यावरण की अलख जगाने वाले मोहन नागर की ये निस्वार्थ सेवा को मिली एक बड़ी पहचान है। ऐसे में पद्मश्री पुरस्कार मिलना न केवल उनके समर्पण का सम्मान है, बल्कि मध्यप्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है।
/sootr/media/post_attachments/profile_images/2011409295842439170/tLcm1e10-615576.jpg)
मोहन नागर कौन हैं
सामाजिक कार्यकर्ता मोहन नागर (Social worker Mohan Nagar) मूल रूप से मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के रहने वाले हैं। उनकी पहचान एक साधारण समाजसेवी से कहीं बढ़कर एक कर्मठ शिक्षाविद और पर्यावरण प्रेमी के रूप में है। वे बैतूल के प्रसिद्ध भारत भारती आवासीय विद्यालय के सचिव हैं।
मोहन नागर ने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने में क्रांतिकारी भूमिका निभाई है। नागर केवल किताबों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने ग्रामीण विकास और जनजातीय उत्थान के लिए जमीनी स्तर पर काम किया है।
मोहन नागर को एक जागरूक पर्यावरणविद् भी माना जाता है, जो लगातार प्रकृति संरक्षण के अभियानों से जुड़े रहते हैं। ऐसे में मोहन नागर के इस निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें पद्म पुरस्कार मिलना गर्व की बात है।
/sootr/media/post_attachments/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEh5zgRAv_CvYlU5bJrf582gN-KpwIT4Dq7MYbTZNTU-v1kxgAS7uDRdb1b6zc7xSXmW6WOosO52RouTR2607GzqO8ZPJCk0dhEPzte-XfHxyK4JWhEgHBvoxZo8e5dCMJD7KE8p3UQJ62K0/s1600/mohan-897409.jpg)
पद्म पुरस्कार के बारे में
पद्म पुरस्कारों को उनकी स्पेसिफिकेशन के आधार पर तीन हिस्सों में बांटा गया है। सबसे ऊंचा पद्म विभूषण है, जो असाधारण सेवा के लिए मिलता है।
इसके बाद पद्म भूषण और फिर पद्म श्री आता है। सबसे ज्यादा नाम पद्म श्री के लिए चुने जाते हैं क्योंकि ये जमीनी स्तर पर काम करने वाले टैलेंट को पहचान देता है।
/sootr/media/post_attachments/lingo/gnt/images/story/202201/padm_awards-sixteen_nine-282044.jpg?size=948:533)
कैसे चुने जाते हैं पद्म विजेता
पद्म पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया अब पूरी तरह पारदर्शी और 'People's Padma' के कॉन्सेप्ट पर आधारित है। इसकी शुरुआत हर साल 15 मार्च से होती है। यहां Rashtriya Puraskar Portal पर ऑनलाइन नामांकन भरे जाते हैं। खास बात यह है कि इसमें कोई भी भारतीय नागरिक किसी भी काबिल व्यक्ति का नाम भेज सकता है।
यहां तक कि आप खुद का नाम भी Self-nomination के जरिए दे सकते हैं। नामांकन बंद होने के बाद, प्रधानमंत्री द्वारा गठित एक हाई-लेवल पद्मा अवार्ड्स समिति इन नामों की बारीकी से जांच करती है।
यह कमेटी तय करती है कि किसका योगदान असाधारण (Exceptional) है। अंत में, कमेटी अपनी सिफारिशें प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजती है, और गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर विजेताओं के नामों पर अंतिम मुहर लगती है।
/sootr/media/post_attachments/wp-content/uploads/2024/01/padma-awards-322053.jpg?w=1280)
पद्म सम्मान से जुड़ी रोचक बातें
इन पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया अब बहुत पारदर्शी हो गई है। राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के जरिए कोई भी भारतीय नागरिक किसी काबिल व्यक्ति का नाम नामांकित कर सकता है। सरकार का खास फोकस महिलाओं, दिव्यांगों और उन गुमनाम नायकों पर रहता है जो निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा कर रहे हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि इन पुरस्कारों के साथ बड़ी रकम मिलती होगी, लेकिन ऐसा नहीं है।
यह एक नागरिक सम्मान है, कोई 'उपाधि' नहीं। आप इसे अपने नाम के आगे या पीछे नहीं लगा सकते।विजेताओं को राष्ट्रपति द्वारा पदक, प्रमाण पत्र और एक छोटी प्रतिकृति दी जाती है।
इसके साथ कोई नकद राशि, मुफ्त हवाई यात्रा या रेलवे पास जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं। इसका असली मूल्य देश की ओर से मिलने वाली सर्वोच्च सार्वजनिक स्वीकृति है।
ये खबरें भी पढ़ें...
पद्म पुरस्कार 2026: एमपी से भगवानदास और पंत, सीजी से गोडबोले को मिलेगा सम्मान, देखें लिस्ट
Thesootr prime: UGC का नया नियम क्यों बन रहे जनरल वर्ग में गुस्से की वजह?
यशवंत क्लब में नए 43 सदस्य बनाने के लिए वोट आज, लेकिन वोटिंग कमेटी और प्रक्रिया पर फिर उठे सवाल
IAS–IPS का नौकरी से मोहभंग: VRS की कतार, बढ़ता पॉलिटिकल प्रेशर या सिस्टम से टकराव?
(बैतूल मोहन नागर)
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us