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देशभर में यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) के नए नियमों पर बहस चल रही है। इस बीच पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बड़ी बात कही है। उन्होंने जातिगत भेदभाव को नजरअंदाज करते हुए एक भारत एक भारतीय का नारा दिया है।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने ये बात मुंबई के बागेश्वर सनातन मठ में सत्यनारायण कथा के दौरान कही। उन्होंने UGC कानून पर समानता का महत्व बताया और समानता पर जोर दिया।
हम भारतीयों को बांटा न जाए
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में कहा कि भारत में असमानता नहीं होनी चाहिए,समानता होनी चाहिए। हम सब एक हैं। यहां न कोई अगड़ा हो, न कोई पिछड़ा हो।
कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री- भारत में सिर्फ भारतीय हों, यही हमारी भारत से प्रार्थना है। भारत सरकार से भी अपील है कि हमें आपस में न बांटा जाए, बल्कि जोड़ा जाए।
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पंडित धीरेंद्र शास्त्री का नारा
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हम सब हिंदू एक हैं का नारा तीन बार दोहराया। उन्होंने एकता की अहमियत को समझाते हुए कहा कि इसी वजह से उन्होंने सभी समाज की बेटियों के सामूहिक विवाह आयोजित किए हैं। इसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और सेवक सभी समाज के लोग शामिल हुए हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जिस मंडप में पंडित की बेटी का विवाह होगा, उसी मंडप में क्षत्रिय और वैश्य की बेटी का भी विवाह होगा। इसका मतलब यह है कि कोई भी बड़ा या छोटा नहीं होता है।
क्या है UGC की नई इक्विटी नीति 2026?
यूजीसी ने उच्च शिक्षा के लिए एक नया नियम जारी किया है। इसे 13 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर घोषित किया गया था। देशभर में यह नियम 15 जनवरी से लागू हो चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य कॉलेजों में भेदभाव को पूरी तरह खत्म करना है। जाति या धर्म के आधार पर अब भेदभाव नहीं होगा।
लिंग और जन्म स्थान को लेकर भी सख्ती बरती जाएगी। सभी छात्रों को संस्थान में समान अधिकार (top education news) दिए जाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में समानता लाने की यह बड़ी कोशिश है। सरकार भेदभाव को जड़ से खत्म करने का दावा कर रही है।
इक्विटी नीति के मेन पॉइंट्स
- EOC का गठन: हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में 'इक्वल अपॉरच्युनिटी सेंटर' (Equal Opportunity Center) बनाना अनिवार्य होगा।
- इक्विटी स्क्वाड (Equity Squad): कैंपस में निगरानी रखने और भेदभाव की घटनाओं को रोकने के लिए एक विशेष स्क्वाड बनाया जाएगा।
- समता समिति (Equality Committee): भेदभाव की शिकायतों के निपटारे के लिए एक समिति बनेगी, जिसमें SC/ST, OBC, दिव्यांग और महिलाओं का प्रतिनिधित्व होगा।
- त्वरित कार्रवाई: शिकायत मिलने पर 24 घंटे के भीतर बैठक और 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपना अनिवार्य है।
UGC विवाद पर इंदौर में प्रदर्शन
यूजीसी के नए नियम को लेकर देश भर में विवाद चल रहा है। इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में सामान्य वर्ग के छात्र विरोध- प्रदर्शन कर किया था। छात्रों, सामाजिक संगठनों और राजपूत करणी सेना ने मिलकर अपना गुस्सा जाहिर किया था।
प्रदर्शन के दौरान आरएनटी मार्ग पर स्थित कैंपस में बड़ी भीड़ जमा हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने नई नीति को छात्र विरोधी करार दिया है। यूजीसी ने समानता (Big decision of UGC) लाने के लिए यह नियम बनाए थे। छात्र चाहते हैं कि इन नियमों में तुरंत बदलाव हो।
इंदौर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता राहुल सिंह जादौन और शुभम सिंह राजपूत का कहना है कि यह नियमावली भेदभाव मिटाने के बजाय एक नए प्रकार का भेदभाव पैदा कर रही है।
क्या है छात्रों की मांगें?
समान प्रतिनिधित्व: इक्विटी कमेटियों में सभी वर्गों के सदस्यों को शामिल किया जाए।
दुरुपयोग पर दंड: झूठी शिकायतों के खिलाफ सख्त दंडात्मक प्रावधान वापस जोड़े जाएं।
निष्पक्ष जांच: हर छात्र के लिए Fair Inquiry और Due Process का पालन हो।
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