न शर्मा बचेंगे न वर्मा, धीरेंद्र शास्त्री ने क्यों दिया ऐसा बयान?

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आरएसएस के शताब्दी वर्ष हिंदू सम्मेलन में कास्टवाद पर निशाना साधा, राष्ट्रवाद की बात की। बांग्लादेश के उदाहरण के साथ अपना बयान दिया।

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Sanjay Dhiman
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Neither Sharma nor Verma will be saved, why did Dhirendra Shastri give such a statement

Photograph: (the sootr)

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NEWS IN SHORT

  • धीरेंद्र शास्त्री ने RSS सम्मेलन में कास्टवाद पर हमला किया
  • तिरंगे में चांद का उदाहरण देते हुए बोले तिरंगे में चांद आ गया तो कोई हिंदू नहीं बचेगा।
  • शास्त्री ने बांग्लादेश में हुए अत्याचारों का उदाहरण देते हुए कास्टवाद के खतरों को उजागर किया।
  • शास्त्री ने कहा कि हिंदू समाज में जाति की दीवारें नहीं होनी चाहिए, राष्ट्र और धर्म की एकता जरूरी है।
  • शास्त्री बांदा में हनुमंत कथा कर रहे हैं, जहां श्रद्धालु भारी संख्या में शामिल हो रहे हैं। 

NEWS IN DETAIL

Baanda. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उत्तर प्रदेश के बांदा में आयोजित आरएसएस के शताब्दी वर्ष हिंदू सम्मेलन में बड़ा बयान दिया। अपने संबोधन के दौरान, शास्त्री ने कास्टवाद (Casteism) पर जमकर निशाना साधा और राष्ट्रवाद (Nationalism) को सबसे ऊपर रखने की बात कही। उनका कहना था कि देश को आज जातिवाद की नहीं, बल्कि एकता और राष्ट्रवाद की जरूरत है। 

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जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया..

शास्त्री ने सम्मेलन में यह भी कहा कि जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया, उस दिन न तो शर्मा बचेंगे, न वर्मा बचेंगे, न क्षत्रिय बचेंगे, न रविदास वाले बचेंगे, न तुलसीदास वाले बचेंगे। यानी कोई भी हिंदू नहीं बचेगा। उनका यह बयान बांग्लादेश के उदाहरण के साथ था। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में एक-एक विधवा के साथ 40-40 लोगों ने रेप किया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य डराना नहीं है, वे हिंदू समाज को जागरूक करना चाहते हैं। 

राष्ट्रवाद की आवश्यकता पर जोर

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर ने साफ शब्दों में कहा कि हिंदू समाज को अब जातिवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि यदि हिंदू समाज में जातियों के बीच दीवारें खड़ी की जाती हैं तो इसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ेगा। उनका संदेश था कि हमें जातिवाद को खत्म करके राष्ट्र और धर्म की एकता को मजबूत करना चाहिए। 

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RSS के शताब्दी वर्ष पर कार्यक्रम

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के संबोधन को सुनने के लिए भारी भीड़ जुटी थी।

हनुमंत कथा का आयोजन

इस बीच, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बांदा में हनुमंत कथा का आयोजन कर रहे हैं। उनके इस धार्मिक कार्यक्रम में भी भारी भीड़ उमड़ रही है। यहां श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह बयान अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन चुका है। उनके बयान का उद्देश्य हिंदू समाज में जातिवाद की दीवारों को गिराना और एकता को बढ़ावा देना था।

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