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News In Short
धीरेंद्र शास्त्री ने कथा के धन को मंदिरों के बजाय अस्पतालों और समाज सेवा में लगाने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा, हम किडनी तक बेच देंगे, लेकिन धर्मांतरण नहीं होने देंगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने मंदिरों के सरकारी नियंत्रण को खत्म करने और चढ़ावे का उपयोग समाज की भलाई में करने की अपील की।
बांग्लादेश में हुई क्रूर घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने हिंदू-मुस्लिम विषय पर अपनी चिंता जताई।
समाज के भले के लिए बागेश्वर महाराज पैदल यात्रा करते हैं और रातों को कथा सुनाते हैं।
News In Detail
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के आमगांव में इन दिनों कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री श्रीराम कथा करा रहे हैं। कथा के दूसरे दिन उन्होंने कुछ अहम विषयों पर अपनी बात रखी है। धीरेंद्र शास्त्री ने साफ कहा कि वह कथाओं से जो धन प्राप्त करते हैं। वह मंदिरों के बजाय अस्पतालों की स्थापना में उपयोग करते हैं।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कहा-
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, हम सेवा वाला बाबा बनना चाहते हैं। हम गरीबों का इलाज करना चाहते हैं, ताकि कोई गरीब धर्मांतरण के नाम पर मजबूर न हो। उन्होंने आगे कहा, हम तुम्हारे लिए किडनी तक बेच देंगे, लेकिन धर्मांतरण मत करो।
अब पंडित धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। साथ ही समाज में एक नई सोच को जन्म दिया है।
मंदिरों की बजाय गरीबों के लिए अस्पताल चाहिए
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस पर भी जोर दिया कि देश में पहले से कई बड़े मंदिर मौजूद हैं। लेकिन क्या केवल मंदिरों से हिंदुओं का धर्मांतरण रुक पाया है? हिंदुओं के चढ़ावे से मंदिर तो बड़े हो रहे हैं, लेकिन समाज का भला नहीं हो रहा है।” उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए और मंदिरों में आने वाले चढ़ावे का उपयोग गरीब हिंदू बेटियों की शादी और सेवा कार्यों में किया जाना चाहिए।
बांग्लादेश की घटना का जिक्र
धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश हाल ही में हुई एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक हिंदू विधवा महिला के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। उन्होंने इसके बाद एक और घटना का जिक्र करते हुए कि कुछ समय पहले एक 8 साल की बच्ची के साथ 20 लोगों ने अमानवीय अपराध किया। महाराज ने कहा कि कुछ लोग इसे हिंदू-मुस्लिम मुद्दा नहीं मानते, लेकिन हमें देश के भविष्य, हमारे बच्चों, उनकी जमीनों और उनके अधिकारों की चिंता है।
महाराज ने यह भी कहा कि उनकी ये सारी गतिविधियां समाज के भले के लिए हैं। “हम पैदल यात्रा करते हैं, रातों को जागकर कथा करते हैं और सोते नहीं, ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए एक बेहतर समाज और सुरक्षा बनाई जा सके। हिंदू-मुस्लिम मुद्दे।पंडित धीरेंद्र शास्त्री का बयान
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