पंडित धीरेंद्र शास्त्री के महाकुंभ वाले बयान पर कोर्ट का बड़ा फैसला, याचिका खारिज
Jitendra Shrivastava | Oct 11, 2025, 23:55 IST
Photograph: (thesootr)
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को शहडोल न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान को धार्मिक प्रवचन की मर्यादा में पाया और आरोपों को बेबुनियाद ठहराया। जानें कब दिया था ये बयान और कोर्ट ने क्यों कर दिया खारिज...
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को शहडोल न्यायालय ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने उनके खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि शास्त्री ने प्रयागराज महाकुंभ के दौरान यह कहा था कि जो महाकुंभ में नहीं आएगा, वह पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा।
इस बयान को लेकर संदीप तिवारी ने याचिका दायर की थी, जिसमें आरोप था कि यह बयान असंवैधानिक और भड़काऊ है, और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66A, 67 के तहत कार्रवाई की मांग की थी। याचिका में यह भी दावा किया गया था कि शास्त्री ने धार्मिक भावनाओं को भड़काया और समाज में अशांति पैदा करने की कोशिश की।
ये खबर भी पढ़ें...
कफ सिरप के घातक असर के बाद एमपी सरकार ने मांगें दवाओं की जांच के अधिकार
कोर्ट की सुनवाई के दौरान पंडित शास्त्री की तरफ से उनके अधिवक्ता समीर अग्रवाल ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह बयान धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवचन के तहत दिया गया था, और इसमें किसी भी व्यक्ति या वर्ग का अपमान नहीं किया गया। शास्त्री के बयान को किसी प्रकार की उकसावे वाली भाषा के रूप में नहीं लिया जा सकता था।
अदालत ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद पाया कि परिवाद में कोई ठोस प्रमाण नहीं है, और इस कारण से शास्त्री के खिलाफ किसी भी प्रकार के कानूनी कदम उठाने की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने संज्ञान लेने से इनकार कर दिया और याचिका को खारिज कर दिया।
ये खबरें भी पढ़ें...
भोपाल के अस्पताल में ऑपरेशन के टेबल पर थे मरीज, बत्ती गुल होने के बाद जनरेटर भी नहीं हुआ चालू
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें
शहडोल कोर्ट का फैसला आने के बाद पंडित धीरेंद्र शास्त्री के अधिवक्ता समीर अग्रवाल ने कहा कि यह अदालत का निर्णय न्याय की जीत है। उन्होंने कहा, "यह दिखाता है कि किसी की छवि को अफवाहों और गलत व्याख्याओं के आधार पर धूमिल नहीं किया जा सकता। यह मामला धार्मिक प्रवचन की मर्यादा से जुड़ा था और कोई भी आपत्तिजनक उद्देश्य नहीं था।"
अधिवक्ता ने यह भी कहा कि अदालत ने यह स्पष्ट किया कि किसी के खिलाफ बिना ठोस प्रमाण के कोई मामला नहीं चलाया जा सकता। इस फैसले से एक महत्वपूर्ण संदेश गया है कि न्यायालय को केवल वास्तविक तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए, न कि समाज में चल रही अफवाहों के आधार पर।
ये खबर भी पढ़ें...
मानसून गया नहीं ठंड का असर शुरू, पहाड़ों में बर्फबारी से एमपी के कई शहरों का पारा लुढ़का
यह फैसला पंडित धीरेंद्र शास्त्री के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। उनके खिलाफ विवादों और आरोपों का सामना करना पड़ा था, लेकिन अदालत ने यह साबित कर दिया कि बिना ठोस प्रमाण के किसी पर आरोप लगाना गलत है। इस फैसले से यह भी सिद्ध हुआ कि किसी व्यक्ति या धर्मगुरु के बयान को संदर्भ और उद्देश्य के बिना गलत तरीके से पेश करना समाज में भ्रम पैदा कर सकता है।
यह फैसला न केवल पंडित धीरेंद्र शास्त्री के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि धार्मिक प्रवचन और आध्यात्मिक बातों को राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं तोड़ा-मरोड़ा जा सकता।
याचिका पर कोर्ट ने क्या कहा?
ये खबर भी पढ़ें...
कफ सिरप के घातक असर के बाद एमपी सरकार ने मांगें दवाओं की जांच के अधिकार
कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद पाया कि परिवाद में कोई ठोस प्रमाण नहीं है, और इस कारण से शास्त्री के खिलाफ किसी भी प्रकार के कानूनी कदम उठाने की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने संज्ञान लेने से इनकार कर दिया और याचिका को खारिज कर दिया।
ये खबरें भी पढ़ें...
भोपाल के अस्पताल में ऑपरेशन के टेबल पर थे मरीज, बत्ती गुल होने के बाद जनरेटर भी नहीं हुआ चालू
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें
न्याय का संदेश
अधिवक्ता ने यह भी कहा कि अदालत ने यह स्पष्ट किया कि किसी के खिलाफ बिना ठोस प्रमाण के कोई मामला नहीं चलाया जा सकता। इस फैसले से एक महत्वपूर्ण संदेश गया है कि न्यायालय को केवल वास्तविक तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए, न कि समाज में चल रही अफवाहों के आधार पर।
ये खबर भी पढ़ें...
मानसून गया नहीं ठंड का असर शुरू, पहाड़ों में बर्फबारी से एमपी के कई शहरों का पारा लुढ़का
फैसले का असर
यह फैसला न केवल पंडित धीरेंद्र शास्त्री के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि धार्मिक प्रवचन और आध्यात्मिक बातों को राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं तोड़ा-मरोड़ा जा सकता।
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava