भोपाल आएंगे पीएम: 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर किसानों को दे सकते हैं जैविक खेती का संदेश

Pawan Modiya | May 27, 2026, 23:30 IST
Share
27-2
27-2

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून को भोपाल आएंगे। विश्व पर्यावरण दिवस पर वे जैविक खेती का बड़ा संदेश दे सकते हैं। देश में यूरिया और DAP संकट बढ़ रहा है। चीन की पाबंदियों ने हालात कठिन किए हैं। सरकार अब जैविक खेती को बड़ा विकल्प बनाने की तैयारी में है।

5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून को भोपाल आ रहे हैं।
  • कार्यक्रम विश्व पर्यावरण दिवस से जुड़ा हुआ है।
  • देश में यूरिया और DAP संकट गहराता दिख रहा है।
  • सरकार जैविक खेती को बड़े विकल्प की तरह पेश कर रही।
  • किसान बढ़ती लागत और खाद कमी से परेशान हैं।

पीएम मोदी का भोपाल दौरा क्यों खास माना जा रहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून को भोपाल आएंगे। यह दिन विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। भाजपा इसे 12 साल पूरे होने से जोड़ रही है। अभियान का नाम “विश्वास, विकास और जन कल्याण” रखा गया। माना जा रहा है कि मोदी बड़ा कृषि संदेश देंगे। फोकस जैविक खेती और जैविक खाद पर रहेगा। सरकार खेती को नए मॉडल की तरफ ले जाना चाहती। इसके पीछे खाद संकट बड़ी वजह माना जा रहा।

भारत में खाद संकट कितना गंभीर हो चुका है?

भारत दुनिया का बड़ा फर्टिलाइजर उपभोक्ता देश है। लेकिन घरेलू उत्पादन जरूरत से काफी कम है। देश में यूरिया की मांग करीब 450 लाख टन बताई जाती। उत्पादन क्षमता करीब 350 लाख टन मानी जाती है। बाकी जरूरत आयात से पूरी करनी पड़ती है। DAP के मामले में स्थिति और ज्यादा कठिन है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। वैश्विक संकट का असर सीधे किसानों पर पड़ता है।

चीन के फैसले से भारत क्यों परेशान हुआ?

खाद संकट की बड़ी वजह चीन की नीति बताई जा रही। चीन कई बार निर्यात पर रोक लगा चुका है। जून 2023 में यूरिया निर्यात रोका गया था।
फिर अक्टूबर 2025 में नई पाबंदी लगा दी गई। इससे भारत की सप्लाई चेन प्रभावित हो गई। DAP की उपलब्धता तेजी से कम होने लगी। EV बैटरी उद्योग भी फॉस्फेट का बड़ा उपयोग कर रहा। इससे DAP बनाने वाली सामग्री महंगी हुई। लाल सागर संकट ने शिपिंग लागत भी बढ़ाई।आयात अब पहले से ज्यादा महंगा पड़ रहा।

किसान पर खाद संकट का क्या असर दिख रहा?

किसानों की सबसे बड़ी चिंता समय पर खाद मिलना है। DAP और यूरिया की किल्लत बढ़ती जा रही है। कई जगह लंबी लाइनें लग रही हैं। ब्लैक मार्केट की शिकायतें भी बढ़ी हैं। 266 रुपए की यूरिया थैली महंगी बिकने लगी। छोटे किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। समय पर खाद नहीं मिली तो बुआई प्रभावित होगी। इससे उत्पादन घटने का खतरा बढ़ेगा। गेहूं, धान और मक्का पर सबसे ज्यादा असर होगा। फसल कम हुई तो आमदनी भी घटेगी।

ChatGPT Image May 27, 2026, 10_47_42 PM
ChatGPT Image May 27, 2026, 10_47_42 PM


जैविक खेती पर सरकार इतना जोर क्यों दे रही?

सरकार अब जैविक खेती को बड़ा विकल्प मान रही। परंपरागत कृषि विकास योजना पर फोकस बढ़ाया गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार लाखों किसान इससे जुड़े हैं। करीब 15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती में शामिल बताया गया। सरकार रासायनिक खाद पर निर्भरता घटाना चाहती है। इससे आयात बोझ कम करने की कोशिश होगी। लेकिन चुनौती यह है कि बदलाव आसान नहीं होगा। किसान तुरंत पूरी तरह जैविक खेती नहीं अपना सकते।

दोराहे पर खड़ा है किसान

भारत की खेती एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां दो रास्ते हैं और दोनों आसान नहीं। रासायनिक खाद पर निर्भरता इतनी गहरी हो चुकी है कि चीन के एक फैसले से पूरे देश के किसान हिल जाते हैं। दूसरी तरफ जैविक खेती का रास्ता सही है, लेकिन रातोंरात नहीं अपनाया जा सकता। पीएम मोदी का भोपाल दौरा एक जरूरी संदेश देगा, यह मानना चाहिए। लेकिन संदेश से पेट नहीं भरता, नीति से भरता है। किसान को खाद भी चाहिए और भरोसा भी कि बदलाव की कीमत वही अकेला नहीं चुकाएगा। - हरीश दिवेकर, वरिष्ठ पत्रकार, भोपाल

बाजार और आम लोगों पर क्या असर होगा?

अगर खाद संकट बढ़ा तो उत्पादन घट सकता है। इसका असर बाजार कीमतों पर दिखेगा। दाल, गेहूं और सब्जियां महंगी हो सकती हैं। महंगाई का असर शहरों तक पहुंचेगा। सरकारी राशन योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। खरीद और भंडारण पर दबाव बढ़ेगा।

क्या पीएम मोदी का संदेश बड़ा बदलाव ला पाएगा?

भोपाल दौरे को सरकार अहम संदेश की तरह देख रही। पर सवाल सिर्फ संदेश का नहीं है। किसानों को भरोसा और व्यवस्था दोनों चाहिए। खाद की उपलब्धता सबसे बड़ी जरूरत बनी हुई है। अगर तैयारी मजबूत नहीं हुई तो संकट बढ़ सकता है। अगले सीजन में हालात और कठिन होने की आशंका है।

ये खबरें भी पढ़ें...

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें: आरक्षक भर्ती घोटाला: 12 सॉल्वर गिरफ्तार

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा बनेंगे सुप्रीम कोर्ट के जज

भोपाल की बिगड़ती हवा पर एनजीटी सख्त: सर्दी से पहले विंटर प्लान बनाने का आदेश

भोपाल के कई इलाकों का पानी जहरीला, महापौर मालती राय बोली-लोगों को RO की जरूरत नहीं

Tags:
  • पीएम मोदी
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • भोपाल
  • चीन
  • जैविक खेती
  • खाद
  • पर्यावरण दिवस
  • यूरिया
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा