क से काबा, म से मस्जिद और न से नमाज! निजी स्कूल की नर्सरी में ये क्या हो रहा है? जानें पूरा मामला

Sandeep Kumar | Aug 09, 2025, 14:14 IST
Share
kaba-masjid-nawaz-controversy
kaba-masjid-nawaz-controversy

रायसेन के बेबी कॉन्वेंट स्कूल में नर्सरी विद्यार्थियों को उर्दू शब्दों से पढ़ाई पर विवाद उठ गया। विद्यार्थी परिषद और स्थानीय नागरिकों ने इसका विरोध किया।

रायसेन जिले के बेबी कॉन्वेंट स्कूल में नर्सरी कक्षा के छात्रों को हिंदी पाठ्यपुस्तक में उर्दू शब्द पढ़ाए जा रहे थे। यह मामला तब सामने आया जब एक छात्रा के चाचा ने पाठ्यपुस्तक पर ध्यान दिया। किताब में "न से नवाज", "म से मस्जिद", "क से काबा" जैसे शब्द थे। इस पर विरोध उठने लगा।

क्या है विवाद का कारण?

विवाद तब उठ खड़ा हुआ जब एक छात्रा के परिजन ने पाठ्यपुस्तक में उर्दू शब्द "औ से औरत हिजाब में थी" देखा। इसके बाद उन्होंने अन्य शब्दों की जांच की। उन्हें "न से नल" की जगह "न से नमाज", "म से मछली" की जगह "म से मस्जिद" और "क से कबूतर" की जगह "क से काबा" लिखा मिला। यह शब्द चयन विवाद का कारण बन गया।

ये भी पढ़ें...सीएम मोहन यादव का ऐलान: रायसेन में होगा रेलवे कोच का निर्माण, 2 हजार से ज्यादा को मिलेगा रोजगार

विद्यार्थी परिषद का विरोध

विवाद तब उठ खड़ा हुआ जब एक छात्रा के परिजन ने पाठ्यपुस्तक में उर्दू शब्द "औ से औरत हिजाब में थी" देखा। इसके बाद उन्होंने अन्य शब्दों की जांच की। उन्हें "न से नल" की जगह "न से नमाज", "म से मछली" की जगह "म से मस्जिद" और "क से कबूतर" की जगह "क से काबा" लिखा मिला। यह शब्द चयन विवाद का कारण बन गया।

ये भी पढ़ें...एमपी में अब घर बैठे मरीजों को मिलेगा ई-संजीवनी सेवा के जरिए ऑनलाइन इलाज, जानिए कैसे

5 पॉइंट्स में समझें पूरी स्टोरी



👉 रायसेन के निजी स्कूल स्कूल में नर्सरी कक्षा को उर्दू शब्द पढ़ाए जा रहे थे। इनमें "न से नमाज", "म से मस्जिद", "क से काबा" और "औ से औरत हिजाब में थी" शामिल थे। यह विवाद तब उठा जब एक छात्रा के परिजन ने इन शब्दों पर आपत्ति जताई।

👉अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और स्थानीय नागरिकों ने इन शब्दों को आपत्तिजनक मानते हुए विरोध किया। उन्हें चिंता थी कि छोटे बच्चों को धार्मिक संदर्भ से जुड़े शब्द पढ़ाए जा रहे हैं, जिससे समाज में विवाद उत्पन्न हो सकता है।

👉 स्कूल की प्रिंसिपल, ईए कुरैशी ने सफाई दी और इसे गलती माना। उन्होंने बताया कि पाठ्यपुस्तक भोपाल से मंगाई गई थी और बिना जांचे दी गई थी। प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि वे 30 वर्षों से स्कूल से जुड़े हैं और बच्चों को सही शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

👉 पाठ्यपुस्तक में उर्दू शब्दों का चयन विवादास्पद था। "न से नल" की जगह "न से नमाज", "म से मछली" की जगह "म से मस्जिद" और "क से कबूतर" की जगह "क से काबा" जैसे शब्दों पर सवाल उठे। इससे कई लोग असहमत हो गए।

👉 यह मामला न केवल रायसेन, बल्कि पूरे देश में शिक्षा प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। यह बहस उठती है कि क्या बच्चों को छोटे उम्र में धार्मिक संदर्भ से जुड़े शब्द सिखाना उचित है और बच्चों के मानसिक विकास के लिए कौन से शब्द और प्रतीक अधिक उपयुक्त हैं।

स्कूल का जवाब

स्कूल की प्रिंसिपल, ईए कुरैशी ने इस मामले पर सफाई दी और इसे एक गलती माना। उन्होंने बताया कि पाठ्यपुस्तक भोपाल से मंगवाई गई थी और बिना जांचे बच्चों को दी गई थी। प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि वे पिछले 30 वर्षों से इस स्कूल से जुड़े हैं और बच्चों को सही शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

ये भी पढ़ें...उज्जैन के राजा महाकाल को बांधी गई राखी, भक्तों में बंटेगा सवा लाख लड्डुओं का प्रसाद

नर्सरी कक्षा में उर्दू शब्दों की शिक्षा

यह मामला न केवल रायसेन, बल्कि पूरे देश में शिक्षा प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। क्या छोटे बच्चों को धार्मिक संदर्भ से जुड़े शब्द सिखाना उचित है? बच्चों के मानसिक विकास के लिए शिक्षा में कौन से शब्द और प्रतीक शामिल किए जाएं, इस पर बहस जारी है।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • MP
  • निजी स्कूल
  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
  • रायसेन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा