रिश्वत मांगने वाले असिस्टेंट डायरेक्टर को चार साल की जेल, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया
Vikram Jain | Feb 27, 2025, 23:44 IST
ratlam fisheries assistant director jailed for bribery
रतलाम में अदालत ने रिश्वत के मामले में फैसला सुनाते हुए मत्स्योद्योग के तत्कालीन सहायक संचालक को 4 साल की सजा और 2000 रुपए जुर्माने से दंडित किया है। जानें पूरा मामला
BHOPAL. मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। अब रतलाम में अदालत ने रिश्वत के चार साल पुराने मामले में मत्स्योद्योग के तत्कालीन सहायक संचालक को दोषी मानते हुए 4 साल की सजा सुनाई है। साथ ही दो हजार रुपए जुर्माना लगाया। यह मामला 2020 का है, जब सहायक संचालक ने एक मछली पालन संस्था से अनुदान जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की थी और लोकायुक्त के जाल में फंस गए थे।
दरअसल, साल 2020 में मछली पालन सहकारी संस्था पिपलौदी, जिला रतलाम के अध्यक्ष शोभाराम धाकड़ ने लोकायुक्त को शिकायत दी थी कि मत्स्योद्योग के सहायक संचालक बहादुर सिंह डामर ने संस्था को अनुदान राशि जारी करने के लिए 25 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की है। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने जांच शुरू की और बहादुर सिंह को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
ये खबर भी पढ़ें... लोकायुक्त का एक्शन, सामाजिक न्याय विभाग का क्लर्क रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, इसलिए मांगी थी घूस
अब मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय के विशेष न्यायाधीश आदित्य रावत ने मामले की सुनवाई करते हुए मत्स्योद्योग विभाग के अधिकारी बहादुर सिंह डामर को दोषी ठहराते हुए फैसला सुनाया है। अदालत ने बहादुर सिंह को 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 2 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। फैसले के बाद डामर को जेल भेज दिया गया।
ये खबर भी पढ़ें... SI पर पीटने, सोने की चेन लूटने और रिश्वत मांगने का आरोप, SP बोलीं- ऐसा कुछ नहीं हुआ, जांच जारी
प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी गोल्डन राय ने बताया कि 18 दिसंबर 2020 को फरियादी शोभाराम धाकड़ ने उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत की थी।। फरियादी धाकड़ ने शिकायत दी बताया था कि मत्सोद्योग के सहायक संचालक बहादुर सिंह डामर ने उनकी सहकारी संस्था पिपलौदी को पट्टा अनुबंध के तहत मिलने वाली अनुदान राशि जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की है। यह अनुबंध रूपनिया खाल जलाशय में मछली पालन के लिए किया गया था। डामर ने पहले 25 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी, और बाद में इसे घटाकर 10 हजार रुपए कर दिया था।
ये खबर भी पढ़ें... वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के शाखा प्रबंधक और ऑपरेटर 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
लोकायुक्त की शिकायत के बाद शोभाराम धाकड़ ने 22 दिसंबर 2020 को कार्यालय में जाकर अधिकारी बहादुर सिंह को 10 हजार रुपए की रिश्वत दी थी। इस दौरान लोकायुक्त टीम ने बहादुर सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया और काली डायरी में रखे रुपये जब्त कर लिए। इसके बाद लोकायुक्त ने मामले की जांच पूरी कर अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। अभियोग पत्र 30 नवंबर 2022 को न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
ये खबर भी पढ़ें... EOW ने आलोट जनपद के सहायक लेखाधिकारी को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा
जानें पूरा मामला
ये खबर भी पढ़ें... लोकायुक्त का एक्शन, सामाजिक न्याय विभाग का क्लर्क रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, इसलिए मांगी थी घूस
4 साल का सश्रम कारावास और जुर्माना
ये खबर भी पढ़ें... SI पर पीटने, सोने की चेन लूटने और रिश्वत मांगने का आरोप, SP बोलीं- ऐसा कुछ नहीं हुआ, जांच जारी
मछली पालन समूह से की थी रिश्वत की मांग
ये खबर भी पढ़ें... वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के शाखा प्रबंधक और ऑपरेटर 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
अधिकारी को रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार
ये खबर भी पढ़ें... EOW ने आलोट जनपद के सहायक लेखाधिकारी को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari