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आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। सीएम मोहन यादव ने अपने गृह नगर उज्जैन में शिप्रा तट पर ध्वज फहराया। यह पहला मौका है जब उन्होंने शिप्रा तट पर तिरंगा फहराया है।
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असल में, दो साल बाद इसी इलाके में सिंहस्थ कुंभ होने वाला है। कुंभ का मुख्य आयोजन कार्तिक मेला ग्राउंड के पास दत्त अखाड़ा और रामघाट पर होगा। इस बार गणतंत्र दिवस की परेड और मुख्य समारोह इसी क्षेत्र में रखा गया है ताकि सिंहस्थ मेला को प्रमोट किया जा सके।
बता दें कि भोपाल में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ध्वज फहराया। ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल सागर में रहेंगे, जबकि इंदौर में जगदीश देवड़ा मौजूद होंगे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पारिवारिक कारणों से छुट्टी पर हैं।
सीएम ने प्रदेशवासियों दी बधाई
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सीएम मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आप सभी को 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं। यह दिवस संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और एकता के प्रति निष्ठा का स्मरण कराता है। आइए, समृद्ध, सशक्त और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प लें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
सीएम ने क्या-क्या कहा बुलेट प्वाइंट में देखें...
- हमारी देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। खेती करने वाले भाईयों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मध्यप्रदेश में 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया गया है।
- वर्ष 2002-03 में कृषि बजट 600 करोड़ रुपए था। अब यह बढ़कर 27 हजार करोड़ से ज्यादा हो गया है। मध्यप्रदेश में कृषि विकास के लिए एक नया मॉडल तैयार किया गया है। इसमें 10 बहुउद्देशीय गतिविधियों को शामिल किया गया है। इसका मकसद समृद्ध किसान और समृद्ध प्रदेश की दिशा में काम करना है।
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- किसानों को समृद्ध बनाने के लिए उद्यानिकी फसलों का उत्पादन बढ़ावा दिया जा रहा है। उद्यानिकी फसलों का उत्पादन 344 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 425 लाख मीट्रिक टन हो गया है। मध्यप्रदेश टमाटर, धनिया, लहसुन और संतरे के उत्पादन में पहले स्थान पर है। प्रदेश पुष्प उत्पादन, सीताफल, प्याज, हरी मटर, नींबू और लाल मिर्च उत्पादन में भी अग्रणी है।
- मछली उत्पादन के बेहतर प्रबंधन से प्रदेश को विशेष पुरस्कार मिला है। प्रदेश मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। निजी भागीदारी भी इसमें बढ़ रही है। डेढ़ लाख से ज्यादा मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत ढाई हजार हेक्टेयर जलक्षेत्र में तालाब निर्माण हुआ है। इसके अलावा, मत्स्य बीज उत्पादन का काम भी किया गया है।
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- हमारा प्रदेश जल्द ही देश की दुग्ध राजधानी बनेगा। पशुपालन को किसानों और पशुपालकों के लिए लाभकारी बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं में प्रति गाय 40 रुपए की अनुदान राशि दी जा रही है। इस वित्त वर्ष में गौशालाओं के लिए बजट 250 करोड़ से बढ़ाकर 505 करोड़ किया गया है। प्रदेश में लगभग 3 हजार गौशालाएं 4.5 लाख गौमाताओं की देखभाल कर रही हैं।
- जन विश्वास अधिनियम 2024 और 2025 के तहत कई कानूनों को सरल किया गया है। अनावश्यक नियमों को हटाकर उद्योगों के विकास को नई दिशा दी गई है। प्रदेश में 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आए निवेश प्रस्तावों का एक तिहाई जमीन पर उतारा जा चुका है। दूसरे देशों के उद्योगपति भी मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने में रुचि ले रहे हैं।
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- उद्योग संवर्धन नीति के तहत 2025-26 में 1522 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी गई है। इस सहयोग से उद्यमियों का हौसला बढ़ा है। मध्यप्रदेश के उद्योग क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि धार जिले में पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखने की है। इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी 17 सितंबर 2025 को मध्यप्रदेश आए थे।
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- मध्यप्रदेश में छोटे और मझौले उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। अगर उद्यम सफल हो जाए तो एक साधारण व्यक्ति भी सक्षम बन सकता है। जहां सक्षम व्यक्ति उद्योग लगाता है, वहां उस क्षेत्र का विकास हो जाता है। उद्योग हमारे लिए मंदिरों जैसे हैं, जो रोजगार का आशीर्वाद देते हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत खादी ग्रामोद्योग की 572 इकाइयों को बैंकों से राशि दी गई। इससे 2560 शिल्पियों को रोजगार मिला।
- सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए अब तक 2300 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को मदद दी गई है। इन इकाइयों को 742 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता मिली है। वर्षों से लंबित निवेश प्रस्तावों का समाधान संभव हुआ है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत लगभग 500 करोड़ से अधिक का ऋण दिया गया है। इससे स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति मिली है।
आपको बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय के पूर्व नक्सलवाद की समाप्ति का कार्य किया गया है। मध्यप्रदेश में माओवादी नक्सली तत्वों का खात्मा कर दिया गया है : CM@DrMohanYadav51#RepublicDay#CMMadhyaPradeshpic.twitter.com/cD5a8ioUch
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 26, 2026
- गरीबों को घर देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में पिछले साल 11 लाख आवास मंजूर हुए। इनमें से 4 लाख से अधिक आवास बनकर तैयार हो गए हैं। इस साल हम सवा पांच लाख आवास बनाएंगे। मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना के तहत 20 हजार से अधिक बसाहटों तक सड़क पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए 21 हजार करोड़ से अधिक की राशि मंजूर की गई है।
- अन्य पिछड़े वर्ग के युवाओं को रोजगार देने के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। हाल ही में 21 युवाओं को विदेश में काम दिलवाया गया है। जापान और अन्य देशों में हमारे युवा अपनी प्रतिभा से पहचान बना रहे हैं।
- मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रदेश में 63 एकलव्य आदर्श विद्यालय हैं, जिनका लाभ 25 हजार से ज्यादा बच्चों को मिल रहा है। कक्षा 11वीं और 12वीं के दो लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति योजना का फायदा उठा रहे हैं।
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- प्रदेश में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को लगातार बढ़ाया जा रहा है। 2012 में नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 491 मेगावाट थी, अब यह 9508 मेगावाट हो चुकी है। मुरैना में प्रदेश की पहली ऊर्जा भंडारण परियोजना शुरू हो रही है, जिसे विश्व बैंक ने सराहा है। सरकार किसानों को सोलर पंप देने की योजना पर काम कर रही है। प्रदेश में 30 लाख विद्युत पंप को सोलर पंप में बदलने का लक्ष्य है।
- प्रदेश अब विद्युत के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है। भविष्य में आत्मनिर्भरता बनाए रखने के लिए विद्युत क्षमता में 1806 मेगावाट की वृद्धि की योजना है। इसमें से 851 मेगावाट क्षमता वृद्धि पहले ही पूरी की जा चुकी है। प्रदेश में गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे और कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 10 घंटे बिजली दी जा रही है।
- सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावान्तर योजना का लाभ दिया गया है। प्रदेश के सात लाख से अधिक किसानों को करीब 1300 करोड़ रुपए की भावान्तर राशि का भुगतान किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 में मध्यप्रदेश देश में पूर्ण आवासों के आधार पर प्रथम तीन सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शामिल है। स्वीकृत साढ़े नौ लाख आवासों में से 8 लाख 77 हजार आवास पूर्ण हो गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में 60 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं।
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 26, 2026
प्रदेश… pic.twitter.com/knjaluBT40
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