रिटायर्ड जज की गर्भवती बहू ने दी जान, ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
Sandeep Kumar | May 13, 2026, 23:52 IST
retired judge pregnant daughter
भोपाल के कटारा हिल्स में रिटायर्ड जज की गर्भवती बहू ट्विशा शर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और दबाव के आरोप लगाए हैं।
News in short
- ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया।
- ट्विशा के पति पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, ड्रग एडिक्शन का आरोप।
- ट्विशा ने मां से आखिरी बातचीत में मानसिक तनाव का जिक्र किया।
- पुलिस ने पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी और जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया।
- परिवार ने एफआईआर की मांग की, पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज किया, जांच जारी है।
News in Detail
मृतका के परिवार ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है और पुलिस से उचित जांच की मांग की है। उनका कहना है कि ट्विशा की मृत्यु आत्महत्या नहीं बल्कि सुसाइड का रूप धारण कर चुकी एक हत्या है।
ट्विशा की आखिरी बातचीत
फिर अचानक क्या हुआ कि उसने अपनी जान दे दी? ट्विशा के भाई ने परिवार को फोन करके बताया कि उसके पति ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था। ट्विशा ने कहा था कि वह नोएडा वापस जाना चाहती हैं। इसके लिए उनके परिवार ने टिकट भी बुक कर दिया था।
पति पर ड्रग एडिक्शन का आदी
उनका कहना था कि ट्विशा की मौत आत्महत्या नहीं हो सकती क्योंकि उसने कभी ऐसी कोई योजना नहीं बनाई थी। जलपा शर्मा ने कहा, वह सुसाइड नहीं कर सकती थीं, खासकर तब जब वह मानसिक रूप से परेशान होने के बावजूद परिवार की छवि की चिंता करती थीं। इसके अलावा, परिवार ने सामर्थ पर ड्रग्स के आरोप लगाए हैं और कहा कि वह ट्विशा को ड्रग एडिक्शन की ओर धकेल रहे थे।
पुलिस की जांच
परिवार ने एफआईआर की मांग की है, लेकिन पुलिस ने अभी तक आत्महत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजन अब भी शव को लेने से इंकार कर रहे हैं और बयान भी नहीं दे रहे हैं, जिससे जांच प्रक्रिया कठिन हो रही है।
ट्विशा के पति का बयान
पुलिस का कहना है कि परिवार ने उन्हें पहले एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा, लेकिन फिर शव लेने से मना कर दिया। यह स्थिति अभी भी बहुत तनावपूर्ण है, और जांच जारी है। पुलिस ने कहा कि यह मामला अत्यधिक सेंसिटिव है और जांच अधिकारी के स्तर पर इसकी निष्पक्षता से जांच की जाएगी।
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