इस साल MP में 1.25 लाख अधिकारी-कर्मचारी होंगे रिटायर, सरकारी कामकाज में आ सकती है चुनौतियां!
Sourabh Bhatnagar | Jan 10, 2025, 10:34 IST
thesootr
इस साल बड़े विभागों जैसे स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य से हर महीने औसतन 2100 कर्मचारियों के रिटायर होने की संभावना है। साल 2025 सरकारी महकमों के लिए एक विशेष चुनौती पेश करने वाला है।
साल 2025 सरकारी महकमों के लिए एक विशेष साल साबित होने जा रहा है, क्योंकि इस साल सर्वाधिक अफसर और कर्मचारी रिटायर होंगे। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में पहली से लेकर चौथी श्रेणी तक लगभग 1.25 लाख कर्मचारी रिटायर होने की उम्मीद है। यह संख्या पिछले साल से ढाई गुना अधिक है, और इस पर विचार किया जाए तो यह स्थिति सरकारी कार्यों और संचालन पर असर डाल सकती है। खासकर जब इन पदों पर भर्तियां नहीं हो रही हैं और कामकाजी क्षमता पर असर पड़ सकता है।
नए साल में मध्यप्रदेश को मिलेंगे नए प्रमुख सचिव, सचिव और पुलिस अधिकारी
यह स्थिति 1985 के नियमितीकरण की नीति के परिणामस्वरूप पैदा हुई है। तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने 15 जनवरी 1985 को दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने का आदेश दिया था, जिसकी संख्या उस समय 1 लाख से अधिक थी। इस दौरान 40 हजार कर्मचारियों की भर्ती मिनी पीएससी के माध्यम से की गई थी। इसके बाद 1985 से 1990 तक तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सबसे अधिक भर्ती हुई थी, लेकिन इसके बाद सीधी भर्ती पर अघोषित रूप से रोक लग गई। इन कर्मचारियों को पहले रिटायर होना था, लेकिन 2019 में रिटायरमेंट की आयु सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई।
CS अनुराग जैन समेत 20 सीनियर IAS 2025 में होंगे रिटायर
विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी विभागों को लगभग 10 साल पहले ही अपनी कैडर मैनेजमेंट पॉलिसी तैयार कर लेनी चाहिए थी। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को विभागों के पुराने सेटअप का विश्लेषण करके अगली नीति बनानी चाहिए थी, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके। अब सरकार के पास केवल आउटसोर्स से भर्ती करने और नए कैडर बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। मप्र के पूर्व सीएम, केएस शर्मा ने कहा कि बिना proper planning के आगे कोई भी नीति अधूरी साबित होगी।
अफसरों का रिटायरमेंट | मध्य प्रदेश में अफसरों का रिटायरमेंट | 2025 retirement | MP Government | मध्य प्रदेश समाचार | MP News
कर्मचारियों की भारी कमी, विशेष विभागों पर दबाव
राज्य सरकार के 61 विभागों में करीब 4.27 लाख अफसर और कर्मचारी कार्यरत हैं, जो पहले से ही संख्या में कमी का सामना कर रहे हैं। इस साल बड़े विभागों जैसे स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य से हर महीने औसतन 2100 अफसर और कर्मचारी रिटायर होंगे। वहीं, मंत्रालय से अकेले हर महीने 30 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इन विभागों में कर्मचारियों की कमी से कार्यों में बाधा आ सकती है।
रिटायरमेंट की बढ़ती संख्या
CS अनुराग जैन समेत 20 सीनियर IAS 2025 में होंगे रिटायर
विशेषज्ञों की राय - प्लानिंग की कमी
FAQ
- 1. 2025 में कितने कर्मचारी रिटायर होंगे?
2025 में लगभग 1.25 लाख कर्मचारी रिटायर होंगे, जो पिछले साल से ढाई गुना अधिक हैं। - 2. सरकार के किस विभाग में सबसे अधिक रिटायरमेंट हो रहे हैं?
स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य और मंत्रालय जैसे बड़े विभागों में सबसे अधिक रिटायरमेंट हो रहे हैं। - 3. 1985 का नियमितीकरण किससे संबंधित था?
1985 में अर्जुन सिंह सरकार ने दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने का आदेश दिया था, जिससे कर्मचारियों की संख्या बढ़ी। - 4. रिटायरमेंट की आयु सीमा कब बढ़ाई गई थी?
2019 में रिटायरमेंट की आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई थी। - 5. सरकार को इस समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए थे?
सरकार को लगभग 10 साल पहले ही कैडर मैनेजमेंट पॉलिसी तैयार कर लेनी चाहिए थी और विभागों का विश्लेषण करना चाहिए था।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
अफसरों का रिटायरमेंट | मध्य प्रदेश में अफसरों का रिटायरमेंट | 2025 retirement | MP Government | मध्य प्रदेश समाचार | MP News
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari