RGPV Scam: वीसी को हटाने के संकेत, 10 लोगों पर की गई FIR
BP shrivastava | Mar 04, 2024, 24:30 IST
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल में घोटाले के विरोध में धरना दे रहे ABVP के कार्यकर्ताओं से रविवार को चर्चा करते तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार।
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV Scam) के 19.48 करोड़ रुपए प्राइवेट अकाउंट में ट्रांसफर किए जाने के मामले में कुलपति सुनील कुमार को भी हटाया जा सकता है। इसके संकेत रविवार को तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने दिए हैं। ABVP का धरना जारी।
BHOPAL.राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV Scam) के करोड़ों रुपए प्राइवेट अकाउंट में ट्रांसफर किए जाने के मामले में कुलपति सुनील कुमार को भी हटाया जा सकता है। इसके संकेत रविवार को तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यूनिवर्सिटी के खाते से करीब 20 करोड़ रुपए निजी खातों में ट्रांसफर किए जाने के मामले में कार्रवाई केवल रजिस्ट्रार तक सीमित नहीं रहेगी। रुपए ट्रांसफर किए जाने के मामले में चैक पर जिन-जिन अधिकारियों के साइन हैं, सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। देर शाम कुलपति और पूर्व रजिस्ट्रार सहित 10 पर FIR की गई।
मंत्री परमार यूनिवर्सिटी में भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर धरना दे रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP)कार्यकर्ताओं से चर्चा करने RGPV पहुंचे थे। यहां बता दें, प्राइवेट खातों में ट्रांसफर की गई राशि के कई चैक पर यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ. आरएस राजपूत और कुलपति सुनील कुमार के साइन जांच समिति को मिले हैं।
मंत्री परमार ने RGPV में मीडिया से कहा कि रात में बैठक कर हमने तय किया है कि रिपोर्ट आई है, उसके आधार पर FIR दर्ज करा रहे हैं। केवल रजिस्ट्रार ही नहीं बल्कि इस मामले में और भी जो - जो लोग हैं, चैक पर जिनके साइन हुए हैं। सभी को मुलजिम बनाया जा रहा है। तत्काल प्रभाव से FIR करके यूनिवर्सिटी में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इसलिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। हम हर चीज की मुद्देवार जांच कराएंगे। हम उसकी आज ही FIR दर्ज करवाएंगे।
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मंत्री परमार ने बताया कि वित्तीय गड़बड़ी में एक - दो लोगों की सहभागिता नहीं है। इसमें बहुत बड़ा घोटाला संभावित है। जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। समिति में नए लोग जोड़े जा रहे हैं। एक प्रकार से हर चीज की मुद्देवार जांच कराने का काम करेंगे। प्रथम दृष्टया यूनिवर्सिटी के अकाउंट में 20 करोड़ रुपए की हेराफेरी का मामला सिद्ध हो चुका है। इसमें FIR करा रहे हैं।
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देर शाम आरजीपीवी गड़बड़ी मामले में कुलपति सुनील कुमार, पूर्व रजिस्ट्रार आरएस राजपूत, ऋषिकेश वर्मा, मयंक कुमार, दलित संघ सुहागपुर सहित अन्य 5 लोगों पर FIR की गई।
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RGPV कुलपति सुनील कुमार ने बताया कि यूनिवर्सिटी में कंट्रोलर फायनेंस का पद अक्टूबर 2013 से खाली है। यूनिवर्सिटी के कंट्रोलर फायनेंस के रिटायर होने के बाद नए कंट्रोलर की पदस्थापना नहीं हुई है। इस कारण यूनिवर्सिटी के अकाउंट से दूसरे खातों में ट्रांसफर हुए अमाउंट के चैक पर साइन किए हैं। जिन चैक पर साइन किए हैं, उन सभी चैक की प्रशासकीय स्वीकृति रजिस्ट्रार के मार्फत आई थी।
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आरजीपीवी में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कार्यकर्ताओं का धरना रविवार को भी जारी रहा। एबीवीपी कार्यकर्ता 19 फरवरी से यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन के सामने धरना दे रहे हैं। एवीबीपी की मांग है कि विश्वविद्यालय के अकाउंट से प्राइवेट अकाउंट में जो 19.48 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए हैं, उसकी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। एबीवीपी के प्रांत मंत्री संदीप वैष्णव ने कहा कि हमारी मांग, दोषियों के खिलाफ FIR की है और इन्हें तत्काल पद से हटाने की है। इसके बाद ही धरना समाप्त होगा। मंत्री परमान ने FIR कराने की बात तो कही है, लेकिन रविवार शाम तक किसी के खिलाफ FIR नहीं हुई है।
चैक पर रजिस्ट्रार के साथ वीसी के भी साइन
मंत्री परमार यूनिवर्सिटी में भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर धरना दे रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP)कार्यकर्ताओं से चर्चा करने RGPV पहुंचे थे। यहां बता दें, प्राइवेट खातों में ट्रांसफर की गई राशि के कई चैक पर यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ. आरएस राजपूत और कुलपति सुनील कुमार के साइन जांच समिति को मिले हैं।
मंत्री परमार ने RGPV में मीडिया से कहा कि रात में बैठक कर हमने तय किया है कि रिपोर्ट आई है, उसके आधार पर FIR दर्ज करा रहे हैं। केवल रजिस्ट्रार ही नहीं बल्कि इस मामले में और भी जो - जो लोग हैं, चैक पर जिनके साइन हुए हैं। सभी को मुलजिम बनाया जा रहा है। तत्काल प्रभाव से FIR करके यूनिवर्सिटी में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इसलिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। हम हर चीज की मुद्देवार जांच कराएंगे। हम उसकी आज ही FIR दर्ज करवाएंगे।
ये खबर भी पढ़ें...200 करोड़ की एफडी मामले की जांच कमेटी को छात्रों ने किया कमरे में बंद, कुलपति की नेम प्लेट उखाड़ी
मंत्री परमार ने कहा- बहुत बड़ा घोटाला संभावित
मंत्री परमार ने बताया कि वित्तीय गड़बड़ी में एक - दो लोगों की सहभागिता नहीं है। इसमें बहुत बड़ा घोटाला संभावित है। जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। समिति में नए लोग जोड़े जा रहे हैं। एक प्रकार से हर चीज की मुद्देवार जांच कराने का काम करेंगे। प्रथम दृष्टया यूनिवर्सिटी के अकाउंट में 20 करोड़ रुपए की हेराफेरी का मामला सिद्ध हो चुका है। इसमें FIR करा रहे हैं।
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कुलपति सहित 10 के खिलाफ भी FIR
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देर शाम आरजीपीवी गड़बड़ी मामले में कुलपति सुनील कुमार, पूर्व रजिस्ट्रार आरएस राजपूत, ऋषिकेश वर्मा, मयंक कुमार, दलित संघ सुहागपुर सहित अन्य 5 लोगों पर FIR की गई।
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खाली है RGPV में कंट्रोलर फायनेंस का पद
RGPV कुलपति सुनील कुमार ने बताया कि यूनिवर्सिटी में कंट्रोलर फायनेंस का पद अक्टूबर 2013 से खाली है। यूनिवर्सिटी के कंट्रोलर फायनेंस के रिटायर होने के बाद नए कंट्रोलर की पदस्थापना नहीं हुई है। इस कारण यूनिवर्सिटी के अकाउंट से दूसरे खातों में ट्रांसफर हुए अमाउंट के चैक पर साइन किए हैं। जिन चैक पर साइन किए हैं, उन सभी चैक की प्रशासकीय स्वीकृति रजिस्ट्रार के मार्फत आई थी।
ये खबर भी पढ़ें...10 दिन के बाद देंगे बेदखली का दूसरा नोटिस, फिर जबरन खाली कराएंगे बंगला
दोषियों के खिलाफ FIR के बाद ही खत्म होगा धरना
आरजीपीवी में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कार्यकर्ताओं का धरना रविवार को भी जारी रहा। एबीवीपी कार्यकर्ता 19 फरवरी से यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन के सामने धरना दे रहे हैं। एवीबीपी की मांग है कि विश्वविद्यालय के अकाउंट से प्राइवेट अकाउंट में जो 19.48 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए हैं, उसकी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। एबीवीपी के प्रांत मंत्री संदीप वैष्णव ने कहा कि हमारी मांग, दोषियों के खिलाफ FIR की है और इन्हें तत्काल पद से हटाने की है। इसके बाद ही धरना समाप्त होगा। मंत्री परमान ने FIR कराने की बात तो कही है, लेकिन रविवार शाम तक किसी के खिलाफ FIR नहीं हुई है।
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