SAF की छठी बटालियन में टीए-मेडिकल बिल घोटाला: 3.5 करोड़ के गबन पर 15 जवानों के खिलाफ FIR

जबलपुर स्थित SAF की छठी बटालियन रांझी में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है। वर्ष 2022 से 2025 के बीच 3.5 करोड़ रुपए का गबन हुआ है। 15 SAF जवानों को आरोपी बनाया गया है।

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Neel Tiwari
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SAF 6th battalion TA medical

News in Short

  • SAF छठी बटालियन रांझी में TA और मेडिकल बिलों में फर्जीवाड़ा।
  • वर्ष 2022 से 2025 के बीच 3.5 करोड़ के गबन का आरोप।
  • मुख्य आरोपी ASI सत्यम शर्मा सहित कुल 15 SAF जवान आरोपी।
  • फर्जी बिलों से कई खातों में 10-10 लाख से ज्यादा की ट्रांसफर।
  • एक नामजद आरोपी अभिषेक झरिया कर चुका है आत्महत्या।

News in detail 

जबलपुर स्थित SAF की 6वीं बटालियन रांझी में ट्रैवलिंग अलाउंस (TA) और मेडिकल बिलों के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। वर्ष 2022 से 2025 के बीच हुए इस घोटाले में लगभग 3.5 करोड़ रुपए का गबन हुआ है। मामले में मुख्य आरोपी सहित कुल 15 SAF जवानों को आरोपी बनाया गया है, जिनके खिलाफ थाना रांझी में अपराध दर्ज किया गया है।

ASP सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि SAF छठी बटालियन रांझी के डिप्टी कमांडेंट विजय कुमार थाना रांझी पहुंचे। एक लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रतिवेदन में बटालियन के यात्रा भत्ते (TA) और मेडिकल बिलों में गंभीर अनियमितताओं और धोखाधड़ी का उल्लेख किया गया था।

ASP Suryakant Sharma

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फर्जी बिल बनाकर निकाली गई सरकारी राशि

प्रतिवेदन में बताया गया है कि TA शाखा में ASI सत्यम शर्मा, रक्षक अभिषेक झरिया और अन्य कर्मचारियों ने फर्जी TA और मेडिकल बिल तैयार किए। इन बिलों के आधार पर सरकारी राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। कई खातों में 10-10 लाख से अधिक जमा पाए गए।

तैयार हुए फर्जी दस्तावेज

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने अन्य कर्मचारियों के नाम और विवरण का दुरुपयोग करते हुए फर्जी बिल तैयार किए। वास्तविक यात्रा या इलाज न होने के बावजूद भुगतान दर्शाकर सरकारी धन का गबन किया गया।

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15 SAF जवान बनाए गए आरोपी

मुख्य आरोपी के अलावा इस प्रकरण में कुल 15 SAF के जवानों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार कुछ आरोपी सीधे तौर पर फर्जी बिल तैयार करने में शामिल थे। कुछ के खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई है, जिसकी जांच की जा रही है।

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एक आरोपी ने की आत्महत्या

इस मामले में नामजद आरोपी रक्षक अभिषेक झरिया ने कुछ दिन पूर्व आत्महत्या कर ली थी। ASP के अनुसार आत्महत्या के बावजूद मामले की विवेचना जारी है। सभी संदिग्ध लेन-देन की गहन जांच की जा रही है।

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अन्य नाम जुड़ने और गिरफ्तारी के संकेत

पुलिस का कहना है कि जिन खातों में 10 लाख से अधिक की संदिग्ध राशि ट्रांसफर हुई है। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद अन्य आरोपियों के नाम भी प्रकरण में जोड़े जाएंगे। जल्द ही गिरफ्तारी कर मामले का निराकरण किया जाएगा।

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