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Photograph: (the sootr)
सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश के सागर से जुड़े बहुचर्चित मामले में पूर्व गृहमंत्री और वर्तमान खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह सहित सागर के एसपी, कलेक्टर और पूर्व मंत्री के भतीजे लखन सिंह को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, वर्तमान भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के भतीजे लखन सिंह के क्रेशर पर लगे गिट्टी के ढेर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है, जिसकी चपेट में एक 12 साल का बच्चा आ गया था।
इस घटना में मासूम बच्चे का एक हाथ काटना पड़ा था। इस मामले में मासूम मानस के पिता राकेश शुक्ला और कांग्रेस नेता अंशुल सिंह परिहार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की। देश की सबसे बड़ी अदालत ने दूसरे पक्ष को चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
पुलिस ने नहीं दर्ज की थी पिता की एफआईआर
मानस के पिता राकेश शुक्ला ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए कई बार पुलिस अधिकारियों से अनुरोध किया, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद, उन्होंने सागर एसपी और अन्य अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर पिता ने मानव अधिकार आयोग व अदालत का दरवाजा खटखटाया।
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सुप्रीम कोर्ट की सख्त कार्रवाई
मानस के पिता राकेश शुक्ला और कांग्रेस नेता अंशुल सिंह परिहार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सागर के एसपी, सागर कलेक्टर, पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह और उनके भतीजे लखन सिंह को सुप्रीम कोर्ट नोटिस जारी किया। कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से भी इस मामले में चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह मामला प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।
यह है पूरा मामला
यह मामला एक जनवरी 2025 का है, जब सागर जिले के बीना तहसील क्षेत्र के बारदा गांव में पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह के भतीजे लखन सिंह के क्रेशर के पास गिट्टी के ढेर के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर मानस शुक्ला (12 साल) गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के दौरान डॉक्टरों को मानस का हाथ काटना पड़ा।
मानस के पिता ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन किया, साथ ही एसपी को भी आवेदन दिया, लेकिन एफआईआर नहीं हुई। उनका आरोप है कि पूर्व मंत्री और खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह के प्रभाव के कारण पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इस पर उन्होंने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) में शिकायत की, जिस पर NHRC ने कलेक्टर और एसपी के व्यवहार पर नाराजगी जताई।
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पूर्व मंत्री कर चुके घोषणा, किसी से न जोड़ा जाए मेरा नाम
खुरई विधायक और पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह, इस मामले में लगातार नाम आने के बाद 24 अगस्त 2025 को अपने वकील केवीएस ठाकुर के माध्यम से एक सार्वजनिक सूचना नोटिस जारी किया था। इस पब्लिक नोटिस में उन्होंने कहा कि उनके परिवार में केवल उनकी पत्नी सरोज सिंह, पुत्र अविराज सिंह, तीन अविवाहित पुत्रियां उपमा, काजल और अनुप्रिया सिंह, और एक विवाहित पुत्री अमृता सिंह ही हैं।
उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से बताया कि इन सदस्यों के अलावा कोई अन्य उनके परिवार का सदस्य नहीं है। पूर्व मंत्री ने अपने नोटिस में यह भी बताया कि उनके और उनके भाईयों के बीच पैतृक संपत्ति का बंटवारा पहले ही रजिस्टर्ड दस्तावेजों से हो चुका है। सभी भाई-भतीजे अपनी-अपनी संपत्ति के अलग-अलग मालिक हैं और अपने-अपने व्यवसाय करते हैं।
नाम का उपयोग किया तो कानूनी चेतावनी
पूर्व मंत्री और विधायक भूपेन्द्र सिंह ने अपने इस पब्लिक नोटिस में यह भी कहा कि यदि कोई उनके नाम का उपयोग किसी अन्य व्यवसाय या व्यक्ति के साथ करता है, या उसे किसी भी माध्यम से प्रचारित-प्रसारित करता है, तो वे उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
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