मंच से पुकारते रहे मोहन, नजर नहीं आए गोपाल, सागर इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव से भूपेंद्र सिंह भी उठकर चले गए
CHAKRESH | Sept 28, 2024, 11:50 IST
गोपाल संन्यास की ओर...!
माना जा रहा है कि सागर में आयोजित रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह को उचित सम्मान न मिलने से वे नाराज हो गए। इसके बाद बीच कार्यक्रम से उठकर चले गए। हालांकि साफतौर पर कुछ सामने नहीं आया है, मगर चर्चाओं का दौर तो शुरू हो ही चुका है...
उम्र के चौथे पड़ाव में मोह-माया से विरक्ति आम बात है। लगता है बुंदेलखंड के कद्दावर नेता का भी राजनीति से मोहभंग हो रहा है। ऐसा ही वाकया शुक्रवार को सागर में हुआ। सब हैरान हैं। बुंदेलखंड रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव पहुंचे तो सही, लेकिन ज्यादा रुके नहीं। कॉन्क्लेव से ज्यादा ठीक उन्हें स्कूल लगा, जहां वे अपने पोते को लेने पहुंच गए। अब भार्गव की एक पोस्ट भी चर्चा में है। इधर भार्गव की तरह ही एक और कद्दावर नेता भूपेंद्र सिंह भी कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चल दिए। इस “रूठा-रूठी” के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
चर्चा है कि इस कार्यक्रम में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के बीच कलह दिखाई दी। बुंदेलखंड के दो प्रमुख नेता, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह, जो कभी क्षेत्र में दूसरे मुख्यमंत्री के तौर पर माने जाते थे, उन्हें कार्यक्रम में उचित सम्मान नहीं मिला। मंच पर उन्हें स्थान तो दिया गया, लेकिन उनकी वरिष्ठता के मुकाबले यह सम्मान नाकाफी था। दोनों नेताओं को सीएम के दाएं-बाएं नौवें नंबर की कुर्सियों पर बिठाया गया था, जबकि उनसे जूनियर नेताओं को ज्यादा प्राथमिकता दी गई।
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मंच पर बोलते हुए सीएम ने खुद सीनियर नेताओं के अनुपस्थित होने का जिक्र किया। दरअसल, गोपाल भार्गव और खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह दोनों ही सीएम के बोलने से पहले ही मंच से उठकर चले गए। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं को उचित सम्मान न मिलने की वजह से वे आहत हुए और कार्यक्रम छोड़कर बाहर निकल गए। खास बात यह रही कि वे एक ही गाड़ी में सवार होकर गए, जिसमें गोपाल भार्गव आगे की सीट पर और भूपेंद्र सिंह पीछे बैठे थे। यह तस्वीर पूरे दिन सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।
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कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री के साथ केवल सागर जिले से मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सागर विधायक शैलेंद्र जैन ही नजर आए। बाकी बुंदेलखंड के अन्य मंत्री, जैसे लखन पटेल, धर्मेंद्र लोधी और दिलीप अहिरवार को मंच पर जगह तो मिली, लेकिन वे सीएम के ज्यादा करीब नहीं दिखे।
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अपने पोते के साथ फोटो शेयर करते हुए गोपाल भार्गव फेसबुक पर एक पोस्ट कर लिखा, जो काफी चर्चा में है.. आप भी पढ़िए इसे और एक सीनियर नेता की मनोदशा का अंदाजा लगाइए... (पोस्ट जस की तस है)
जूनियर नेताओं को प्राथमिकता
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चर्चा में ये तस्वीर, जिसके कई मायने
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कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री के साथ केवल सागर जिले से मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सागर विधायक शैलेंद्र जैन ही नजर आए। बाकी बुंदेलखंड के अन्य मंत्री, जैसे लखन पटेल, धर्मेंद्र लोधी और दिलीप अहिरवार को मंच पर जगह तो मिली, लेकिन वे सीएम के ज्यादा करीब नहीं दिखे।
सीएम ने तो भरपूर सम्मान दिया, मगर...
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान कई बार सीनियर नेताओं को बुलाने की कोशिश की। दीप प्रज्जवलन के समय उन्होंने गोपाल भार्गव का हाथ पकड़कर उन्हें आगे किया था। इसके अलावा, जब सम्मान पत्र बांटे जा रहे थे, तब भी सीएम ने गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह और लता वानखेड़े को अपने पास बुलाकर सम्मान दिया।
इधर भार्गव की पोस्ट वायरल- 'राजनीति ने छीना बहुत कुछ'
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