सागर शराब कांड: राजकुमारी और परिवार को हाई कोर्ट से सुरक्षा
Neel Tiwari | Sept 19, 2026, 14:58 IST
सागर शराब कांड
सागर शराब कांड में राजकुमारी कुशवाहा और परिवार के छह सदस्यों को हाई कोर्ट से राहत मिली। कोर्ट ने पुलिस को अनावश्यक परेशान नहीं करने के निर्देश दिए। जांच जारी रखने की छूट भी पुलिस को दी गई है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- सागर शराब कांड में राजकुमारी कुशवाहा और परिवार हाई कोर्ट पहुंचे।
- परिवार ने पुलिस कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की थी।
- परिवार ने रात में तलाशी और धमकाने के आरोप लगाए।
- हाई कोर्ट ने पुलिस को अनावश्यक परेशान नहीं करने कहा।
- कोर्ट ने जांच जारी रखने की पुलिस को पूरी छूट दी।
राजकुमारी कुशवाहा और परिवार ने क्यों लगाई याचिका
याचिका डब्ल्यूपी क्रमांक 38680/2026 के तहत दायर हुई। इस पर 18 सितंबर को जस्टिस हिमांशु जोशी ने सुनवाई की। आदेश 19 सितंबर को दोपहर 12 बजे सामने आया। याचिका संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर हुई थी। परिवार ने पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी आशंका बताई थी।
परिवार के छह सदस्यों ने भी मांगी सुरक्षा
परिवार ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए
साथ ही परिवार द्वारा डराने की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया गया। याचिका में संपत्ति को लेकर भी आशंका जताई गई। परिवार ने आगे ऐसी कार्रवाई की आशंका जताई थी। इन आरोपों पर राज्य सरकार ने जवाब के लिए समय मांगा।
FIR में सिद्धार्थ कुशवाह का नाम कैसे आया
एफआईआर 6 सितंबर 2026 को दर्ज हुई थी। इसमें रोशन नामक व्यक्ति की मौत का मामला है। मौत अवैध शराब के सेवन से जुड़ी बताई गई है। याचिका में सिद्धार्थ के खिलाफ आरोपों पर सवाल उठाए गए।।वकील ने कहा कि आरोपों की जांच अभी जारी है।
बांदा की दूसरी FIR का भी दिया हवाला
वकील ने उसमें सिद्धार्थ की भूमिका स्पष्ट नहीं होने की बात कही। हालांकि इन दावों पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।मामले की जांच जारी रहना इस आदेश से प्रभावित नहीं होगा।
हाई कोर्ट ने परिवार को किस तरह सुरक्षा दी
तलाशी कानून के तय तरीके से ही होनी चाहिए। पूछताछ भी तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। किसी दूसरी कार्रवाई में भी कानून का पालन जरूरी होगा।कोर्ट ने पुलिस को नियमों के भीतर काम करने कहा।
पुलिस की जांच पर हाई कोर्ट ने रोक नहीं लगाई
हर कार्रवाई तय प्रक्रिया के अनुसार करनी होगी। कोर्ट ने आरोपियों की भूमिका पर कोई राय नहीं दी। परिवार की सुरक्षा वाला आदेश जांच में बाधा नहीं बनेगा। कोर्ट ने निष्पक्ष जांच जारी रहने की बात साफ की।
अगली सुनवाई अक्टूबर में होगी
पिछली बुलडोजर कार्रवाई पर भी मिली थी राहत
कोर्ट ने अगली सुनवाई तक आगे तोड़फोड़ रोक दी थी। याचिका में चारदीवारी टूटने की बात भी कही गई थी। संपत्ति का कुछ हिस्सा गिराने का दावा भी हुआ था। वह मामला डब्ल्यूपी क्रमांक 38309/2026 से जुड़ा है। उस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर तय हुई थी।
ये खबरें भी पढ़िए...
सागर शराब कांड के फरार आरोपियों पर बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक
सागर शराब कांड में 36 मौतों के बाद पुलिस की FIR:दोष सिद्ध हुआ तो उम्रकैद से फांसी तक
सागर शराब कांड: बची जान, पर छिन गई आंखों की रोशनी, 150 से ज्यादा मरीजों पर खास नजर
छत्तीसगढ़ पुलिस में 7 अधिकारियों की नई पोस्टिंग, CM सुरक्षा से राजभवन तक बदले अधिकारी, भाटापारा DSP भी बदले
By VINAY VERMA
3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस, आयुक्त बोले-कैलेंडर बनाते समय ध्यान नहीं रहा
By Jageshwar prasad
जैसलमेर: शाहगढ़ में केंद्र सरकार की कैराकल संरक्षण की योजना, दो को लगाए गए रेडियो कॉलर
By Jageshwar prasad
टिकट के दावेदारों से दिलावर बोले-प्रधान बनकर गड़बड़ी मत करना; चाबी मेरे पास, एक मिनट में हटा दूंगा
By Saurabh Mishra
इंदौर में दादा ने किया मोलेस्ट, तो पोती ने बैट से हमला कर ले ली जान, जानें क्या है पूरा मामला
By Manya Jain
छत्तीसगढ़ में लाइब्रेरी से घर लौट रही युवती पर एसिड अटैक, चेहरे और शरीर का ऊपरी हिस्सा झुलसा, आरोपी फरार
By Umeshwari Baghel
एमपी कृषि विभाग में 3357 कर्मचारियों का प्रमोशन, CM मोहन यादव बोले-अब हर साल होगी DPC
By Sandeep Kumar