सनातन को बदनाम करने की साजिश या विवादों का सच? संत समाज पर उठते सवाल

क्या वास्तव में सनातन परंपरा से जुड़े संतों और धार्मिक गुरुओं को निशाना बनाया जा रहा है या फिर अलग-अलग मामलों में सामने आए आरोप अपने-अपने तथ्यों के आधार पर हैं?

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BHOPAL. श्री पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर और कथावाचक उत्तम स्वामी महाराज पर राजस्थान की एक युवती ने बलात्कार का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने 12 फरवरी को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ई-मेल भेजकर सुरक्षा की मांग की है। 

युवती का आरोप है कि शिकायत की प्रक्रिया शुरू होते ही उसे धमकियां मिलने लगीं हैं। साथ ही उसने यह भी आरोप लगाया कि स्वामी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं और उनके करीबी लोग समझौते का दबाव बना रहे हैं।

दूसरी तरफ आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तम स्वामी ने कहा कि वे लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में हैं और लोगों से स्नेहपूर्वक मिलते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए कुछ गैर सनातनी लोग ईर्ष्या पाल लेते हैं। उन्होंने कहा कि आरोपों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है और प्रमाण आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उनके मुताबिक प्रथम दृष्टया यह उनकी चरित्र हत्या और सनातन के खिलाफ किसी नए षड्यंत्र जैसा लगता है।

अब यहीं से बड़ा सवाल उठता है। क्या वास्तव में सनातन परंपरा से जुड़े संतों और धार्मिक गुरुओं को निशाना बनाया जा रहा है या फिर अलग-अलग मामलों में सामने आए आरोप अपने-अपने तथ्यों के आधार पर हैं? पिछले वर्षों में कई बड़े धार्मिक नाम विवादों में आए हैं, जिनके बाद यह बहस बार-बार उठती रही है।

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रावतपुरा सरकार: सीबीआई जांच में आया नाम

केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने छत्तीसगढ़ में श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए कथित तौर पर 55 लाख रुपए की रिश्वत मामले में कार्रवाई की है। रावतपुरा सरकार के नाम से प्रसिद्ध रविशंकर महाराज इस मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन हैं। उनके खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है और मामला जांच में है। इस केस के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी।

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कुबेरेश्वर धाम और भीड़ हादसों पर सवाल

सीहोर जिले में कुबेरेश्वर धाम के कथावाचक प्रदीप मिश्रा का नाम भी विवादों की वजह से चर्चा में रहा है। शिवरात्रि और सावन के बड़े आयोजनों में हर साल भारी भीड़ उमड़ती है। पिछले वर्षों में भगदड़ और दम घुटने जैसी घटनाओं में लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था और आयोजन प्रबंधन पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। 2026 में भीड़ नियंत्रण के लिए रुद्राक्ष वितरण रोकने का फैसला लिया गया है।

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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान और विवाद 

कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी कई बार विवादों में रहे हैं। कभी पारिवारिक विवाद तो कभी आश्रम क्षेत्र में रहस्यमयी मौतों के मामले चर्चा में आ चुके हैं। उनके कई बयान भी राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बने हैं, खासकर हिन्दू राष्ट्र को लेकर दिए गए वक्तव्य। उनके अनुयायी कहते हैं कि शास्त्री को बदनाम करने के प्रयास किए जाते हैं। 

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आसाराम और राम रहीम को सजा 

आसाराम नाबालिग से बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। स्वास्थ्य कारणों से उन्हें समय-समय पर अंतरिम जमानत मिलती रही है। उनके समर्थक लगातार कहते रहे हैं कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया।

वहीं, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह दो साध्वियों से बलात्कार और पत्रकार हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। जनवरी 2026 में उन्हें 15वीं बार पैरोल मिली और वे 40 दिन के लिए डेरा मुख्यालय लौटे हैं। 

भय्यू महाराज केस में ब्लैकमेलिंग एंगल

आध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज का मामला अलग तरह का था। 2018 में उन्होंने इंदौर स्थित घर में आत्महत्या कर ली थी। बाद में जांच में सामने आया कि उन्हें दूसरी शादी के बाद अश्लील वीडियो और फोटो के जरिए ब्लैकमेल किया जा रहा था। 2022 में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराया।

बड़ा सवाल: साजिश या व्यक्तिगत मामले?

इन सभी मामलों के बीच दो तरह की धाराएं सामने आती हैं। एक पक्ष कहता है कि सनातन परंपरा से जुड़े प्रभावशाली संतों को बदनाम करने की कोशिश होती रही है और यह लगातार चल रहा है। वहीं, दूसरा पक्ष कहता है कि हर केस को उसके तथ्यों और जांच के आधार पर देखना चाहिए।

फिलहाल उत्तम स्वामी निशाने पर हैं। उन पर युवती ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल सच क्या है, यह जांच और न्यायिक प्रक्रिया से सामने आएगा। हां, नए विवाद के साथ सनातन, संत परंपरा और समाज के भरोसे पर बहस जरूर खड़ी हो जाती है।

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