कुबेरेश्वर धाम में नहीं बटेंगे रुद्राक्ष, पहली बार बना ढाई किलोमीटर लंबा पैदल कॉरिडोर

सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से रुद्राक्ष महोत्सव शुरू होने वाला है। प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। इस बार पंडित प्रदीप मिश्रा ने ग्रीन शिवरात्रि का संकल्प लिया है।

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Kaushiki
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मध्यप्रदेश के सीहोर में स्थित कुबेरेश्वर धाम एक बार फिर शिव भक्ति में डूबने वाला है। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में यहां भव्य रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। ये महोत्सव 14 फरवरी से शुरू होकर 20 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर बहुत ही कड़े इंतजाम किए हैं।

महोत्सव को सफल बनाने के लिए लगभग 1 हजार 235 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए पहली बार ढाई किलोमीटर का लंबा पैदल कॉरिडोर बनाया है।

इस कॉरिडोर के माध्यम से भक्त सीधे मंदिर और कथा पंडाल पहुंच पाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत करने के लिए हाई-टेक कैमरे लगाए हैं।

रुद्राक्ष वितरण को लेकर बड़ा फैसला

विठ्ठलेश सेवा समिति ने रुद्राक्ष वितरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। महोत्सव के दौरान, 14 से 20 फरवरी तक रुद्राक्ष का वितरण नहीं होगा। भारी भीड़ और सुरक्षा कारणों से इसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

कुबरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम अब 15 मार्च के बाद शुरू होगा। पंडित प्रदीप मिश्रा ने इस साल ग्रीन शिवरात्रि मनाने का संकल्प लिया है। इस मौके पर देशभर में एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था

श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए एक बहुत बड़ा पक्का पंडाल तैयार हुआ है। इस विशाल पंडाल में डेढ़ लाख भक्त एक साथ बैठकर कथा सुन सकेंगे। दस एकड़ जमीन पर भक्तों के लिए फ्री भोजनशाला बनाई गई है।

यहां आने वाले हर श्रद्धालु को शुद्ध सात्विक भोजन परोसा जाएगा। सीहोर रेलवे स्टेशन और धाम के बीच व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं दी गई हैं। प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन हेतु विस्तृत प्लान पहले ही जारी कर दिया है।

भारी वाहनों के लिए रूट बदलकर श्यामपुर और ब्यावरा की तरफ मोड़ा है। वहीं भारतीय रेलवे ने भक्तों के लिए कई विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू किया।

हाई-टेक निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाएं

कुबेरेश्वर धाम सीहोर के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी होगी। गर्मी और धूप से बचने के लिए पंडाल में विशेष व्यवस्था की है। पीने के पानी की बोतलें केवल पांच रुपये में उपलब्ध कराई जा रही हैं।

आयोजन समिति हर श्रद्धालु की सुविधा का विशेष रूप से ध्यान रख रही है। स्थानीय पुलिस बल के साथ होमगार्ड के जवान भी व्यवस्था संभाल रहे हैं। धाम परिसर में प्राथमिक उपचार के लिए अस्थाई चिकित्सा केंद्र बनाए गए हैं।

एम्बुलेंस की सुविधा 24 घंटे रेलवे स्टेशन से धाम तक उपलब्ध रहेगी। कथा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था रोकने हेतु वॉलंटियर्स तैनात हैं। महोत्सव को सफल बनाने के लिए लगभग 1235 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।

ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट का विशेष प्लान

सीहोर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। इंदौर और भोपाल की तरफ से आने वाले छोटे वाहनों का मार्ग बदला है। अमलाहा और भाऊखेड़ी जोड़ से छोटे वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है। महोत्सव में सुरक्षा कारणों से ड्रोन कैमरों का भी प्रयोग किया जाएगा।

विठ्ठलेश सेवा समिति के सदस्य व्यवस्थाओं की पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। कथा स्थल पर एंट्री के लिए बनाए गए गेटों पर कड़े निर्देश हैं। बुजुर्ग और दिव्यांग भक्तों के लिए अलग से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। रुद्राक्ष महोत्सव में इस बार डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी दी जाएगी।

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