सतपुड़ा रिजर्व के पास नई रेल लाइन को मंजूरी, वन्यजीवों के लिए बनेंगे ओवरपास
Manya Jain | Aug 03, 2026, 14:15 IST
satpura melghat tiger corridor rail
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पास बनेगी नई रेलवे लाइन। जुझारपुर से चिचोंडा के बीच बनने वाले इस ट्रैक के लिए वन्यजीव बोर्ड ने ओवरपास बनाने की शर्त पर मंजूरी दी।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पास नई रेलवे लाइन बनेगी।
- यह लाइन जुझारपुर से चिचोंडा तक जाएगी।
- वन्यजीव बोर्ड की स्टैंडिंग कमेटी ने इसे सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
- शर्त यह है कि वन्यजीवों के लिए ओवरपास बनाए जाएं।
- यह लाइन दो नोटिफाइड टाइगर कॉरिडोर से गुजरेगी।
सतपुड़ा-मेलघाट का जंगल क्यों अहम है
यह रास्ता जानवरों के जीन प्रवाह के लिए भी जरूरी है। यानी अलग-अलग इलाकों के जानवरों का आपस में मेल बना रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जंगल सतपुड़ा-पेंच-मेलघाट लैंडस्केप की जीवनरेखा है। इसलिए इस प्रोजेक्ट को भविष्य को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए।
रेलवे लाइन का पूरा प्लान क्या है
SATPURA RESERVE RAIL LINE
यह लाइन जंगल वाले इलाकों से होकर गुजरेगी। रास्ते में दो नोटिफाइड टाइगर कॉरिडोर और एक इको-सेंसिटिव जोन भी आएंगे। प्रोजेक्ट के लिए कुल 206.09 हेक्टेयर जमीन चाहिए। इसमें से 74.69 हेक्टेयर वन भूमि है। बाकी 131.4 हेक्टेयर गैर-वन भूमि नोटिफाइड टाइगर कॉरिडोर में आती है।
वन्यजीव बोर्ड ने क्या शर्त रखी
यह जानकारी 9 जुलाई की SC-NBWL बैठक के मिनट्स में दर्ज है। पहले इस प्रस्ताव पर 19 जनवरी को हुई 88वीं बैठक में विचार हुआ था। तब अंतिम फैसला नहीं हो पाया था। बोर्ड ने साइट इंस्पेक्शन जरूरी बताया था।
साइट इंस्पेक्शन में क्या सामने आया
लेकिन यह संख्या ठोस वैज्ञानिक अध्ययन पर आधारित नहीं थी। यह ज्यादातर वन कर्मचारियों की जानकारी और जानवरों की मौत के रिकॉर्ड पर तय हुई थी। बैठक के मिनट्स में यह भी दर्ज है कि प्रोजेक्ट के असर का पूरा वैज्ञानिक आकलन अभी तक नहीं हुआ है। लैंडस्केप स्तर पर सही मिटिगेशन उपाय भी तय नहीं हो सके हैं।
स्टेट फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, जबलपुर को यह अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई थी। बैठक के समय इस संस्थान की रिपोर्ट का इंतजार था।
आगे क्या होगा
SC-NBWL ने यह भी निर्देश दिया है कि वैज्ञानिक अध्ययन आने के बाद साइट इंस्पेक्शन कमेटी दोबारा इलाके का दौरा करेगी। इसके बाद ओवरपास की जगह, आकार, डिजाइन और कनेक्टिविटी पर अंतिम सिफारिश दी जाएगी। यानी रेलवे लाइन का निर्माण अभी शुरुआती चरण में ही है। वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर आगे भी कई फैसले होने बाकी हैं।
एक्सपर्ट कोट्स
FAQ
- सतपुड़ा-मेलघाट रेलवे लाइन प्रोजेक्ट क्या है?
यह जुझारपुर से चिचोंडा तक बनने वाली 160.6 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन है। यह इटारसी-नागपुर रूट की तीसरी-चौथी लाइन का हिस्सा है। यह टाइगर कॉरिडोर से होकर गुजरती है। - वन्यजीव बोर्ड ने कौन सी शर्त रखी है?
बोर्ड ने कहा है कि वन्यजीवों के लिए ओवरपास बनाना जरूरी होगा। इन ओवरपास का डिजाइन वैज्ञानिक अध्ययन पर आधारित होना चाहिए। बिना पुख्ता अध्ययन के निर्माण शुरू नहीं होगा। - इस प्रोजेक्ट से कितनी जमीन प्रभावित होगी?
प्रोजेक्ट के लिए कुल 206.09 हेक्टेयर जमीन चाहिए। इसमें 74.69 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। बाकी जमीन नोटिफाइड टाइगर कॉरिडोर में आती है।
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