कैंसर पीड़ित बच्ची के लिए सिर मुड़वाने वाली अफसर: जानिए सविता प्रधान की पूरी कहानी
Manya Jain | Apr 19, 2026, 17:49 IST
PCS Officer Savita Pradhan
कैंसर से पीड़ित एक बच्ची के लिए हाल ही में अपना सिर मुड़वाने वाली अफसर की कहानी चर्चा में है। यह नेक कदम उठाने वाली अफसर मध्य प्रदेश की सविता प्रधान हैं। उनकी यह संवेदनशील पहल सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। L
कैंसर से पीड़ित एक बच्ची के लिए हाल ही में अपना सिर मुड़वाने वाली अफसर की कहानी चर्चा में है। यह नेक कदम उठाने वाली अफसर मध्य प्रदेश की सविता प्रधान हैं। उनकी यह संवेदनशील पहल सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। सविता प्रधान ने बाल विवाह और घरेलू हिंसा जैसी बड़ी मुश्किलें झेली हैं।
इन तमाम बेड़ियों को तोड़कर ही वे एक बड़ी अफसर बनीं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने अपने बारे में फैल रही गलत जानकारियों पर आपत्ति जताई है। कई प्लेटफॉर्म्स पर उनकी व्यक्तिगत जिंदगी और पद को गलत दिखाया जा रहा है। इससे उनकी और उनके परिवार की छवि पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से उनके संघर्ष को गलत तरीके से पेश न करने की अपील की है। जानिए कौन हैं सविता प्रधान और क्या है उनकी कहानी।
सविता प्रधान की कहानी महिलाओं को हिम्मत देने वाली कहानी है। सविता प्रधान नर्मदापुरम जिलाके मड़ई गांव की रहने वाली हैं। उनका जन्म एक गरीब आदिवासी परिवार में हुआ। उनके पिता महुआ और बीड़ी पत्ते बीनते थे। सविता की शादी महज 16 साल की उम्र में हो गई। इस वजह से उनकी स्कूल की पढ़ाई बीच में छूट गई। वे बताती हैं कि ससुराल में उन्होंने बहुत ज्यादा दुख और तकलीफ झेली हैं।
![Savita Pradhan Story From Child Marriage to PCS Officer Madhya Pradesh Not IAS]()
लेकिन सविता ने हार मानकर घुटने नहीं टेके। उन्होंने हिम्मत जुटाई और अपना ससुराल छोड़ दिया। बच्चों की परवरिश के लिए उन्होंने ब्यूटी पार्लर में काम किया। काम के साथ-साथ उन्होंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी की। वर्तमान में सिंगरौली नगर निगम में आयुक्त के पद पर पदस्थ हैं।
दो बार मिली
सविता प्रधान की कहानी एमपीपीएससी की तैयारी करने वालों के लिए बहुत प्रेरणादायक है। उन्होंने साल 2005 और 2006 में लगातार दो बार यह परीक्षा दी। दोनों ही बार उनकी कड़ी मेहनत का शानदार परिणाम सामने आया। पहले प्रयास में उनका चयन पुलिस सेवा के लिए हुआ था। लेकिन उनका असली सपना एक प्रशासनिक अधिकारी बनने का था। उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरी बार फिर से परीक्षा दी। इस बार उन्होंने पूरे प्रदेश में 83वीं रैंक हासिल की।
![Savita Pradhan Success Story]()
मैं
सविता प्रधान के बारे में इंटरनेट पर उनके पद को लेकर गलत जानकारी (Fake News) प्रसारित हुई थी। कई खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट में उन्हें 'भारतीय प्रशासनिक सेवा' (IAS) का अधिकारी बताया जाता है।
जबकि सविता प्रधान ने स्पष्ट किया था, "मैं फिलहाल IAS नहीं, बल्कि PCS (Provincial Civil Service) अधिकारी हूं।" उन्होंने बताया कि वे मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से चयनित हुई हैं। हालांकि, भविष्य में वे आईएएस कैडर में शामिल हो सकती हैं, लेकिन वर्तमान में उन्हें आईएएस बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
वर्तमान में, सविता प्रधान सिंगरौली नगर निगम (Singrauli Municipal Corporation) में आयुक्त (Commissioner) के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वे ग्वालियर में संयुक्त निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उन्हें मध्य प्रदेश के सबसे प्रभावशाली अफसरों में गिना जाता है।
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इन तमाम बेड़ियों को तोड़कर ही वे एक बड़ी अफसर बनीं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने अपने बारे में फैल रही गलत जानकारियों पर आपत्ति जताई है। कई प्लेटफॉर्म्स पर उनकी व्यक्तिगत जिंदगी और पद को गलत दिखाया जा रहा है। इससे उनकी और उनके परिवार की छवि पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से उनके संघर्ष को गलत तरीके से पेश न करने की अपील की है। जानिए कौन हैं सविता प्रधान और क्या है उनकी कहानी।
क्या है सविता प्रधान की कहानी?
Savita Pradhan Story From Child Marriage to PCS Officer Madhya Pradesh Not IAS
लेकिन सविता ने हार मानकर घुटने नहीं टेके। उन्होंने हिम्मत जुटाई और अपना ससुराल छोड़ दिया। बच्चों की परवरिश के लिए उन्होंने ब्यूटी पार्लर में काम किया। काम के साथ-साथ उन्होंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी की। वर्तमान में सिंगरौली नगर निगम में आयुक्त के पद पर पदस्थ हैं।
दो बार मिली MPPSC में सफलता
Savita Pradhan Success Story
मैं IAS नहीं, PCS अधिकारी हूँ- सविता प्रधान
जबकि सविता प्रधान ने स्पष्ट किया था, "मैं फिलहाल IAS नहीं, बल्कि PCS (Provincial Civil Service) अधिकारी हूं।" उन्होंने बताया कि वे मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से चयनित हुई हैं। हालांकि, भविष्य में वे आईएएस कैडर में शामिल हो सकती हैं, लेकिन वर्तमान में उन्हें आईएएस बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
भ्रामक जानकारियों पर सविता प्रधान की अपील
नमस्कार, मेरा नाम सविता प्रधान है। पिछले कुछ दिनों से मैं लगातार देख रही हूं। लोग मेरे जीवन के बारे में बहुत सारी इंस्टा में reel बना रहे हैं, stories बना रहे हैं, Facebook pages में लगा रहे हैं। तो उसमें बहुत सारी बातें सही भी हैं। But कुछ बातों का गलत तरीके से प्रचार किया जा रहा है जो कि सही नहीं है। तो इस वजह से मैं यह video बना रही हूं। पहली बात तो यह कि मैंने UPSC के exam नहीं दिए थे। मैंने MPPSC का exam दिया था और वर्ष 2006 में मेरे प्रथम प्रयास में चयन हुआ था और वर्तमान में मैं नगर निगम आयुक्त के पद पर मध्य प्रदेश में पदस्थ हूं। दूसरी बात यह जो आप मेरे past life के बारे में reel और videos बना रहे हैं, उसमें मेरे present life के परिवार के photos उठा के डाल रहे हैं जो कि सही नहीं है।
वर्तमान पोस्टिंग
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