सिंधिया संपत्ति विवाद: अदालत ने 14 अक्टूबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की, प्रतिमा देवी ने लगाया धोखे का आरोप
Ratan Kumar Mishra | Sootr Creatives | Oct 07, 2026, 23:16 IST
सिंधिया संपत्ति विवाद: प्रतिमा देवी का धोखे का आरोप, ग्वालियर जिला अदालत 14 अक्टूबर को देगी फैसला
ग्वालियर जिला अदालत 14 अक्टूबर को सिंधिया संपत्ति विवाद पर फैसला सुनाएगी। सिंधिया राजघराने की 41 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के बंटवारे का राजीनामा फिर अटक गया है। प्रतिमा देवी ने धोखे से हस्ताक्षर करवाने का आरोप लगाया है। वसुंधरा राजे समेत तीनों मौसियों और ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि सबने सहमति से साइन किए। अदालत ने प्रतिमा देवी को पक्ष रखने का अधिकार दिया है।
ग्वालियर सिंधिया परिवार की 41 हजार करोड़ की संपत्ति के बंटवारे पर राजीनामा फिर अटक गया। प्रतिमा देवी ने धोखे से हस्ताक्षर का आरोप लगाया। उनकी तीन मौसियों ने कहा कि सबने सहमति से साइन किए फिर साथ डिनर किया। अदालत ने 14 अक्टूबर को फैसला तय किया।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी हैं। उन्होंने अदालत में आपत्ति आवेदन दाखिल किया। प्रतिमा देवी का कहना है कि उनसे धोखाधड़ी कर हस्ताक्षर करवाए गए। वे नेपाल के राणा परिवार में विवाहित हैं। उन्होंने मौजूदा समझौते में अपना हक मांगा है।
प्रतिमा देवी की तीन मौसियां, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मध्यप्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधारा राजे और उषा राजे है। उनका कहना है कि समझौते पर सभी की सहमति से हस्ताक्षर हुए। हस्ताक्षर के बाद सब लोग वहां रुके और डिनर किया। अंत में फोटोग्राफ भी लिए गए।
मूल दावे में पद्मावती राजे की दोनों बेटियों को पक्षकार बनाया गया था। वे हैं कनिका देवी सिंह और प्रतिमा देवी राना। पहले सुनवाई के दौरान वे उपस्थित नहीं हुईं। इस वजह से अदालत ने उन्हें एक्स पार्टी घोषित कर दिया था। अब प्रतिमा देवी ने दोबारा शामिल होने की मांग की है।
ग्वालियर के सिंधिया राजघराने की 41 हजार करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति है। इसके बंटवारे को लेकर जिला अदालत में मामला चल रहा है। मामले में 78 साल पुराना विलय पत्र भी महत्वपूर्ण है। दिल्ली के नोटरी द्वारा प्रमाणित इसकी कॉपी अदालत में पेश हो चुकी है। इसमें मध्य भारत की रियासतों के विलय का ब्योरा है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि साक्ष्य कराने की जरूरत नहीं है। दस्तावेज पर हस्ताक्षर सहमति से हुए थे। प्रस्ताव के मुताबिक संपत्ति का बंटवारा उनके और मौसियों के बीच होना था। अदालत अब तय करेगी कि साक्ष्य के बाद फैसला हो या अंतरिम आवेदनों पर।
ग्वालियर में जयविलास पैलेस मुख्य परिसर है। इसमें बंगला, कार्यालय, निशात कोठी और कमला भवन शामिल हैं। शिवपुरी में माधव विलास पैलेस भी है। मुंबई में समुद्र महल और उषाकिरण जैसी संपत्तियां हैं। दिल्ली में ग्वालियर हाउस कोठी भी परिवार के पास है।
ग्वालियर में मोती महल पैलेस और गोरखी पैलेस सरकार को दिए गए। फूल बाग, जल बिहार और गेंदघर भी सौंपे गए। गढ़ी बैरक किला और सरस्वती महल भी इसमें शामिल हैं। शिवपुरी का भदैया कुंड और चंदेरी के महल भी दिए गए। आगर की जावरा कोठी और शाजापुर का लाल बंगला भी सरकार के पास है।
प्रतिमा देवी का कहना है कि प्रस्तावित समझौते में उनका अधिकार प्रभावित हो रहा है। इसलिए उनका पक्ष सुने बिना कोई अंतिम आदेश न हो। अदालत ने प्रतिमा देवी को अपना पक्ष रखने का अधिकार दे दिया है। अब 14 अक्टूबर को अदालत अपना फैसला सुनाएगी।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी हैं। उन्होंने अदालत में आपत्ति आवेदन दाखिल किया। प्रतिमा देवी का कहना है कि उनसे धोखाधड़ी कर हस्ताक्षर करवाए गए। वे नेपाल के राणा परिवार में विवाहित हैं। उन्होंने मौजूदा समझौते में अपना हक मांगा है।
तीनों मौसियों ने दिया जवाब
पहले घोषित हुए थे एक्स पार्टी
41 हजार करोड़ की संपत्ति का विवाद
ज्योतिरादित्य सिंधिया का पक्ष
परिवार की निजी संपत्तियां कहां-कहां हैं
सरकार को सौंपी गई संपत्तियां
अदालत ने पक्ष रखने का अधिकार दिया
- सिंधिया परिवार की संपत्ति का विवाद क्यों हो रहा है?
सिंधिया परिवार की 41 हजार करोड़ की संपत्ति का विवाद प्रतिमा देवी द्वारा किए गए आपत्ति आवेदन के कारण চলছে, जिसमें उन्होंने धोखाधड़ी से हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया। - प्रतिमा देवी का विवाद में क्या दावा है?
प्रतिमा देवी का कहना है कि उन्हें धोखाधड़ी से समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने मौजूदा समझौते में अपने हक को भी मांगा है। - अदालत ने प्रतिमा देवी की आपत्ति पर क्या निर्णय लिया है?
अदालत ने प्रतिमा देवी को अपना पक्ष रखने का अधिकार दे दिया है और अब इस मामले में 14 अक्टूबर को फैसला सुनाने का निर्णय लिया है।
इंदौर के एलिवेटेड कॉरिडोर पर हाईकोर्ट में सवा घंटे अंतिम बहस, वीडियो प्रेंजेटेशन भी
By Sanjay Gupta
mp top news: खबरें काम की...एमपी में 10 से ज्यादा जिलों के कलेक्टर बदलने की तैयारी, सीएम की सुरक्षा में चूक के बाद हटाए गए पांढुर्णा एसपी
By Sanjay Dhiman
टैक्स समय पर जमा, फिर ब्याज क्यों? GST पोर्टल की व्यवस्था पर कर संगठनों ने उठाए सवाल
By Ramanand Tiwari
मुहाना युवक मौत केस में मानव अधिकार आयोग सख्त, IPS से जांच; 23 अक्टूबर तक मांगी रिपोर्ट
By Mukesh Sharma
दंतेवाड़ा के जंगल में दबा था मौत का सामान, सर्चिंग में AK-47 और कुकर बम का भारी जखीरा मिला।
By VINAY VERMA
एमपी में बस किराया हो सकता है कम, यात्रियों के फीडबैक के बाद सरकार करेगी नए सिरे से समीक्षा
By Ramanand Tiwari
67 लाख महिलाओं के खातों में कल पहुंचेगी 632 करोड़ की राशि, जानिए किसे मिलेगा भुगतान
By Arun Tiwari