सिवनी हवाला कांड : SDOP पूजा पांडे की जमानत सुनवाई टली, 1 दिसंबर के लिए हुई लिस्ट

SDOP पूजा पांडे की जमानत याचिका पर सुनवाई 28 नवंबर को होना था, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे 1 दिसंबर तक टाल दिया। हवाला लूटकांड में उनके साथ अन्य आरोपी भी जमानत का प्रयास कर रहे हैं। SIT जांच में आरोपियों के बीच लगातार संपर्क और षड्यंत्र के साक्ष्य मिले हैं।

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Neel Tiwari
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Photograph: (THESOOTR)

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JABALPUR. सिवनी हवाला कांड में फंसी एसडीओपी पूजा पांडे और उनकी गैंग को फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे ही और दिन बिताने होंगे। शुक्रवार 28 नवंबर को जस्टिस देवनारायण मिश्रा की कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होना थी, लेकिन यह सुनवाई 1 दिसंबर तक के लिए टल गई। इसी मामले में आरोपी पुलिसकर्मी रितेश वर्मा की जमानत याचिका पर भी हाईकोर्ट में 1 दिसंबर को ही सुनवाई होगी। 

वीरेंद्र पांडे और प्रमोद सोनी भी हाईकोर्ट की शरण में 

पूजा पांडे के जीजा और मामले के महत्वपूर्ण आरोपी वीरेंद्र दीक्षित की जमानत सिवनी कोर्ट से खारिज हो चुकी है, उनकी हाईकोर्ट में दाखिल याचिका अभी किसी जज के पास लिस्ट नहीं हो पाई है। जबलपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद सोनी की जमानत भी सिवनी कोर्ट से खारिज हो गई है।

जिला कोर्ट में प्रमोद सोनी के वकील के द्वारा जमानत आवेदन पर बल न दिए जाने की टीप नोट करते हुए जमानत खारिज की है। जानकारी के अनुसार प्रमोद अब जिला कोर्ट में फिर से जमानत आवेदन दे रहा है। इसके बाद वह भी हाईकोर्ट की शरण ले रहा है।

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जीजा को किए 53 कॉल, डिलीट किया डाटा

तीन करोड़ रुपए की हवाला रकम की लूट से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले की SIT जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। जांच रिपोर्ट के अनुसार SDOP पूजा पांडे अपनी हर गतिविधि की जानकारी अपने जीजा वीरेंद्र दीक्षित को देती थीं।

डकैती की रात दोनों के बीच 53 बार फोन पर बातचीत ने साजिश को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसआईटी के मुताबिक वीरेंद्र ने अपना मोबाइल डेटा पूरी तरह डिलीट कर दिया था और पुलिस को पुराना सिम तो दिया लेकिन हैंडसेट बदल दिया।

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सुनियोजित था पूरा षड्यंत्र 

जांच में यह भी सामने आया है कि यह पूरी वारदात पूरी तरह सुनियोजित थी। हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिनकी जमानत अर्जी भी जिला अदालत ने खारिज कर दी है।

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लगातार संपर्क में थे सभी आरोपी

 20 नवंबर को गिरफ्तार किए गए डीएसपी पंकज मिश्रा, आरक्षक प्रमोद सोनी और वीरेंद्र दीक्षित-सभी एक-दूसरे के लगातार संपर्क में थे। पूजा पांडे भी पंकज मिश्रा और अपने जीजा से नियमित बातचीत करती थीं, जिससे उनके बीच की कड़ी और मजबूत होती दिखाई देती है।

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1 दिसंबर को हो सकती है अगली सुनवाई 

अब पूरा मामला 1 दिसंबर की सुनवाई पर टिका है, जहां हाईकोर्ट यह तय करेगा कि पूजा पांडे और अन्य आरोपी जेल से बाहर आ पाएंगे या नहीं। हालांकि उनके ऊपर लगे हुए आरोपी को देखते हुए अभी पूजा पांडे को राहत मिलने के आसार तो नजर नहीं आ रहे है।

क्रिमिनल मामले के जानकारों के अनुसार इस मामले में लिप्त अन्य आरोपियों ने अभी जमानत की आवेदन नहीं दिए हैं। क्योंकि सभी किसी एक व्यक्ति की जमानत का इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि यदि किसी एक व्यक्ति को भी जमानत मिलती है तो उसका लाभ कई आरोपी ले पाएंगे।

हाईकोर्ट एसडीओपी पूजा पांडे सिवनी हवाला कांड SIT जांच जस्टिस देवनारायण मिश्रा
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