/sootr/media/media_files/2026/02/21/seoni-paddy-procurement-portal-high-court-case-2026-02-21-11-51-52.jpg)
News In Short
- सिवनी जिले में धान खरीदी पोर्टल समय से पहले बंद हो गया।
- किसान ने जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी है।
- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
- फूड सप्लाई विभाग के अफसरों को नोटिस जारी हुआ है।
- अगली सुनवाई 25 फरवरी को तय हुई है।
News In Detail
सिवनी जिले में धान खरीदी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ है। किसानों का कहना है कि उन्हें तय समय नहीं मिला। पोर्टल बंद होने से खरीदी प्रक्रिया अचानक रुक गई है। कई किसान इसमें भाग ही नहीं ले पाए।
सिवनी के किसान ने दायर की याचिका
नंदोरा पिपरिया निवासी किसान शिवशंकर पटले ने याचिका दायर की। उन्होंने इसे हजारों किसानों का मुद्दा बताया। अधिवक्ता संजीव कुमार तिवारी ने कोर्ट में पक्ष रखा। याचिका में कहा गया कि प्रशासन ने जल्दबाजी की। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
तय समय से पहले बंद हुआ पोर्टल
शासन ने धान खरीदने की लास्ट डेट 13 जनवरी घोषित की थी। कई किसानों ने उसी आधार पर तैयारी की थी। सैकड़ों किसानों ने स्लॉट भी पहले से बुक कराए थे। आरोप है कि तय तिथि से पहले पोर्टल बंद कर दिया गया। यह कदम बिना पूर्व सूचना के उठाया गया। इससे किसान असमंजस में पड़ गए। कई किसान ट्रैक्टरों में धान लेकर पहुंचे थे। उन्हें खरीदी केंद्रों के बाहर सिर्फ इंतजार करते रहना पड़ा क्योंकि पोर्टल बंद होने से उनका नंबर नहीं आया।
आत्मदाह प्रयास का गंभीर आरोप
याचिका में एक गंभीर घटना का जिक्र हुआ है। पिपरिया खरीदी केंद्र में एक किसान ने आत्मदाह का प्रयास किया। बताया गया कि वह लंबे इंतजार से परेशान था। इस घटना से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। स्थानीय विधायक ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने मामले में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही किसानों ने प्रशासनिक लापरवाही का भी आरोप लगाया है। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिविजनल बेंच में हुई। कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई में ही गंभीरता दिखाई। कोर्ट ने शासन से विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा। प्रमुख सचिव फूड सिविल सप्लाई को नोटिस जारी हुआ। सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन के एमडी को भी तलब किया गया।
अब सिवनी कलेक्टर और जिला सप्लाई अधिकारी को भी जवाब देना होगा। कोर्ट ने अनावेदकों को भी नोटिस जारी किए हैं। अगली सुनवाई 25 फरवरी को निर्धारित की गई है। अब किसानों की नजर कोर्ट के अगले आदेश पर है। उन्हें उम्मीद है कि पोर्टल फिर से शुरू होगा।
ये खबरें भी पढें...
जबलपुर हाईकोर्ट को समय पर नहीं दिया जवाब, संयुक्त संचालक को किया निलंबित
जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद संवेदनशील रास्तों से निकली बजरंग दल की शौर्य यात्रा
27% OBC आरक्षण केस: सुप्रीम कोर्ट ने दिए हाईकोर्ट को 3 महीने में फैसला करने के निर्देश
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us