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News In Short
ऑनलाइन गेम में 4 लाख रुपए हारने के बाद कारोबारी भारी कर्ज में डूबा हुआ था।
24 फरवरी की रात कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पूरे परिवार को पिलाया गया।
अस्पताल में इलाज के दौरान 25 फरवरी को कारोबारी और उसकी 16 साल की बेटी की जान चली गई।
घटना के समय बेटा घर से बाहर दोस्त की दुकान पर था, जिससे उसकी जान बच गई।
पुलिस ने BDG जैसे सट्टेबाजी ऐप्स को इस पूरी त्रासदी की मुख्य वजह माना है।
News In Detail
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई दहल जा रहा है। यहां एक मोबाइल कारोबारी ने ऑनलाइन गेम की लत और कर्ज के दलदल में फंसकर खौफनाक कदम उठा लिया।
कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती में रहने वाले शंकर लाल गुप्ता ने अपनी पत्नी और बेटी को जहर पिलाने के बाद मौत को गले लगा लिया। इस हादसे में पिता और बेटी की मौत हो गई है, जबकि पत्नी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है।
BDG गेम ने उजाड़ा हंसता-खेलता घर
40 वर्षीय शंकर लाल गुप्ता कभी अपनी मोबाइल दुकान शान से चलाते थे। लेकिन BDG नामक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप की लत ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। जानकारी के मुताबिक, शंकर इस गेम में करीब 4 लाख रुपए हार चुके थे।
हार का बदला लेने और पैसे कमाने के लालच में उन्होंने लोगों से भारी कर्ज ले लिया था। कर्ज के बोझ और आर्थिक तंगी के कारण वह गहरे तनाव में थे। हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें अपनी बड़ी दुकान छोड़कर सड़क किनारे छोटी सी गुमटी लगानी पड़ रही थी।
साजिश के तहत पिलाया मौत का शरबत
जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 24 फरवरी की रात शुरू हुई। शंकर अपने 15 साल के बेटे अनिकेत को साथ लेकर बाजार गए थे। वहां उन्होंने बेटे को एक दोस्त की दुकान पर छोड़ दिया और खुद चाय पीने की बात कहकर निकल गए। बाजार से उन्होंने कोल्ड ड्रिंक खरीदी और उसमें जहर मिला दिया।
घर पहुंचकर उन्होंने पत्नी राजकुमारी और 16 साल की बेटी को वह कोल्ड ड्रिंक पिला दी और खुद भी पी ली। बेटा घर के बाहर होने की वजह से इस सामूहिक आत्महत्या की कोशिश से बाल-बाल बच गया।
अस्पताल में टूटी सांसें
रात के सन्नाटे में जब घर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आईं, तो पड़ोसी भागकर वहां पहुंचे। तीनों की हालत बिगड़ती देख तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
बदकिस्मती से 25 फरवरी की सुबह इलाज के दौरान बेटी ने दम तोड़ दिया। वहीं, उसी दिन शाम करीब 6 बजे पिता शंकर लाल की भी मौत हो गई। पत्नी की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। वह मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती हैं।
टी-20 वर्ल्ड कप से बढ़ी थी लत
पुलिस की शुरुआती जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कोतवाली एसआई उपेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, शंकर पिछले एक साल से इस गेमिंग प्लेटफॉर्म (ऑनलाइन गेमिंग से खतरा) पर सक्रिय थे।
विशेष रूप से टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान उनकी सक्रियता और हार का ग्राफ काफी बढ़ गया था। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में शंकर लाल गुप्ता के खुदकुशी की वजह आर्थिक तंगी ही लग रही है।
BDG Win जैसे ऐप्स गेम के नाम पर दरअसल जुए के अड्डे हैं, जहां कलर प्रेडिक्शन और नंबर गेम के जरिए लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच दिया जाता है।
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