मोबाइल कवर को लेकर विवाद: एसडीएम ने डिलीवरी बॉय को भिजवाया जेल
Jitendra Shrivastava | Jul 25, 2026, 24:08 IST
Photograph: (THESOOTR)
PANNA. शाहनगर में SDM रामनिवास चौधरी और डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा के बीच मोबाइल कवर डिलीवरी को लेकर विवाद हुआ। पुलिस ने युवक को BNSS धारा 170 में हिरासत में लेकर पवई उपजेल भेजा।
समझें क्या है पूरा मामला...
- फ्लिपकार्ट से मंगाया 120 रुपए का कवर, डिलीवरी बॉय पहुंचा जेल।
- एसडीएम साहब का ऑर्डर अधूरा निकला, विवाद इतना बढ़ा कि गिरफ्तारी हुई।
- डिलीवरी बॉय विजय का आरोप, कहा गाली-गलौज कर पुलिस बुलवाई गई।
- वीडियो वायरल होते ही चर्चा में आया शाहनगर एसडीएम का मामला।
- एक तरफ एसडीएम की शिकायत, दूसरी तरफ डिलीवरी बॉय का आरोप।
डिलीवरी के दौरान सिर्फ एक कवर पहुंचा, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा को पुलिस ने हिरासत में लेकर पवई उपजेल भेज दिया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गरमा गया है। यह पूरा विवाद एक छोटे से ऑनलाइन ऑर्डर से शुरू हुआ। लेकिन कुछ ही घंटों में यह पूरे जिले की चर्चा का विषय बन गया।
ऑनलाइन शॉपिंग में डिलीवरी की गड़बड़ी आम बात मानी जाती है। ज्यादातर मामलों में ग्राहक कंपनी के ऐप या हेल्पलाइन के जरिए शिकायत दर्ज कराता है। डिलीवरी बॉय के पास पैसे लौटाने या सामान बदलने का सीधा अधिकार नहीं होता, वह सिर्फ सामान पहुंचाने का काम करता है। इसी बुनियादी प्रक्रिया को लेकर इस बार बात बिगड़ गई।
कैसे शुरू हुआ विवाद
डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा ने इसे ऑर्डर में हुई त्रुटि बताया। उसने सामान वापस करने और रिफंड की सामान्य प्रक्रिया अपनाने की बात कही। आमतौर पर ऐसी गड़बड़ी में यही तरीका अपनाया जाता है।
डिलीवरी बॉय का आरोप
पुलिस की कार्रवाई
थाना प्रभारी परशुराम डावर ने इस बारे में जानकारी दी। उनके अनुसार SDM कार्यालय से सूचना मिलने पर पुलिस स्टाफ मौके पर भेजा गया था। उन्होंने बताया कि SDM की तरफ से डिलीवरी बॉय पर अभद्रता करने का आरोप लगाया गया था, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई हुई।
दोनों तरफ के अलग-अलग दावे
फिलहाल दोनों दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। मामले की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
कानूनी जानकारों के अनुसार ऐसे मामलों में दोनों पक्षों का बयान दर्ज करना जरूरी होता है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक किसी एक पक्ष को दोषी मानना जल्दबाजी होगी। पुलिस फिलहाल दोनों तरफ के सबूत और गवाहों के बयान इकट्ठा कर रही है।
वीडियो वायरल, मामला गरमाया
कुछ यूजर इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि छोटे विवाद पर इतनी सख्त कार्रवाई ठीक नहीं थी। वहीं कुछ लोग प्रशासनिक अधिकारी के पक्ष का भी समर्थन कर रहे हैं। इस तरह जनता की राय बंटी हुई नजर आ रही है।
SDM का पुराना रिकॉर्ड भी चर्चा में
अब आगे क्या
परिवार और साथी डिलीवरी कर्मचारी भी इस घटना को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। कई डिलीवरी कर्मचारियों का कहना है कि रोजाना ऐसी छोटी-मोटी गड़बड़ियां आम बात हैं, लेकिन गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई पहली बार देखने को मिली है।
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