शिवपुरी में वकील की हत्या के विरोध में जबलपुर बार करेगा बहिष्कार, 16 फरवरी को न्यायिक कार्य से विरक्त रहेंगे अधिवक्ता

शिवपुरी में वकील संजय कुमार सक्सेना की हत्या के विरोध में जबलपुर बार संघ 16 फरवरी को न्यायिक कार्य से विरक्त रहेगा। घटना से प्रदेशभर में वकीलों का गुस्सा उबाल पर है।

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Neel Tiwari
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Jabalpur bar will boycott in protest against murder of lawyer in Shivpuri

Photograph: (the sootr)

News in short

  • शिवपुरी के करैरा में कोर्ट जाते समय अधिवक्ता संजय सक्सेना की गोली मारकर हत्या।
  • आनंद सागर मंदिर के पास बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग।
  • परिजनों ने जमीन विवाद और पुरानी रंजिश को बताया हत्या की वजह।
  • जबलपुर जिला अधिवक्ता संघ ने 16 फरवरी को न्यायिक कार्य से विरक्त रहने का ऐलान।
  • एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग फिर हुई तेज।

Intro 

JABALPUR. शिवपुरी में दिनदहाड़े अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या से प्रदेशभर में वकीलों में आक्रोश है। घटना के विरोध में जबलपुर जिला अधिवक्ता संघ ने 16 फरवरी को न्यायिक कार्य से विरक्त रहने की घोषणा की है।
इसके साथ ही एक बार फिर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग जोर पकड़ने लगी है।

News in detail

दिनदहाड़े फायरिंग से दहल गया था शिवपुरी

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा कस्बे में शनिवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब अज्ञात बदमाशों ने अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना (57) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि वे रोज की तरह बाइक से कोर्ट जा रहे थे। किले के पीछे स्थित आनंद सागर मंदिर के पास सिद्धन रोड पर पहले से घात लगाए हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ दिया था दम

वारदात के कुछ देर बाद उसी रास्ते से गुजर रहे एक अन्य अधिवक्ता की नजर सड़क पर गिरे संजय सक्सेना पर पड़ी। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। घटना की खबर मिलते ही इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी।

जमीन विवाद और धमकियों का आरोप

मृतक के भाई अधिवक्ता कुलदीप सक्सेना ने आरोप लगाया था कि गांव सिगदाऊआ के कुछ लोगों ने रंजिश के चलते हत्या कराई है। संजय सक्सेना ने किशोरी जाटव के पक्ष में जमीन का केस लड़ा था, जिसमें फैसला उनके मुवक्किल के पक्ष में आया था। आरोप है कि केस हारने के बाद से लगातार धमकियां दी जा रही थीं कि वे आगे उनके खिलाफ कोई मुकदमा न लड़ें।

बताया गया है कि वे मिठुआ जाटव के पक्ष में एक अन्य जमीन विवाद का केस भी लड़ रहे थे, जिसमें कथित रूप से शिक्षक कमलेश शर्मा का कब्जा बताया गया है। परिजनों का दावा है कि केस से हटने के लिए दबाव और 12 लाख रुपए की कथित सुपारी तक की बात सामने आई थी।

पुरानी चुनावी रंजिश भी आई सामने

परिजनों के अनुसार आरोपियों से चुनावी रंजिश भी चली आ रही थी। अगस्त-सितंबर में उनकी 6 बीघा जमीन में खड़ी मूंगफली की फसल उजाड़ दी गई थी। इसकी शिकायत दिनारा थाने में की गई थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

जिला अधिवक्ता संघ का विरोध, 16 फरवरी को बहिष्कार

शिवपुरी की घटना के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ जबलपुर ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ ने घोषणा की है कि 16 फरवरी 2026 को सभी अधिवक्ता न्यायालयीन कार्य से विरक्त रहकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। संघ ने अपने बयान में कहा कि “शिवपुरी में हमारे अधिवक्ता साथी को यूनिफॉर्म में रहते हुए गोली मार दी गई, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं।”

फिर उठी एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग

इस घटना के बाद अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चली आ रही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग फिर तेज हो गई है। अधिवक्ता संघ का कहना है कि वकीलों का पेशा लगातार जोखिम भरा होता जा रहा है। जमीन विवाद, आपराधिक प्रकरण और संवेदनशील मामलों की पैरवी के कारण उन्हें जान का खतरा बना रहता है।

अधिवक्ताओं का स्पष्ट कहना है कि यदि डॉक्टरों और अन्य पेशेवरों की तरह उनके लिए भी विशेष सुरक्षा कानून बनाया जाए, तो इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

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