सिम दूसरे को दी तो होगी जेल, 50 लाख जुर्माना, दूरसंचार विभाग की नई एडवायजरी
Jitendra Shrivastava | Sept 21, 2026, 23:56 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. दूरसंचार विभाग की नई एडवायजरी के मुताबिक फर्जी सिम या IMEI से छेड़छाड़ पर 3 साल जेल और 50 लाख जुर्माना हो सकता है। संचार साथी पर अपने नाम की सिम चेक करें।
दूरसंचार विभाग ने सोमवार को सिम कार्ड के दुरुपयोग पर नई एडवायजरी जारी की है। फर्जी ID से सिम लेने, बेचने या IMEI नंबर से छेड़छाड़ पर 3 साल जेल हो सकती है। ऐसे मामलों में 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है।
अपने नाम की सिम किराए पर देने वाला असली ग्राहक भी कार्रवाई की जद में आएगा। सरकार ने सभी लोगों से संचार साथी पर अपने नाम के नंबर चेक करने को कहा है।
अपने नाम की सिम किसी और को देना अब भारी पड़ सकता है। दूरसंचार विभाग ने 21 सितंबर को नई एडवायजरी जारी की है। विभाग के मुताबिक फर्जी ID से सिम खरीदना या बेचना गंभीर अपराध है।
मोबाइल आईएमआई नम्बर से छेड़छाड़ पर भी यही सजा लागू होगी। दोषी को 3 साल तक की जेल हो सकती है। साथ में 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है।
सरकार ने सभी नागरिकों को सलाह दी है। वे संचार साथी ऐप पर जाकर तुरंत जांच करें। देखें कि उनकी ID (Identity) पर कोई अनजान नंबर तो एक्टिव नहीं है।
यह कदम एक बड़े साइबर फ्रॉड के बाद उठाया गया है। मामला छत्तीसगढ़ का है। वहां एक सिम बेचने वाले एजेंट ने लोगों के डॉक्यूमेंट्स का गलत इस्तेमाल किया। उसने उनकी जानकारी के बिना 25 फर्जी सिम चालू कर रखे थे।
मामला खुलते ही दूरसंचार विभाग (DoT – Department of Telecommunications) ने एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया। री-वेरिफिकेशन में फेल होने पर सभी 25 नंबर तुरंत बंद कर दिए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब वह आउटलेट भविष्य में कनेक्शन जारी नहीं कर सकेगा।
दूरसंचार विभाग ने साफ कहा है कि सिर्फ ठग ही नहीं, असली ग्राहक भी फंसेगा। अगर आप अपने नाम से सिम खरीदकर किसी और को बेचते हैं, तो यह अपराध है। किराए पर देना भी इसी श्रेणी में आएगा।
अगर आपकी सिम साइबर ठगी में इस्तेमाल हुई, तो पुलिस केस आप पर भी होगा। कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।
फर्जी डॉक्यूमेंट्स लगाकर सिम लेना भी गंभीर अपराध है। पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करना भी इसी में आता है। किसी और के नाम की सिम का गलत इस्तेमाल भी अपराध है।
कोई ठग किसी की ID से सिम निकलवा लेता है। कई बार वह पैसे का लालच देकर सिम खरीद भी लेता है। फिर उसी सिम से साइबर अपराध किया जाता है। ऐसी सिम को म्यूल सिम कहा जाता है।
एडवायजरी के मुताबिक बदले गए IMEI वाला फोन इस्तेमाल करना गैर-कानूनी है। IMEI (International Mobile Equipment Identity) हर फोन की खास पहचान संख्या होती है।
कुछ एप्स या वेबसाइट्स किसी और का नंबर दिखाकर कॉल करने देती हैं। इसे कॉलिंग ID बदलना कहते हैं। ऐसे टूल्स का इस्तेमाल भी अपराध है। सरकार इसे देश की सुरक्षा और नेटवर्क के लिए बड़ा खतरा मानती है।
सरकार ने संचार साथी पोर्टल और एप पर जांच की सलाह दी है। विभाग के अनुसार यहां आपके नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी मिलती है।
कोई अनजान या गैरजरूरी नंबर दिखे तो उसे बंद कराने का अनुरोध किया जा सकता है। पोर्टल पर फोन का IMEI असली है या नहीं, यह जांचने की सुविधा भी है। पुराने और इस्तेमाल न होने वाले नंबरों की भी जांच कर लेना बेहतर रहेगा। जो नंबर आपके नहीं हैं, उन पर तुरंत ध्यान दें।
भारत में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 सिम रखने का नियम पुराना है। जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्वी राज्यों में यह सीमा 6 सिम है। सुरक्षा कारणों से यह अलग नियम रखा गया है।
सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों से डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने को कहा है। बताया गया है कि इस पोर्टल पर देश के सभी मोबाइल यूजर का डेटा मौजूद है। नया सिम एक्टिवेट करने से पहले कंपनियां देखेंगी कि आपके नाम पर कितने सिम चल रहे हैं।
नियम सख्त करने के लिए एक नया फीचर जोड़ा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह फीचर 23 अगस्त से जोड़ा गया है। जो लोग 9 सिम की सीमा पार करते हैं, उनकी फोटो पोर्टल पर दिखती है। इससे डीलर तुरंत पहचान लेते हैं कि किसे नया सिम नहीं देना है।
दूरसंचार विभाग ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को समय दिया है। उन्हें अपने सिस्टम नए सरकारी प्लेटफॉर्म से पूरी तरह जोड़ने होंगे। इसके लिए 30 नवंबर 2026 तक की मोहलत मिली है। तब तक कंपनियों को अपना पूरा प्रोसेस दुरुस्त करना होगा। मकसद यह है कि कोई भी एक्स्ट्रा सिम चालू न हो सके।
सबसे पहले अपने नाम के सभी नंबर संचार साथी पर देख लें। अपनी सिम सिर्फ अपने इस्तेमाल के लिए रखें। पैसे के लालच में किसी को सिम न दें, चाहे वह जान-पहचान वाला ही हो। फर्जी ID या बदले हुए IMEI वाले फोन से दूर रहें।
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अपने नाम की सिम किराए पर देने वाला असली ग्राहक भी कार्रवाई की जद में आएगा। सरकार ने सभी लोगों से संचार साथी पर अपने नाम के नंबर चेक करने को कहा है।
सिम देने पर क्या है सजा
मोबाइल आईएमआई नम्बर से छेड़छाड़ पर भी यही सजा लागू होगी। दोषी को 3 साल तक की जेल हो सकती है। साथ में 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है।
सरकार ने सभी नागरिकों को सलाह दी है। वे संचार साथी ऐप पर जाकर तुरंत जांच करें। देखें कि उनकी ID (Identity) पर कोई अनजान नंबर तो एक्टिव नहीं है।
ताजा मामला छत्तीसगढ़ का
मामला खुलते ही दूरसंचार विभाग (DoT – Department of Telecommunications) ने एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया। री-वेरिफिकेशन में फेल होने पर सभी 25 नंबर तुरंत बंद कर दिए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब वह आउटलेट भविष्य में कनेक्शन जारी नहीं कर सकेगा।
किराए पर सिम देना पड़ेगा भारी
अगर आपकी सिम साइबर ठगी में इस्तेमाल हुई, तो पुलिस केस आप पर भी होगा। कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।
फर्जी डॉक्यूमेंट्स लगाकर सिम लेना भी गंभीर अपराध है। पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करना भी इसी में आता है। किसी और के नाम की सिम का गलत इस्तेमाल भी अपराध है।
क्या होती है म्यूल सिम
IMEI और कॉलिंग ID पर रोक
कुछ एप्स या वेबसाइट्स किसी और का नंबर दिखाकर कॉल करने देती हैं। इसे कॉलिंग ID बदलना कहते हैं। ऐसे टूल्स का इस्तेमाल भी अपराध है। सरकार इसे देश की सुरक्षा और नेटवर्क के लिए बड़ा खतरा मानती है।
अपने नाम की सिम कैसे चेक करें
कोई अनजान या गैरजरूरी नंबर दिखे तो उसे बंद कराने का अनुरोध किया जा सकता है। पोर्टल पर फोन का IMEI असली है या नहीं, यह जांचने की सुविधा भी है। पुराने और इस्तेमाल न होने वाले नंबरों की भी जांच कर लेना बेहतर रहेगा। जो नंबर आपके नहीं हैं, उन पर तुरंत ध्यान दें।
सिम की लिमिट और नया नियम
सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों से डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने को कहा है। बताया गया है कि इस पोर्टल पर देश के सभी मोबाइल यूजर का डेटा मौजूद है। नया सिम एक्टिवेट करने से पहले कंपनियां देखेंगी कि आपके नाम पर कितने सिम चल रहे हैं।
सीमा पार करने वालों की फोटो
कंपनियों को 30 नवंबर की मोहलत
लोग अभी क्या करें
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