जयपुर में सांड की टक्कर से मौत, परिवार को मिलेगा 61.35 लाख मुआवजा; बस का इंतजार कर रहे थे गिर्राज प्रसाद
Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 23, 2026, 12:15 IST
जयपुर में सांड से मौत
जयपुर में आवारा सांड की टक्कर से गिर्राज प्रसाद शर्मा की मौत के मामले में कोर्ट ने 61.35 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया। जयपुर हेरिटेज नगर निगम, जयपुर कलेक्टर और स्वायत्त शासन विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी तय की गई। मुआवजा राशि पर 4 अप्रैल 2023 से 6 प्रतिशत साधारण ब्याज भी देना होगा।
जयपुर में आवारा सांड की टक्कर से जान गंवाने वाले गिर्राज प्रसाद शर्मा के परिवार को 61.35 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। जयपुर महानगर द्वितीय की एडीजे-8 कोर्ट ने इस मामले में जयपुर हेरिटेज नगर निगम, जयपुर कलेक्टर और स्वायत्त शासन विभाग के सचिव की संयुक्त जिम्मेदारी तय की है।
अदालत ने तीनों पक्षों को निर्देश दिया है कि मृतक के आश्रितों को 4 अप्रैल 2023 से 6 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ मुआवजा राशि अदा की जाए। कोर्ट ने यह आदेश मृतक की पत्नी रेखा देवी की ओर से पेश किए गए फैटल एक्सीडेंट मुआवजा दावे का निस्तारण करते हुए दिया।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गिर्राज प्रसाद शर्मा 13 नवंबर 2022 को रामगढ़ मोड़ पर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए एक आवारा सांड ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वह नीचे गिर गए और उनके सिर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
गिर्राज प्रसाद की मौत के बाद परिजनों ने जयपुर हेरिटेज नगर निगम, जयपुर जिला कलेक्टर और स्वायत्त शासन विभाग के सचिव को पक्षकार बनाते हुए क्षतिपूर्ति का दावा पेश किया था। परिजनों ने हादसे के लिए संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय कर मुआवजा देने की मांग की थी।
नगर निगम ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि गिर्राज प्रसाद की मौत आवारा सांड की टक्कर से नहीं, बल्कि किसी वाहन की टक्कर से हुई थी। निगम ने यह भी दलील दी कि आवारा पशुओं को पकड़ने का काम एक निजी फर्म को ठेके पर दिया गया था। इसलिए मुआवजे के दावे को उसके खिलाफ खारिज किया जाना चाहिए।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पुलिस की रोजनामचा रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर विचार किया। इन दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट ने माना कि गिर्राज प्रसाद को आवारा सांड ने टक्कर मारी थी और गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हुई। अदालत ने इसके लिए नगर निगम, कलेक्टर और स्वायत्त शासन विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी तय की।
अदालत के आदेश के अनुसार, मृतक के आश्रितों को निर्धारित मुआवजा राशि पर 4 अप्रैल 2023 से 6 प्रतिशत साधारण ब्याज भी दिया जाना है। यह फैसला आवारा पशुओं से होने वाले हादसों में प्रशासनिक जिम्मेदारी और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के सवाल पर महत्वपूर्ण है।
छह फीसदी ब्याज के साथ देना होगा मुआवजा
बस का इंतजार कर रहे थे गिर्राज प्रसाद
परिजनों ने तीन विभागों के खिलाफ किया दावा
नगर निगम ने निजी फर्म पर डाली जिम्मेदारी
पुलिस और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को माना अहम
आगे क्या?
एमपी में कागजों पर सुधर गए पांच हजार स्कूल, जमीनी हकीकत ने खोली मंत्री के दावों की पोल
By Aman Vaishnav
झांकी दिखाने के बहाने बच्चे का अपहरण, नरबलि के लिए 9 बार चाकू से हमला; मरा समझकर फरार हुआ आरोपी, तलाश में जुटी पुलिस
By Arohi Raj
जयपुर में भीषण सड़क हादसा, 4 दोस्तों की मौत; खाटूश्यामजी से लौट रहे थे
By Jyoti Mahender Bhardwaj
एमपी के युवाओं को जर्मनी व जापान में मिलेगी नौकरी, ट्रेनिंग का 85% खर्च उठाएगी सरकार
By Aman Vaishnav
तबादले में प्रशासनिक जरूरतें अहम, कोर्ट ने कहा- कर्मचारी को मनचाही जगह पोस्टिंग का कानूनी अधिकार नहीं
By Jageshwar prasad
दुर्ग यूनिवर्सिटी में शुरू होगी कृषि विज्ञान की पढ़ाई, कार्यपरिषद ने दी मंजूरी, जानें सीटों का पूरा गणित
By Harrison Masih
इक्कीस IAS अधिकारियों को अलग-अलग राज्यों और देशों में निवेश तलाशने की जिम्मेदारी, DORA के निर्देशों पर करेंगे काम
By Jageshwar prasad