सोम डिस्टिलरीज को SC के आदेश के बाद भी नहीं मिलेगी जल्द राहत, टेंडर के 9 बिडर्स भी बने पक्षकार

Neel Tiwari | Jul 23, 2026, 19:08 IST
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सोम डिस्टिलरीज
सोम डिस्टिलरीज

सोम डिस्टिलरीज के शराब लाइसेंस और आबकारी निविदा विवाद में गुरुवार को जबलपुर हाईकोर्ट में फिर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह में फैसला देने को कहा। हाईकोर्ट ने 831 पन्नों की संशोधित याचिका स्वीकार की। नौ सफल बोलीदाताओं को पक्षकार बनाया गया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • सोम डिस्टिलरीज ने लाइसेंस रिन्यूअल को चुनौती दी।
  • कंपनी ने आबकारी निविदा पर भी सवाल उठाए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने संयुक्त सुनवाई का आदेश दिया।
  • हाईकोर्ट ने संशोधित याचिका स्वीकार की।
  • समय सीमा बढ़ाने सुप्रीम कोर्ट जाना होगा।

सोम को दो हफ्ते में नहीं मिलेगा फैसला

शराब लाइसेंस और आबकारी विभाग की निविदा से जुड़े चर्चित सोम डिस्टिलरीज मामले में गुरुवार को जबलपुर हाईकोर्ट में एक बार फिर सुनवाई हुई। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश को रिकॉर्ड पर लिया।

इसके साथ ही मामले की आगे की सुनवाई का रास्ता भी साफ कर दिया। हालांकि अदालत ने माना कि मौजूदा हालात में सुप्रीम कोर्ट की तय दो सप्ताह की समय सीमा में फैसला देना संभव नहीं दिख रहा है।

SC ने क्यों बदला था HC का पुराना आदेश

यह मामला शराब लाइसेंस के नवीनीकरण और आबकारी विभाग की नई निविदा से जुड़ा है। पहले हाईकोर्ट ने कुछ राहतों पर सुनवाई डिवीजन बेंच में रखी थी। बाकी मुद्दे सिंगल बेंच को भेज दिए थे। सोम डिस्टिलरीज ने इसी व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि दोनों विवाद एक ही याचिका से जुड़े हैं। इसलिए उनका फैसला भी एक साथ होना चाहिए। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के पुराने आदेश में संशोधन किया। इसके बाद पूरा मामला फिर डिवीजन बेंच के पास आ गया।

HC ने स्वीकार की संशोधित याचिका

गुरुवार की सुनवाई में याचिकाकर्ता ने रिट याचिका में संशोधन का आवेदन पेश किया। यह आवेदन 25 से अधिक दस्तावेजों के साथ कुल 831 पृष्ठों का है। अदालत ने इस आवेदन को स्वीकार कर लिया।

अब संशोधित रिट याचिका रिकॉर्ड का हिस्सा बनेगी। इससे साफ हो गया कि आगे की सुनवाई अब संशोधित तथ्यों और नए दस्तावेजों के आधार पर होगी। इससे दोनों पक्षों को अपना पक्ष विस्तार से रखने का अवसर मिलेगा।

9 सक्सेसफुल बिडर्स भी बने मामले के पक्षकार

सुनवाई के दौरान सोम डिस्टिलरीज ने एक और अहम आवेदन पेश किया। इसमें निविदा के 9 सफल बोलीदाताओं को भी पक्षकार बनाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार कर लिया।

अब इन सभी सफल बोलीदाताओं को उत्तरवादी क्रमांक 5 से 14 बनाया जाएगा। अदालत ने उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। नियमित प्रक्रिया और हमदस्त, दोनों माध्यमों से नोटिस की तामील कराई जाएगी।

दो सप्ताह में फैसला मुश्किल

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का फैसला दो सप्ताह में करने की उम्मीद जताई थी। लेकिन हाईकोर्ट ने माना कि अब यह समय पर्याप्त नहीं है।

अदालत ने दोनों पक्षों से कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट जाकर समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध करें। अदालत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश रिकॉर्ड पर आने तक पांच दिन पहले ही निकल चुके थे। अब नए दस्तावेज और नए पक्षकार जुड़ने से सुनवाई में और समय लगेगा।

राज्य सरकार को जवाब के लिए मिला एक सप्ताह

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से संशोधित याचिका का जवाब देने के लिए समय मांगा गया। हाईकोर्ट ने सरकार को एक सप्ताह का समय दिया।

याचिकाकर्ता ने भरोसा दिया कि जवाब मिलने के तीन दिन के भीतर प्रत्युत्तर दाखिल कर दिया जाएगा। अदालत ने निर्देश दिया कि जवाब और प्रत्युत्तर आते ही मामला तुरंत सूचीबद्ध किया जाए।

आखिर विवाद की शुरुआत कैसे हुई

इस पूरे विवाद की शुरुआत जून 2026 के दो आदेशों से हुई थी। एक आदेश में सोम डिस्टिलरीज के शराब लाइसेंस नवीनीकरण के आवेदन खारिज कर दिए गए थे। दूसरे आदेश में आबकारी विभाग ने नई निविदा जारी की थी।

निविदा की शर्त थी कि केवल वैध शराब लाइसेंस वाले ही आवेदन कर सकेंगे। कंपनी ने दोनों आदेशों को एक ही रिट याचिका में चुनौती दी। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों मुद्दों का फैसला भी साथ होना चाहिए।

आगे क्या रहेगा सबसे बड़ा सवाल

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट समय सीमा बढ़ाने की अनुमति देता है या नहीं। यदि समय बढ़ता है तो हाईकोर्ट सभी नए दस्तावेज, नए पक्षकार और सभी कानूनी पहलुओं पर एक साथ सुनवाई करेगा।

इस मामले का असर केवल सोम डिस्टिलरीज तक सीमित नहीं रहेगा। आबकारी विभाग की निविदा प्रक्रिया और शराब लाइसेंस से जुड़े भविष्य के मामलों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण कारोबार जगत और कानूनी विशेषज्ञ इस सुनवाई पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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