सरकार की बेरुखी पर अर्द्धनग्न होकर निकले शिक्षक भर्ती के चयनित अभ्यर्थी
Sanjay Sharma | Jan 19, 2026, 20:08 IST
teacher recruitment selected
मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती की चयन परीक्षा के दो साल बाद भी नियुक्ति नहीं हो पाई है। 2901 पद ही भरे गए, जबकि बाकी पदों को बैकलॉग का हवाला देकर रोक दिया गया।
News in Short
- दो साल पहले पात्रता और चयन परीक्षा के बाद 8720 पद पर भर्ती आई थी।
- स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के लिए ईएसबी ने परीक्षा का आयोजन किया था।
- चयन परीक्षा के बाद कई काउंसलिंग हुई लेकिन केवल 2901 पद पर ही नियुक्ति की गई।
- मध्य प्रदेश के स्कूलों में अब भी शिक्षकों के हजारों पद भरे नहीं जा सके हैं।
- चयन परीक्षा के बाद नियुक्ति को लेकर अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
News in Detail
वेटिंग शिक्षकों ने रैली भी निकाली
कई प्रदर्शनों के बाद भी स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग न तो उन्हें नियुक्ति दे रहा है न ही हजारों पद होल्ड करने की वजह बता रहा है। सोमवार को विभागों के रवैये और सरकार की बेरुखी से नाराज हजारों वेटिंग शिक्षकों ने अर्द्धनग्न प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन से पहले वेटिंग अभ्यर्थियों ने रानी कमलापति स्टेशन से रैली निकाली। सीएम हाउस की ओर कूच करते समय पुलिस और प्रशासन ने उन्हें सेकेण्ड स्टॉप के पास रोक लिया।
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पद खाली, चयन भी किया फिर क्यों रोकी नियुक्ति
बाकी पद पर नियुक्ति को बैकलॉग का बहाना बनाकर रोक दिया गया। जबकि नोटिफिकेशन में इतने पद बैकलॉग में नहीं बल्कि सीधी भर्ती के लिए थे। अभ्यर्थी नीरज द्विवेदी के अनुसार प्रदेश में हजारों पद खाली हैं। एक शिक्षक के भरोसे पांच- पांच कक्षाएं चल रही हैं। सरकार भी स्कूलों में पद खाली होने की बात स्वीकार चुकी है। फिर भी नियुक्तियों में रोड़ा अटकाने की वजह नहीं बताई जा रही।
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लगातार उठ रही पदवृद्धि की मांग
साल 2011 में वर्ग 1 के लिए 11 हजार पदों पर भर्ती हुई थी जबकि 2018 में 17 हजार शिक्षकों की भर्ती हुई थी। 2023 में केवल 8720 पदों पर नियुक्ति निकाली गई। इस अवधि में सेवानिवृत्ति की वजह से पद खाली हो गए। 8720 पदों पर नियुक्ति आई थी। इनमें से 5053 पद सीधी भर्ती के लिए रखे गए थे। फिर भी केवल 2901 पदों पर नियुक्ति दी गई। 2152 पद होल्ड कर दिए गए। खाली पदों का आंकलन कर संख्या बढ़ानी चाहिए थी।
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अब आगे क्या
वे मुंडन, साष्टांग और अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन कर चुके हैं। जिलों में विधायकों, मंत्रियों के साथ ही मुख्यमंत्री को भी मांग पत्र सौंपे जा चुके हैं। वहीं हाईकोर्ट में भी वे कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। सोमवार के प्रदर्शन के बाद वेटिंग शिक्षकों का आंदोलन और तेज हो सकता है।
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