Bhopal के भोजपुर में साकार होगा मंदिर का सपना, जानें कैसा बनेगा नया मंदिर!
Sandeep Kumar | Mar 08, 2024, 14:46 IST
भोजपुर में नए मंदिर बनाने की कवायद
भोजपुर के प्रसिद्ध भोजेश्वर मंदिर के पास ही दूसरा नया मंदिर बनाने की कवायद शुरु हो गई है। बताया जा रहा है कि ये मंदिर मुख्य मंदिर से महज 300 मीटर की दूरी पर होगा।
BHOPAL. मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) के भोजपुर स्थित अधूरे भोजेश्वर मंदिर ( Bhojeshwar Temple ) को अब पूरा करने की कवायद शुरू हो गई है । दरअसल राजा भोज ( Raja bhoj ) द्वारा बनवाए गए अधूरे भोजेश्वर मंदिर के करीब ही एक नया भव्य मंदिर बनने जा रहा है। इस मंदिर का निर्माण मौजूदा मंदिर से 300 मीटर दूर बेतवा नदी के किनारे राजा भोज की कल्पना के अनुसार होगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक यह दुनिया में अब तक उपलब्ध मंदिरों में सबसे ऊंचा यानी 100 मीटर ऊंचा मंदिर होगा। मंदिर की चौड़ाई 200 मीटर होगी। मंदिर निर्माण में उसी तरह की निर्माण सामग्री उपयोग की जाएगी, जिसका उपयोग राजा भोज के कालखंड में किया जाता था। यहां एक टाउनशिप भी बनाई जा सकती है। इसमें स्कूल, अस्पताल, पार्क और बाजार सहित सभी सुविधाएं होंगी।
ये खबर भी पढ़िए...पटवारी भर्ती का दूसरा चरण, खाली रहे पदों पर दूसरी काउंसलिंग 9 मार्च को करने के आदेश
मध्य प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ( Dharmendra Lodhi ) ने बताया कि कुछ पुरातत्व विशेषज्ञों ने भोजपुर के मंदिर के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव दिया है, उन्होने बताया कि धर्मस्व विभाग के साथ पर्यटन विभाग और सरकार की अन्य एजेंसियों के साथ कुछ एनआरआई भी इसमें मदद कर सकते हैं।
ये खबर भी पढ़िए..MP में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए इन 4 सीटों पर कांग्रेस को तलाशने होंगे नए चेहरे
प्रो. हार्डी की रिपोर्ट बताती है कि मौजूदा भोजेश्वर मंदिर ( Bhojpur temple ) केवल गर्भ गृह है। यदि यह मंदिर पूरा बनता तो यह लगभग 100 मीटर ( 328 फीट ) ऊंचा और 200 मीटर ( यानी 656 फीट ) चौड़ा होता। यानी भोजपुर मंदिर पूरा होता तो यह संसार में सबसे ऊंचा होता। यह मंदिर द्रविण और भूजश शैली का मिश्रण है जिसे निरंधार शैली कहते हैं। मंदिर के गर्भ गृह, शिखर, अन्य सभी हॉल आदि की डिटेल डिजाइन तैयार की जाएगी।
ये खबर भी पढ़िए..मध्य प्रदेश की मोहन सरकार गेहूं खरीदी के लिए लेगी कर्जा
ये खबर भी पढ़िए...यात्रियों की सुविधा को देखते हुए वंदे भारत ट्रेन में किए बड़े बदलाव
ये खबर भी पढ़िए...पटवारी भर्ती का दूसरा चरण, खाली रहे पदों पर दूसरी काउंसलिंग 9 मार्च को करने के आदेश
पुरातत्व विशेषज्ञों ने दिया मंदिर बनवाने का प्रस्ताव
मध्य प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ( Dharmendra Lodhi ) ने बताया कि कुछ पुरातत्व विशेषज्ञों ने भोजपुर के मंदिर के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव दिया है, उन्होने बताया कि धर्मस्व विभाग के साथ पर्यटन विभाग और सरकार की अन्य एजेंसियों के साथ कुछ एनआरआई भी इसमें मदद कर सकते हैं।
ये खबर भी पढ़िए..MP में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए इन 4 सीटों पर कांग्रेस को तलाशने होंगे नए चेहरे
दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर होगा
प्रो. हार्डी की रिपोर्ट बताती है कि मौजूदा भोजेश्वर मंदिर ( Bhojpur temple ) केवल गर्भ गृह है। यदि यह मंदिर पूरा बनता तो यह लगभग 100 मीटर ( 328 फीट ) ऊंचा और 200 मीटर ( यानी 656 फीट ) चौड़ा होता। यानी भोजपुर मंदिर पूरा होता तो यह संसार में सबसे ऊंचा होता। यह मंदिर द्रविण और भूजश शैली का मिश्रण है जिसे निरंधार शैली कहते हैं। मंदिर के गर्भ गृह, शिखर, अन्य सभी हॉल आदि की डिटेल डिजाइन तैयार की जाएगी।
ये खबर भी पढ़िए..मध्य प्रदेश की मोहन सरकार गेहूं खरीदी के लिए लेगी कर्जा
ये खबर भी पढ़िए...यात्रियों की सुविधा को देखते हुए वंदे भारत ट्रेन में किए बड़े बदलाव
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava