जहरीला कफ सिरप कांड : जांच में मिले सबूत, परासिया के दो डॉक्टर गिरफ्तार
Pawan Modiya | Mar 07, 2026, 21:47 IST
Photograph: (the sootr)
छिंदवाड़ा के जहरीला कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड में SIT ने परासिया के दो डॉक्टर गिरफ्तार किए। गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों में डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. एसएस ठाकुर शामिल हैं।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में सामने आए जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने शनिवार को परासिया क्षेत्र के दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों में डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. एसएस ठाकुर शामिल हैं। दोनों डॉक्टरों को शनिवार दोपहर हिरासत में लिया गया और कई घंटों तक पूछताछ की गई। इसके बाद जांच टीम ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला उस समय पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था जब कफ सिरप (Cough Syrup) के सेवन के बाद 24 बच्चों की संदिग्ध मौत की खबर सामने आई थी। घटना ने न केवल प्रशासन बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
जांच टीम ने पिछले कई महीनों में दवा के सप्लाई नेटवर्क और उसके उपयोग से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान टीम को दवा की आपूर्ति, चिकित्सकीय पर्चों और वितरण प्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले।
इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. एसएस ठाकुर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद टीम ने दोनों डॉक्टरों को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया। जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी मामले में और भी कई पहलुओं की जांच जारी है।
यह मामला पिछले कई महीनों से जांच एजेंसियों के रडार पर है। इससे पहले भी इस कफ सिरप कांड (Cough Syrup Case) में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी सहित कुल 9 आरोपी पिछले करीब छह महीनों से जेल में बंद हैं।
जांच एजेंसियां लगातार यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर जहरीला कफ सिरप बच्चों तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों की पूरी श्रृंखला क्या है।
दो और डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद पूरे कोयलांचल क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में शुरुआत से ही कई बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही थी। सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से मांग की है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
इस मामले में अपने बच्चों को खो चुके परिवार लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे थे। दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित परिवारों ने कुछ राहत महसूस की है। परिजनों का कहना है कि जब तक सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्याय अधूरा रहेगा। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए दवाओं की जांच और वितरण व्यवस्था को और सख्त बनाया जाए।
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गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों में डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. एसएस ठाकुर शामिल हैं। दोनों डॉक्टरों को शनिवार दोपहर हिरासत में लिया गया और कई घंटों तक पूछताछ की गई। इसके बाद जांच टीम ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला उस समय पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था जब कफ सिरप (Cough Syrup) के सेवन के बाद 24 बच्चों की संदिग्ध मौत की खबर सामने आई थी। घटना ने न केवल प्रशासन बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
जांच में मिले अहम साक्ष्य
इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. एसएस ठाकुर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद टीम ने दोनों डॉक्टरों को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया। जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी मामले में और भी कई पहलुओं की जांच जारी है।
पहले से 9 आरोपी जेल में
जांच एजेंसियां लगातार यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर जहरीला कफ सिरप बच्चों तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों की पूरी श्रृंखला क्या है।
गिरफ्तारी के बाद फिर तेज हुई चर्चा
पीड़ित परिवारों को मिली कुछ राहत
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