45 पैसे की रेल बीमा पॉलिसी ने दिलवाया लाखों का मुआवजा, उदाहरण से समझें पूरा मामला

Aman Vaishnav | Feb 11, 2026, 12:49 IST
Share
train accident compensation ravi kumar sharma family
train accident compensation ravi kumar sharma family

एमपी के मुरैना जिले के रवि कुमार शर्मा की ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी। उनकी पत्नी ने बीमा क्लेम भी किया लेकिन बीमा कंपनी ने कोई भुगतान नहीं किया था। भोपाल उपभोक्ता आयोग के आदेश के बाद अब जाकर मौत के 5 साल बाद उनकी पत्नी को न्याय मिला है।

News In Short

  • मुरैना के रवि कुमार शर्मा की ट्रेन एक्सीडेंट में मौत हुई थी।
  • बीमा कंपनी ने क्लेम का समय पर निपटारा नहीं किया था।
  • भोपाल उपभोक्ता आयोग ने 10 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया है।
  • रवि कुमार की पत्नी मनीषा शर्मा का कहना है कि रेलवे की लापरवाही जिम्मेदार है।
  • रेलवे ट्रेवल इंश्योरेंस का ऑप्शन अब यात्री के लिए बड़ा सहारा बन सकता है।

News In Detail

मुरैना के रवि कुमार शर्मा की मौत के बाद उनकी पत्नी मनीषा शर्मा ने बीमा कंपनी के खिलाफ शिकायत की थी। बीमा कंपनी बार-बार डॉक्युमेंट्स पूरे न होने का बहाना बनाकर भुगतान टालती रही।

आखिरकार, यह मामला भोपाल उपभोक्ता आयोग में पहुंचा, जहां आयोग ने बीमा कंपनी को भुगतान करने का आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला

मुरैना जिले के रवि कुमार शर्मा ने 19 अक्टूबर 2020 को मुरैना से निजामुद्दीन जाने के लिए भोपाल एक्सप्रेस का टिकट ऑनलाइन बुक किया था। इसके साथ ही उन्होंने महज 45 पैसे का ट्रेवल इंश्योरेंस भी लिया था। जानकारी के अनुसार 21 अक्टूबर 2020 की रात करीब 3:20 बजे मुरैना रेलवे स्टेशन पर तेज बारिश हो रही थी लाइट भी नहीं थी।

प्लेटफॉर्म पर जो डिस्प्ले बोर्ड कोच नंबर बताता है वह भी बंद था। जब रवि कुमार शर्मा अपने कोच डी-1 तक पहुंचे तो गेट बंद था। वह दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगा ही रहे थे कि अचानक ट्रेन चल पड़ी थी।

रवि कुमार शर्मा पायदान पर चढ़ चुके थे। इसके बाद उनका पैर फिसल गया और वे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिर पड़े। रवि को तुरंत 108 एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

ऐसे शुरु हुआ मामला

पत्नी मनीषा शर्मा ने इस घटना की जानकारी आईआरसीटीसी को दी। इसके बाद उन्होंने अगस्त 2021 में सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ बजाज एलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी में क्लेम किया।

इसके बाद भी बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया। बार-बार यह कहकर मामले को टालती रही कि डॉक्यूमेंट्स पूरे नहीं हैं। जनवरी 2022 में फिर से डॉक्यूमेंट्स दिए गए। इस बार भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिर में जाकर यह मामला भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग में पहुंचा।

आयोग ने सुनाया फैसला

रवि कुमार शर्मा की पत्नी मनीषा शर्मा ने 30 सितंबर 2022 को भोपाल के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग की बेंच-2 में एक शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान एक दुर्घटना हुई थी। उन्होंने बीमा भी कराया था, लेकिन फिर भी बीमा राशि नहीं दी गई। इस मामले का फैसला आयोग की बेंच-2 की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह और सदस्य अंजुम फिरोज ने सुनाया।



इंश्योरेंस कंपनी को दिया आदेश

सुनवाई के बाद आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिकायत की तारीख से 7% सालाना ब्याज के साथ 10 लाख रुपए दे। इसके अलावा, कंपनी को दो महीने के अंदर मानसिक, शारीरिक और वित्तीय नुकसान के लिए 10 हजार रुपए और मुकदमे के खर्च के लिए 5 हजार रुपए भी देने होंगे। अगर ये भुगतान तय समय में नहीं किया गया, तो 9% ब्याज भी लगाया जाएगा।

भुगतान कि जिम्मेदारी बीमा कंपनी की

आयोग ने माना कि रवि कुमार शर्मा के पास वैध रेल टिकट और ट्रेवल इंश्योरेंस था। दुर्घटना यात्रा के दौरान ही हुई थी। पोस्टमॉर्टम, मृत्यु प्रमाण पत्र, FIR और बाकी सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स बीमा कंपनी को दिए जा चुके थे। बीमा कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि और कोई डॉक्यूमेंट्स मांगे गए थे। आयोग ने यह भी माना कि IRCTC की भूमिका सिर्फ टिकट बुकिंग तक थी। बीमा भुगतान की जिम्मेदारी पूरी तरह बीमा कंपनी की ही थी।

आयोग- कंपनी की गलत व्यापार प्रथा

आयोग ने आदेश में कहा कि बीमा कंपनी ने क्लेम का समय पर निपटारा नहीं किया है। आईआरसीटीसी और बीमा कंपनी के बीच समझौते के अनुसार 15 दिन के अंदर भुगतान करना था। इसके बावजूद दो साल तक भुगतान न करना साफ-साफ सेवा में कमी और गलत व्यापार प्रथा है।

देरी के कारण कोर्ट पहुंचा परिवार

मामले में पैरवी कर रहे वकील अरुण सिंह राणा का कहना है कि यह केस हर रेल यात्री को जागरूक करने का अच्छा उदाहरण है। टिकट बुक करते वक्त जो एक क्लिक में बीमा लिया जाता है। वह हादसे की स्थिति में परिवार को इधर-उधर भटकने से बचा सकता है।

वकील ने यह भी कहा कि समय पर पेमेंट करना इंश्योरेंस कंपनी की जिम्मेदारी थी। देर होने के कारण ही परिवार को कोर्ट का रुख करना पड़ा है।

2620a422-290
2620a422-290


पति की मौत के बाद बदला जीवन

मनीषा शर्मा ने बताया कि पति की मौत के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। घर में दो बेटियां, एक बेटा और सास-ससुर हैं। वह सिलाई का काम करके जैसे-तैसे घर चला रही हैं। मनीषा का कहना है कि इस हादसे के लिए रेलवे की लापरवाही जिम्मेदार है। आयोग के फैसले से उन्हें अब न्याय की उम्मीद जागी है।

रेल यात्री के लिए सबक

इस मामले से एक बहुत अच्छा सबक मिलता है। रेल टिकट बुक करते समय ट्रेवल इंश्योरेंस का ऑप्शन न चुनना एक छोटी सी भूल लग सकती है। देखा जाए तो किसी हादसे में यही भूल परिवार के लिए बड़ा नुकसान बन सकती है। रवि कुमार शर्मा ने सिर्फ 45 पैसे का इंश्योरेंस लिया था। उसी ने उनके परिवार को 10 लाख रुपए का कानूनी हक दिला दिया।plag

रेलवे ट्रेवल इंश्योरेंस इतना मिलता है

जब आप IRCTC की वेबसाइट या ऐप से ट्रेन टिकट बुक करते हैं, तो आपको एक ऑप्शनल इंश्योरेंस लेने का विकल्प मिलता है। इसका प्रीमियम 1 रुपए से भी कम होता है। यानी करीब ₹0.35 से ₹0.45 तक (35 से 45 पैसे)। पहले यह ₹0.35 था। अब यह ₹0.45 तक बढ़ गया है।

रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस बुक करने की प्रक्रिया

  • लॉगिन करें IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर।
  • अपनी यात्रा के लिए ट्रेन, तारीख और यात्री विवरण भरें।
  • यात्री विवरण भरने के बाद 'पेमेंट' पेज पर जाएं।
  • पेमेंट पेज पर Travel Insurance का विकल्प दिखाई देगा।
  • इंश्योरेंस के सामने YES पर टिक करें।
  • YES पर टिक करते ही लगभग 35-45 पैसे का शुल्क जुड़ जाएगा।
  • नॉमिनी का नाम, उम्र और संबंध की जानकारी भरें।
  • सभी विवरणों की जांच करने के बाद पेमेंट प्रक्रिया को पूरा करें।
  • टिकट कन्फर्म होने के साथ ही इंश्योरेंस एक्टिव हो जाएगा।
  • बीमा पॉलिसी की जानकारी आपको SMS या ईमेल के जरिए प्राप्त हो जाएगी।

ऐसे क्लेम करें रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस

ट्रेन में कोई एक्सीडेंट हो जाए तो चार महीने के अंदर इंश्योरेंस का क्लेम किया जा सकता है। घायल व्यक्ति, उसका नॉमिनी या उत्तराधिकारी क्लेम के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको इंश्योरेंस कंपनी के ऑफिस में एप्लिकेशन देना होगा। साथ ही जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी जमा करने होंगे।

ट्रेन ट्रेवल इंश्योरेंस क्लेम के लिए डॉक्यूमेंट

  • रेलवे अथॉरिटी की तरफ से ट्रेन एक्सीडेंट की पुष्टि की रिपोर्ट होना चाहिए।
  • एक्सीडेंट क्लेम फॉर्म पर नॉमिनी या कानूनी वारिस के साइन होना चाहिए।
  • विकलांग होने पर हादसे के पहले और बाद की फोटो देना होगा।
  • हॉस्पिटल में भर्ती होने से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट होना चाहिए।
  • विकलांग होने पर डॉक्टर की फाइनल रिपोर्ट होना चाहिए।
  • इलाज के दौरान ली गई दवाओं के बिल होना चाहिए।
  • सभी बिलों पर नंबर, साइन और स्टाम्प हो।
  • एक्सीडेंट में मृत यात्री की जानकारी वाली ऑफिशियल रिपोर्ट जरूरी है।
  • NEFT डिटेल और कैंसिल्ड चेक के साथ क्लेम फॉर्म होना जरूरी है।

किसे मिलता है इंनश्योरेंस कवर

  • कोई ट्रेन पटरी से उतर जाती है और यात्री घायल हो जाते हैं। उनकी मौत हो जाती है तो इंश्योरेंस मिलता है।
  • यदि दो ट्रेनों की टक्कर होती है। यात्री को शारीरिक या मानसिक नुकसान पहुंचता है तो भी इंश्योरेंस क्लेम किया जा सकता है।
  • यात्रा के दौरान ट्रेन पर आतंकवादी हमला होता है। यात्री को किसी भी तरह का नुकसान होता है तो भी इंश्योरेंस का दावा किया जा सकता है।
ये भी जानें...

रेल यात्री की मृत्यु होने पर10 लाख रुपए मिलते हैं। पूरी तरह विकलांग होने पर 10 लाख रुपए मिलते हैं। स्थाई रूप से दिव्यांग होने पर 7.5 लाख रुपए मिलते हैं। घायल का अस्पताल में इलाज होने पर (आश्रित को) 2 लाख रुपए मिलते हैं।

ये खबरें भी पढ़िए...

स्टूडेंट हैं तो फ्री में करें ट्रेन यात्रा, जानें रेलवे के वो नियम जो बचाएंगे आपके हजारों रुपए

एमपी न्यूज: आरक्षक की पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे को भी मुआवजा देने का इंदौर जिला कोर्ट आदेश

होली पर 1400 से ज्‍यादा स्पेशल ट्रेनें चलाएगा रेलवे, यात्रियों की टेंशन खत्म

रेलवे का नया नियम, आईडी प्रूफ न होने पर पूरे ग्रुप का टिकट होगा रद्द

Tags:
  • एमपी न्यूज
  • मुरैना
  • IRCTC
  • रेल यात्री
  • बीमा कंपनी
  • भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग
  • जिला उपभोक्ता आयोग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा