राजस्व निरीक्षकों पर भी लागू होगी पटवारी तबादला नीति, होम सब-डिवीजन में तैनाती नहीं
Abhilasha Saksena Chakraborty | May 28, 2025, 17:18 IST
Revenue inspectors transfer
अप्रैल 2024 में जारी पटवारी तबादला नीति का दायरा अब बढ़ा दिया गया है, और इसमें राजस्व निरीक्षकों को भी शामिल कर लिया गया है। राज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि जो राजस्व निरीक्षक अपने गृह अनुविभाग में पदस्थ हैं, उन्हें तत्काल स्थानांतरित किया जाए।
MP News: राज्य शासन द्वारा अप्रैल 2024 में जारी पटवारी तबादला नीति (Patwari Transfer Policy) अब सिर्फ पटवारियों तक सीमित नहीं रही। राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector) भी इसकी जद में आ गए हैं। अगर कोई निरीक्षक अपने गृह अनुविभाग (Home Sub-Division) में पदस्थ है, तो उसे हटाने के निर्देश सभी जिलों के कलेक्टरों को भेजे गए हैं। राजस्व विभाग का मानना है कि गृह क्षेत्र में तैनाती पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर सकती है। इससे प्रशासनिक निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी। राज्य शासन ने जो तबादला नीति 29 अप्रैल को जारी की थी, उसी आधार पर यह नई कार्यवाही होगी। यह आदेश सभी जिलों के कलेक्टर (Collector) को भेजे गए हैं ताकि वे इस नीति का पालन कर सकें।
भू अभिलेख कार्यालय (Land Records Department) द्वारा यह निर्देश 28 अक्टूबर 2024 के पहले वाले आदेशों को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पटवारियों के साथ-साथ अब राजस्व निरीक्षकों की भी स्थानांतरण प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता से हो। ये भी पढ़ें: MP में सरकारी कर्मचारियों के तबादले अब 10 जून तक, इलाज के लिए 80 फीसदी एडवांस मिलेगा पटवारियों के
राज्य शासन ने 16 फरवरी 2024 के बाद नियुक्त पटवारियों के लिए स्थानांतरण संबंधी दिशा-निर्देशों को स्पष्ट कर दिया है। अब कुछ विशेष परिस्थितियों में ये पटवारी तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए कुछ आवश्यक शर्तों का पालन अनिवार्य होगा। यदि कोई पटवारी शासकीय सेवा में कार्यरत अपने जीवनसाथी के साथ एक ही जिले में पदस्थ होना चाहता है, तो वह तबादले के लिए आवेदन कर सकता है। हालांकि, यह तबादला तभी संभव होगा जब वांछित जिले में संबंधित श्रेणी का पद रिक्त हो। विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला पटवारियों को भी स्थानांतरण की सुविधा दी जा सकती है, बशर्ते वे जिस जिले में तबादला चाहती हैं वहां पद रिक्त हो। इसके साथ ही यदि कोई पटवारी गंभीर बीमारी से ग्रसित है - जैसे कि कैंसर, किडनी डायलिसिस या ओपन हार्ट सर्जरी - तो वह भी स्थानांतरण के लिए पात्र होगा। पटवारियों को आपसी सहमति के आधार पर भी तबादले का अवसर दिया गया है। इस स्थिति में दोनों आवेदकों की श्रेणी और उपश्रेणी समान होना अनिवार्य है, ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया में समरसता बनी रहे। संविलियन के पश्चात पटवारी की परिवीक्षा अवधि से संबंधित कार्यवाही नवीन जिले में ही की जाएगी। साथ ही, संबंधित पटवारी को वहां की प्रशासनिक प्रक्रिया, अनुशासनिक जिम्मेदारियों और अन्य विभागीय शर्तों का पालन करना होगा। जिस जिले से पटवारी का स्थानांतरण किया गया है, वहां की प्रशासनिक इकाई को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित पटवारी की व्यक्तिगत नस्ती, जांच, दंड, एवं अन्य संवेदनशील सूचनाएं नए जिले के प्रशासन को समय पर भेजी जाएं।
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क्यों बदली गई नीति?
Revenue inspector and patwaris transfers
राजस्व निरीक्षकों पर लागू होंगी ये शर्तें
- गृह अनुविभाग में तैनाती नहीं होगी
- रिक्त पदों की उपलब्धता के आधार पर ही संविलयन संभव होगा
- आरक्षण रोस्टर का पालन अनिवार्य होगा
- संविलयन के 15 दिन के भीतर रिपोर्टिंग अनिवार्य
- संविलयन आदेश में संशोधन नहीं होगा
- एक बार जिला आवंटन के बाद परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा
- प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता जोड़ी जाएगी
जिलों को भेजे गए निर्देश
पटवारियों के तबादले के लिए तय की गईं नई विशेष परिस्थितियां
पति-पत्नी दोनों शासकीय सेवा में हों तो स्थानांतरण संभव
महिलाओं और गंभीर बीमारियों के मामलों में विशेष छूट
आपसी सहमति से तबादले का विकल्प
संविलियन के बाद नई ज़िम्मेदारियाँ
रिकॉर्ड ट्रांसफर का भी स्पष्ट निर्देश
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