‘लापता प्रभारी मंत्री और बेहाल प्रदेश’: उमंग सिंघार का सरकार पर सीधा हमला
Ramanand Tiwari | Mar 12, 2026, 20:53 IST
Photograph: (the sootr)
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्य प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा के प्रभारी मंत्री जिलों में गायब हैं। जबकि प्रदेश में गैस संकट, जुआ कांड और प्रशासनिक अव्यवस्था जैसी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं।
BHOPAL.मध्य प्रदेश की सियासत में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा सरकार के प्रभारी मंत्री जिलों से गायब हैं, जबकि जनता गैस की किल्लत, जुआ कांड और प्रशासनिक अव्यवस्था जैसी समस्याओं से जूझ रही है।
सिंघार ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि जब जिलों में प्रभारी मंत्री ही सक्रिय नहीं हैं, तो जनता की समस्याओं का समाधान आखिर कौन करेगा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नियुक्त प्रभारी मंत्रियों का कामकाज देखकर ऐसा लगता है जैसे वे मैदान से पूरी तरह गायब हो गए हों। न जिलों का दौरा, न समीक्षा बैठकें और न ही जनता के बीच जाकर हालात जानने की कोशिश दिखाई दे रही है।
यह खबरें भी पढ़ें..
मध्य प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ अब विभागीय जांच भी होगी ‘ई-कोर्ट’ प्रणाली से
एमपी में दिव्यांग कर्मचारियों का इंतजार, प्रमोशन नहीं दिला पा रहे विशेष प्रावधान
सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रभारी मंत्रियों का मौजूदा रिपोर्ट कार्ड उनकी कामचोरी और जनता के प्रति संवेदनहीनता को उजागर कर रहा है।
उनका कहना है कि जब मंत्री जिलों में नहीं पहुंचेंगे, तो स्थानीय समस्याओं की वास्तविक स्थिति भी सामने नहीं आएगी। इससे प्रशासनिक तंत्र भी मनमाने तरीके से काम करने लगता है।
नेता प्रतिपक्ष ने अपने बयान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी सीधे सवाल किए। उन्होंने पूछा कि क्या प्रदेश के मंत्री अब केवल मलाईदार दफ्तरों और तबादला उद्योग तक सीमित रह गए हैं? यदि प्रभारी मंत्री जिलों में जाकर निगरानी नहीं करेंगे, तो शासन की योजनाओं और प्रशासनिक कामकाज की जवाबदेही कौन तय करेगा।
सिंघार ने अपने बयान में प्रदेश की मौजूदा समस्याओं को भी उठाया। उनका कहना है कि कई जिलों में गैस की किल्लत, मऊगंज का चर्चित जुआ कांड और प्रशासनिक अराजकता जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे हालात में जनता परेशान है, लेकिन जिम्मेदार प्रभारी मंत्री मैदान में नजर नहीं आ रहे।
‘यह
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि सरकार के मंत्री ही जनता के बीच नहीं जाएंगे, तो यह सुशासन का दावा खोखला साबित होता है। उनके मुताबिक प्रदेश में इस तरह की स्थिति जनता के साथ विश्वासघात जैसी है, क्योंकि समस्याओं के समाधान के लिए जिम्मेदार लोग ही सक्रिय नहीं दिख रहे।
यह खबरें भी पढ़ें..
एमपी के 12 लाख कर्मचारी-पेंशनर्स को झटका, 64 फीसदी महंगाई भत्ते के लिए करना होगा इंतजार
एमपी में 12वीं के बाद विषय बदलकर यूजी करना आसान नहीं, अब देना होगा एलिजिबिलिटी टेस्ट
सिंघार ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि जब जिलों में प्रभारी मंत्री ही सक्रिय नहीं हैं, तो जनता की समस्याओं का समाधान आखिर कौन करेगा।
भाजपा के लापता प्रभारी मंत्री और बेहाल मध्य प्रदेश !
भाजपा सरकार के प्रभारी मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड उनके कामचोरी और जनता के प्रति संवेदनहीनता की पोल खोल रहा है। न कोई दौरा, न कोई बैठक और न ही जनता के बीच रात्रि विश्राम।
- मुख्यमंत्री जी, क्या आपके मंत्री केवल मलाईदार दफ्तरों… pic.twitter.com/rpK5DeBxqv
— Umang Singhar (@UmangSinghar) March 12, 2026
सोशल मीडिया पर सरकार पर तीखा हमला
यह खबरें भी पढ़ें..
मध्य प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ अब विभागीय जांच भी होगी ‘ई-कोर्ट’ प्रणाली से
एमपी में दिव्यांग कर्मचारियों का इंतजार, प्रमोशन नहीं दिला पा रहे विशेष प्रावधान
‘कामचोरी और संवेदनहीनता उजागर’
उनका कहना है कि जब मंत्री जिलों में नहीं पहुंचेंगे, तो स्थानीय समस्याओं की वास्तविक स्थिति भी सामने नहीं आएगी। इससे प्रशासनिक तंत्र भी मनमाने तरीके से काम करने लगता है।
मुख्यमंत्री से सीधे सवाल
प्रदेश की समस्याओं का किया जिक्र
‘यह सुशासन नहीं, विश्वासघात’
यह खबरें भी पढ़ें..
एमपी के 12 लाख कर्मचारी-पेंशनर्स को झटका, 64 फीसदी महंगाई भत्ते के लिए करना होगा इंतजार
एमपी में 12वीं के बाद विषय बदलकर यूजी करना आसान नहीं, अब देना होगा एलिजिबिलिटी टेस्ट
मुख्य बातें एक नजर में-
- नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना।
- आरोप लगाया कि प्रभारी मंत्री जिलों से लापता हैं।
- कहा – न दौरे हो रहे, न बैठकें और न ही जनता के बीच रात्रि विश्राम।
- मुख्यमंत्री से पूछा – क्या मंत्री सिर्फ दफ्तर और तबादला उद्योग तक सीमित रह गए हैं?
- गैस संकट, मऊगंज जुआ कांड और प्रशासनिक अव्यवस्था का भी किया जिक्र।
- सिंघार बोले – यह सुशासन नहीं, जनता के साथ विश्वासघात है।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari