/sootr/media/media_files/2026/02/13/mahamandaleshwar-uttam-swami-accused-of-rape-locked-herself-in-room-in-jabalpur-2026-02-13-23-59-14.jpg)
Photograph: (the sootr)
JABALPUR. श्री पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर और कथावाचक उत्तम स्वामी पर राजस्थान की एक युवती ने रेप का आरोप लगाया है। इन आरोपों के चलते जबलपुर में चल रही कथा में महामंडलेश्वर कथा करने नहीं पहुंचे। बताया गया कि उनका स्वास्थय खराब है। उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इस दौरान शाम साढ़े तीन बजे तक कथा शुरु नहीं हो सकी थी। यह कथा 9 फरवरी से शुरू हुई यह कथा 15 फरवरी तक चलने वाली थी। लेकिन शुक्रवार को यहां भक्ति से ज्यादा चर्चा आरोपों की होने लगी।
कथा स्थल पर घटनाक्रम
उत्तम स्वामी इन दिनों जबलपुर के भेड़ाघाट में अपने आश्रम में भागवत कथा कर रहे हैं। कथा 9 फरवरी से 15 फरवरी तक आयोजित हो रही है। हालांकि, 12 फरवरी को मीडिया ने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन उनके शिष्यों ने उनसे मिलने नहीं दिया। दोपहर के 2 बजे शुरू होने वाली कथा 3:30 बजे तक भी शुरू नहीं हो सकी, क्योंकि स्वामी खुद अपने कक्ष से बाहर नहीं निकले।
स्वामी ने खुद को कमरे में बंद किया
सूत्रों के अनुसार, उत्तम स्वामी महाराज ने खुद को कमरे में बंद कर लिया है। उनके खिलाफ लगे आरोपों पर उन्होंने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
पीड़िता की शिकायत और धमकियां
राजस्थान की एक युवती ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ई-मेल भेजकर उत्तम स्वामी के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाया। युवती का कहना है कि जब वह नाबालिग थी, तब से स्वामी ने धर्म की आड़ में उसका यौन शोषण किया। जब उसने विरोध किया, तो उसे धमकाया गया।
युवती ने अपने ई-मेल में लिखा कि उसे अब जान का खतरा है। उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं कि वह अपना मुंह बंद रखे। पीड़िता के अनुसार, महाराज के करीबी लोग उस पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि उसकी और उसके परिवार की जासूसी की जा रही है। पीड़िता ने दावा किया है कि उसके पास ठोस सबूत हैं।
कांग्रेस ने उठाई कार्रवाई की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और मीडिया सलाहकार केके मिश्रा ने इस मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की अपील की है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
मध्य प्रदेश में यह मामला राजनीतिक तापमान बढ़ा चुका है। कांग्रेस का कहना है कि इस मामले में जल्द कार्रवाई होनी चाहिए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए।
यह खबरें भी पढ़ें..
एमपी में बिना मुखिया के तीन बड़े आयोग : फैसले अटके, शिकायतें बढ़ीं
फिल्म के नाम पर संग्राम: ‘घूसखोर पंडत’ विवाद में नेटफ्लिक्स और नीरज पांडे कोर्ट के घेरे में
सरकारी वकीलों की नियुक्ति में आरक्षण अनिवार्य नहीं, लेकिन समावेशिता जरूरी: सुप्रीम कोर्ट
10 दिन में तय होगी कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी, जंबो सूची पर ब्रेक; नए नियम से होगा पुनर्गठन
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us