विजय पांडे फर्जी मार्कशीट मामला: झूठी शिकायत करने वाले सुभाष चंद्रा पर दर्ज हुई FIR

विजय पांडे की फर्जी मार्कशीट मामले में शिकायतकर्ता सुभाष चंद्रा के खिलाफ FIR दर्ज हुई। जांच में पता चला कि सुभाष चंद्रा ने झूठी शिकायत की थी। अब गिरफ्तारी की तैयारी है।

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Neel Tiwari
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FIR lodged against complainant Subhash Chandra, preparations for arrest

Photograph: (the sootr)

NEWS IN SHORT

  • सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा पर थाना ओमती में FIR
  • फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासन को गुमराह करने का आरोप
  • विजय पाण्डेय की 10+2 मार्कशीट के सत्यापन पत्र की नकल का मामला
  • जांच में मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पत्र को बताया कूटरचित
  • आरोपी सुभाष चंद्रा की गिरफ्तारी की कार्यवाही जारी

INTRO

विजय पांडे की कथित फर्जी मार्कशीट को लेकर उठा विवाद अब पूरी तरह पलट गया है। जिस शिकायत के आधार पर प्रशासन और शासन को गुमराह किया गया। वह शिकायत फर्जी निकली। अब शिकायतकर्ता सुभाष चंद्रा पर ही गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है।

पूरा मामला क्या है?

विजय पाण्डेय की मार्कशीट को लेकर शिकायत करने वाले सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा पर अब खुद कानूनी शिकंजा कस गया है। थाना ओमती में सुभाष चंद्रा निवासी जवाहर नगर आधारताल के खिलाफ BNS की धारा 336(4) और 340(2) में FIR दर्ज कर ली गई है।

फर्जी सत्यापन पत्र बनाकर की गई शिकायत

पुलिस जांच में पता चला कि सुभाष चंद्रा ने विजय पाण्डेय को हटाने की कोशिश की। उन्होंने फर्जी 10+2 अंकसूची सत्यापन पत्र तैयार किया। सुभाष चंद्रा ने इस फर्जी दस्तावेज़ के आधार पर शिकायत भेजी। यह शिकायत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल और कलेक्टर जबलपुर को भेजी गई। सुभाष चंद्रा का उद्देश्य विजय पाण्डेय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था।

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CMHO की भूमिका से खुला राज

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जबलपुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ओमती को जानकारी दी। CMHO कार्यालय द्वारा मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड भोपाल से सत्यापन कराया गया। यहां स्पष्ट हो गया कि शिकायत के साथ संलग्न सत्यापन पत्र पूरी तरह कूटरचित और फर्जी है।

ई-मेल से भेजी गई थी फर्जी शिकायत

जांच में यह भी सामने आया कि सुभाष चंद्रा ने दिनांक 11.09.2025 को अपने ई-मेल से शिकायत भेजी थी। बोर्ड भोपाल के नाम से जारी फर्जी पत्र संलग्न किया गया था। बोर्ड द्वारा लिखित रूप में पुष्टि की गई कि ऐसा कोई सत्यापन पत्र जारी ही नहीं किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि सुभाष चंद्रा ने विजय पाण्डेय की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर उनका दुरुपयोग किया। जानबूझकर उनकी सामाजिक व प्रशासनिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से शिकायत दर्ज कराई।

गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी

थाना ओमती पुलिस के अनुसार, आरोपी सुभाष चंद्रा के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य सामने आने के बाद FIR दर्ज कर ली गई है और अब उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।

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विधानसभा तक पहुंचा था मामला

गौरतलब है कि यह मामला बाद में मध्यप्रदेश विधानसभा तक भी पहुंचा था, जहां विधायक लखन घनघोरिया ने इसे सदन में उठाया था। इसके बाद विजय पाण्डेय ने विधायक लखन घनघोरिया और उमंग सिंघार के खिलाफ मानहानि का प्रतिवाद भी दायर किया था। 

अब सवाल यह है कि फर्जी शिकायत के जरिए प्रशासन को गुमराह करने की इस कोशिश के पीछे असली मकसद क्या था? जांच आगे बढ़ने के साथ और बड़े खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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