मंत्री विजय शाह पर असमंजस में BJP, देशभक्ति के जज्बे को देखे या आदिवासी वोट बैंक को
Sanjay Gupta | May 14, 2025, 14:13 IST
vijay shah statement
मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के बयान ने कर्नल सोफिया कुरैशी के चयन की छवि को नुकसान पहुंचाया है। शाह के बयान से देशभक्ति, हिंदू-मुस्लिम एकता और महिला सशक्तीकरण का संदेश प्रभावित हुआ।
मप्र के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के बयान ने पीएम नरेंद्र मोदी के सारे किए धरे पर पानी फेरने का काम किया है। पीएम और सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत इसकी ब्रीफिंग के लिए मप्र की ही कर्नल सोफिया कुरैशी को उनकी देशभक्ति और काबिलियत के चलते चुना। कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिकां सिंह के सामने आने से देश में जबरदस्त देशभक्ति, हिंदू-मुस्लिम एकता और महिला सशक्तीकरण का संदेश गया। लेकिन इन सभी बातों पर मंत्री विजय शाह की एक मिनट की तीखी और बिगड़ी जुबान ने कबाड़ा कर दिया। बीजेपी को समझ नहीं आ रहा है कि वह देश में उठ रही देशभक्ति के जज्बों को देखते हुए शाह पर कड़ा फैसला ले या फिर आदिवासी वोट बैंक को संभाले।
खबर यह भी...कांग्रेस पार्षद ने की मंत्री विजय शाह का मुंह काला करने वाले को 51 हजार का इनाम देने की घोषणा
इस पूरे मामले में द सूत्र के खुलासे के बाद से ही राष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच चुका है। कांग्रेस से लेकर बसपा नेता मायावती व अन्य दलों के नेता भी विरोध में आ चुके हैं। कांग्रेस इस्तीफा मांग रही है। वहीं बीजेपी की चुप्पी भी लोगों को हैरान कर रही है। भले ही बीजेपी संगठन ने शाह को बुलाकर फटकार लगा दी और उन्होंने बाद में माफी भी मांगी लेकिन इससे भी डेमेज कंट्रोल होते नहीं दिख रहा है। बीजेपी पदाधिकारी कुरैशी के मप्र स्थित निवास पर भी मिलने चले गए हैं। लेकिन मामला ठंडा होते नहीं दिख रहा है।
खबर यह भी...10 बार माफी मांगने के लिए तैयार हूं- सोफिया पर विवादित बयान पर बोले विजय शाह, नड्डा ने जताई नाराजगी
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह | MP News | विजय शाह सोफिया कुरैशी बयान | Vijay Shah | vijay shah bayan
आदिवासी नेता के कारण चल रहे मंत्री शाह
वैसे मंत्री शाह अभी से नहीं शुरू से ही ऐसे हैं, उनके बयान और कार्यशैली हमेशा विवादित रही है। लेकिन पार्टी उन्हें मालवा-निमाड़ में सबसे बड़े आदिवासी नेता होने के चलते ढो रही है। वह साल 2003 में बीजेपी सरकार बनने के बाद हर सरकार में लगातार मंत्री रहे हैं। उनके इसी तरह के विवादित बयान के कारण उन्हें तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह के कार्यकाल में हटाया था लेकिन तब फिर अगले चुनाव में आदिवासी वोट बैंक के चलते फिर कैबिनेट में वापसी हो गई थी और चौहान अपनी पत्नी को लेकर दिए गए शाह के विवादित बयान को भी हंसी-मजाक बोलकर आगे निकल गए।
राष्ट्रीय मुद्दा बन गया, बीजेपी की चुप्पी बन रही परेशानी
खबर यह भी...10 बार माफी मांगने के लिए तैयार हूं- सोफिया पर विवादित बयान पर बोले विजय शाह, नड्डा ने जताई नाराजगी
शाह के इन विवादित और भद्दे बयानों को देखिए
- साल 2013 में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह की पत्नी साधना सिंह को लेकर बेहूदा टिप्पणी की थी, जिसके बाद उनका इस्तीफा हुआ लेकिन फिर आदिवासी वोट बैंक के चलते वापस आ गए।
- एक कार्यक्रम में लड़कियों को टी-शर्ट बांटते हुए बयान दिया था कि इन्हें दो-दो दे दो, मुझे नहीं पता यह नीचे क्या पहनती है।
- नर्मदापुरम के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के कोर एरिया में पूर्व वन मंत्री और विधायक विजय शाह ने चिकन पार्टी की थी। इस पर बाद में तूल पकड़ा तो सफाई दी कि - यहां पर स्टाफ रुकता है और यही पर वॉच टावर भी बन रहा है। इसे देखने के लिए मैं वहां गया था। वहां जो स्टाफ रहता है, वह खुद के लिए खाना बनाता और खाता है। मैं चिकन नहीं खाता और न ही बनवाया है।
- इंदौर नगर निगम का भी उन पर करोड़ों का संपत्तिकर बकाया था इसके लिए उनकी जमीन पर नोटिस भी लगा था।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह | MP News | विजय शाह सोफिया कुरैशी बयान | Vijay Shah | vijay shah bayan
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari