9 जून को हेलिकॉप्टर में आखिर क्या हुआ था शिवराज के साथ, जानें वजह
BP shrivastava | Feb 13, 2024, 14:47 IST
9 जून 2023 को शिवराज सिंह चौहान का हेलिकॉप्टर राघौगढ़ नहीं पहुंच सका,इसे लेकर अब खुलासा हुआ।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की हवाई यात्रा को लेकर सुरक्षा में चूक का एक बड़ा मामला सामने आया है। यह घटनाक्रम जून 2023 का है। तत्कालीन मुख्यमंत्री को भोपाल से राघौगढ़ के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना होना था, पर भटक गया।
रविकांत दीक्षित, BHOPAL. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की हवाई यात्रा को लेकर सुरक्षा में चूक का एक बड़ा मामला सामने आया है। यह घटनाक्रम 9 जून 2023 का है। तत्कालीन मुख्यमंत्री को भोपाल से राघौगढ़ के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना होना था। तय तारीख और समय पर उनके चौपर ने भोपाल एयरपोर्ट से उड़ान भरी। उन्हें करीब 30 मिनट में राघौगढ़ पहुंच जाना था, लेकिन उनका हेलिकॉप्टर 45 मिनट तक एक अलग ही दिशा में उड़ान भरता रहा। अंतत: पायलट ने मौसम की खराबी का हवाला देकर चौपर को वापस भोपाल की तरफ मोड़ दिया और शिवराज यहां भोपाल एयरपोर्ट पर उतर गए।
एक शिकायतकर्ता ने तथ्यों के साथ पूरे मामले की शिकायत डायरेक्टर ऑफ एविएशन ( विमानन निदेशक ) से की है। इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य बताए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पायलट ने जानबूझकर ऐसा किया। अब यह लापरवाही है या कुछ और, यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा। इन सबके बीच इस शिकायत से विमानन विभाग में हड़कंप मच गया है। विभागीय अधिकारी, चौपर का पायलट और को-पायलट भी कठघरे में है।
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Thesootr के हाथ उस शिकायत की कॉपी लगी है, जिसमें शिकायतकर्ता ने 18 बिंदुओं में मामले का पर्दाफाश किया है। घटनाक्रम 8 जून 2023 से शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कार्यक्रम तय हुआ। अगले दिन यानी 9 जून को उन्हें भोपाल से राघौगढ़ रवाना होना था और फिर भोपाल आगमन तय था। लिहाजा, 8 जून को विमानन आयुक्त चंद्रमौली शुक्ला ने विभाग के आधिकारिक ग्रुप पर सीएम का कार्यक्रम पोस्ट किया।
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तय प्रोटोकॉल के मुताबिक, फ्लाइट ऑपरेशन ऑफिसर आदर्श राय ( हेलिकॉप्टर पायलट ) और कैप्टन विश्वास राय ( एरोप्लेन पायलट ) ने अपनी सहमति जताते हुए गुना जिले के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE) से संपर्क किया। उनसे हैलीपेड और लेटीट्यूड (Latitude), लॉन्गिट्यूड (Longitude) यानी अक्षांश-देशांत की जानकारी ली। 8 जून को ही रात करीब 8 बजे कैप्टन आदर्श राय ने विभाग के वॉट्सऐप ग्रुप पर ईई की ओर से दिए गए लेटीट्यूड 24*23'15''N और लॉन्गिट्यूड 77*08'12''E की जानकारी साझा कर दी।
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इसके बाद बाद कैप्टन आदर्श राय ने सरकार के हेलिकॉप्टर तथा एरोप्लेन के लिए ऑनलाइन फ्लाइट प्लानिंग करने वाली कंपनी को लेटीट्यूड—लॉन्गिट्यूड दिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसमें कैप्टन आदर्श राय ने लापरवाही बरती। कंपनी को लेटीट्यूड N24*23' और लॉन्गिट्यूड E078* 08' बताए गए, जबकि यह पूरी तरह से एक डिग्री गलत था। हालांकि कैप्टन की जानकारी के आधार पर कंपनी ने फ्लाइट प्लान दे दिया। दोनों पायलट ने यहां फ्लाइट प्लान को क्रॉस चैक नहीं किया।
अगले दिन 9 जून 2023 को चौपर को उड़ान भरनी थी। पायलट कैप्टन आदर्श राय और को-पायलट कैप्टन संजय श्रीवास्तव हेलिकॉप्टर पर पहुंचे। उन्होंने जीपीएस (GPS) में वही जानकारी दर्ज की। शिवराज सिंह चौहान के सवार होने के बाद हेलिकॉप्टर ने उड़ान भर दी। शिकायतकर्ता का दावा है कि भोपाल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के साथ ही हेलिकॉप्टर गलत दिशा में उड़ान भरने लगा। शिवराज को लेकर करीब 30 मिनट में हेलिकॉप्टर को राघौगढ़ हैलीपेड पर लैंड होना था, लेकिन कैप्टन 45 मिनट तक उसे अनजान दिशा में उड़ाते रहे।
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जब हेलिकॉप्टर अपने वास्तविक डेस्टीनेशन पर पहुंचता नहीं दिखा तो कैप्टन आदर्श राय ने अपने को-पायलट संजय श्रीवास्तव और तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह से सब छिपाते हुए खराब मौसम का हवाला दिया। कहा कि नीचे मौसम खराब होने की वजह से लैंड नहीं किया जा सकता है, जबकि असलियत कुछ और ही थी। थोड़ी देर की चुप्पी के बाद जब बात नहीं बनी तो हेलिकॉप्टर को वापस भोपाल की तरफ मोड़ दिया गया और फिर चौपर भोपाल स्टेट हेंगर पर उतर गया।
अपनी शिकायत के साथ शिकायतकर्ता ने उन बिंदुओं को भी गिनाया है, जहां उड़ान के दौरान चूक की गई। कहा गया है कि किसी भी उड़ान से पहले 6 चैकलिस्ट होती हैं, लेकिन कैप्टन ने सभी को नजरअंदाज किया। यहां मान भी लिया जाए कि पहले लेटीट्यूड और लॉन्गिट्यूड देने में चूक हो गई तो बाद में भी इस पर ध्यान दिया जा सकता था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।
शिकायत के महत्वपूर्ण बिंदुओं में यह भी है कि जिस दिन शिवराज का चौपर राघौगढ़ पहुंचने के बजाय करीब 115 किलोमीटर दूर दाहिनी ओर स्थित अशोकनगर जिले के मुंगावली के हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहा था, उस दिन चाइम्स एविएशन एकेडमी, सागर के करीब 12 विमान 2500 फीट से 8500 फीट की ऊंचाई के बीच उड़ान भर रहे थे, मतलब यदि उनमें से किसी विमान की हेलिकॉप्टर से टक्कर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
इस पूरे घटनाक्रम की चिट्ठी के साथ शिकायतकर्ता ने उन तमाम दस्तावेज, वॉट्सऐप चैट और अनुमतियों को भी लगाया है। अब यह तत्कालीन सीएम शिवराज के साथ कोई साजिश थी या लापरवाही...यह तो विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा ? फिलहाल तो इस प्रकरण से पूरा विमानन विभाग और वरिष्ठ अधिकारी यानी विमानन आयुक्त चंद्रमौली शुक्ला की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। शिकायतकर्ता ने कैप्टन आदर्श राय, कैप्टन विश्वास राय और आयुक्त शुक्ला को हटाने की मांग की है
एक शिकायतकर्ता ने तथ्यों के साथ पूरे मामले की शिकायत डायरेक्टर ऑफ एविएशन ( विमानन निदेशक ) से की है। इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य बताए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पायलट ने जानबूझकर ऐसा किया। अब यह लापरवाही है या कुछ और, यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा। इन सबके बीच इस शिकायत से विमानन विभाग में हड़कंप मच गया है। विभागीय अधिकारी, चौपर का पायलट और को-पायलट भी कठघरे में है।
Aviation
18 बिंदुओं में दी जानकारी
Thesootr के हाथ उस शिकायत की कॉपी लगी है, जिसमें शिकायतकर्ता ने 18 बिंदुओं में मामले का पर्दाफाश किया है। घटनाक्रम 8 जून 2023 से शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कार्यक्रम तय हुआ। अगले दिन यानी 9 जून को उन्हें भोपाल से राघौगढ़ रवाना होना था और फिर भोपाल आगमन तय था। लिहाजा, 8 जून को विमानन आयुक्त चंद्रमौली शुक्ला ने विभाग के आधिकारिक ग्रुप पर सीएम का कार्यक्रम पोस्ट किया।
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ईई से लिए लेटीट्यूड और लॉन्गिट्यूड
तय प्रोटोकॉल के मुताबिक, फ्लाइट ऑपरेशन ऑफिसर आदर्श राय ( हेलिकॉप्टर पायलट ) और कैप्टन विश्वास राय ( एरोप्लेन पायलट ) ने अपनी सहमति जताते हुए गुना जिले के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE) से संपर्क किया। उनसे हैलीपेड और लेटीट्यूड (Latitude), लॉन्गिट्यूड (Longitude) यानी अक्षांश-देशांत की जानकारी ली। 8 जून को ही रात करीब 8 बजे कैप्टन आदर्श राय ने विभाग के वॉट्सऐप ग्रुप पर ईई की ओर से दिए गए लेटीट्यूड 24*23'15''N और लॉन्गिट्यूड 77*08'12''E की जानकारी साझा कर दी।
एक डिग्री गलत आंकड़े बताए गए
Latter shivraj helicopter
latter shiraj helicopter 1
इसके बाद बाद कैप्टन आदर्श राय ने सरकार के हेलिकॉप्टर तथा एरोप्लेन के लिए ऑनलाइन फ्लाइट प्लानिंग करने वाली कंपनी को लेटीट्यूड—लॉन्गिट्यूड दिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसमें कैप्टन आदर्श राय ने लापरवाही बरती। कंपनी को लेटीट्यूड N24*23' और लॉन्गिट्यूड E078* 08' बताए गए, जबकि यह पूरी तरह से एक डिग्री गलत था। हालांकि कैप्टन की जानकारी के आधार पर कंपनी ने फ्लाइट प्लान दे दिया। दोनों पायलट ने यहां फ्लाइट प्लान को क्रॉस चैक नहीं किया।
30 मिनट लगने थे राजगढ़ पहुंचने में
अगले दिन 9 जून 2023 को चौपर को उड़ान भरनी थी। पायलट कैप्टन आदर्श राय और को-पायलट कैप्टन संजय श्रीवास्तव हेलिकॉप्टर पर पहुंचे। उन्होंने जीपीएस (GPS) में वही जानकारी दर्ज की। शिवराज सिंह चौहान के सवार होने के बाद हेलिकॉप्टर ने उड़ान भर दी। शिकायतकर्ता का दावा है कि भोपाल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के साथ ही हेलिकॉप्टर गलत दिशा में उड़ान भरने लगा। शिवराज को लेकर करीब 30 मिनट में हेलिकॉप्टर को राघौगढ़ हैलीपेड पर लैंड होना था, लेकिन कैप्टन 45 मिनट तक उसे अनजान दिशा में उड़ाते रहे।
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खराब मौसम का दिया हवाला
जब हेलिकॉप्टर अपने वास्तविक डेस्टीनेशन पर पहुंचता नहीं दिखा तो कैप्टन आदर्श राय ने अपने को-पायलट संजय श्रीवास्तव और तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह से सब छिपाते हुए खराब मौसम का हवाला दिया। कहा कि नीचे मौसम खराब होने की वजह से लैंड नहीं किया जा सकता है, जबकि असलियत कुछ और ही थी। थोड़ी देर की चुप्पी के बाद जब बात नहीं बनी तो हेलिकॉप्टर को वापस भोपाल की तरफ मोड़ दिया गया और फिर चौपर भोपाल स्टेट हेंगर पर उतर गया।
6 चैकलिस्ट होती हैं उड़ान से पहले
अपनी शिकायत के साथ शिकायतकर्ता ने उन बिंदुओं को भी गिनाया है, जहां उड़ान के दौरान चूक की गई। कहा गया है कि किसी भी उड़ान से पहले 6 चैकलिस्ट होती हैं, लेकिन कैप्टन ने सभी को नजरअंदाज किया। यहां मान भी लिया जाए कि पहले लेटीट्यूड और लॉन्गिट्यूड देने में चूक हो गई तो बाद में भी इस पर ध्यान दिया जा सकता था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।
खबर से जुड़ा जनरल नॉलेज भी जान लीजिए
- 1. हेलिकॉप्टर सामान्यत: विजुअल फ्लाइट रूल (VFR) में ही उड़ान भरता है। इसमें पायलट पूरी उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर से ग्राउंड को VFR मैप के जरिए देखते हैं।
- 2. इस तकनीक के जरिए पायलट को यह पता रहता है कि हेलिकॉप्टर VFR मैप के किस बिंदु पर उड़ रहा है, लेकिन शिवराज के चौपर के पायलट्स ने ऐसा कुछ नहीं देखा।
- 3. जिस हेलिकॉप्टर से जुड़ा यह मामला है, उसमें सुरक्षा से जुड़े और भी विकल्प थे, जिनमें VFR मैप, मैगनेटिक कम्पॉस है, लेकिन इसमें से भी किसी को फॉलो नहीं किया गया।
सबसे बड़ी चिंता यह है...
शिकायत के महत्वपूर्ण बिंदुओं में यह भी है कि जिस दिन शिवराज का चौपर राघौगढ़ पहुंचने के बजाय करीब 115 किलोमीटर दूर दाहिनी ओर स्थित अशोकनगर जिले के मुंगावली के हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहा था, उस दिन चाइम्स एविएशन एकेडमी, सागर के करीब 12 विमान 2500 फीट से 8500 फीट की ऊंचाई के बीच उड़ान भर रहे थे, मतलब यदि उनमें से किसी विमान की हेलिकॉप्टर से टक्कर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
संदेह के घेरे में पूरी कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम की चिट्ठी के साथ शिकायतकर्ता ने उन तमाम दस्तावेज, वॉट्सऐप चैट और अनुमतियों को भी लगाया है। अब यह तत्कालीन सीएम शिवराज के साथ कोई साजिश थी या लापरवाही...यह तो विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा ? फिलहाल तो इस प्रकरण से पूरा विमानन विभाग और वरिष्ठ अधिकारी यानी विमानन आयुक्त चंद्रमौली शुक्ला की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। शिकायतकर्ता ने कैप्टन आदर्श राय, कैप्टन विश्वास राय और आयुक्त शुक्ला को हटाने की मांग की है
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