राजस्थान में एक सप्ताह नहीं टिका करोड़ों का ब्रिज, कांग्रेस-भाजपा के नेता एक-दूसरे पर फोड़ रहे ठीकरा
Amit Baijnath Garg | Jul 10, 2025, 20:30 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के अजमेर में करोड़ों की लागत से बने एलिवेटेड ब्रिज की एक सप्ताह में ही हालत खराब हो गई है। कांग्रेस और भाजपा के नेता एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं।
राजस्थान के अजमेर जिले के एलिवेटेड ब्रिज को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो रही है। कांग्रेस और भाजपा के नेता एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए शुक्रवार तक ब्रिज को यातायात के लिए बंद कर दिया है।
घटिया निर्माण सामग्री के कारण बड़े गड्ढे होने से ब्रिज निर्माण को लेकर कांग्रेस और बीजेपी सवाल उठा रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं। ब्रिज का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने किया था और इसका लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया था।
कोर्ट में की गई थी
कुछ दिनों पहले ब्रिज की फव्वारा सर्किल से गांधी भवन जाने वाली भुजा पर बारिश के बाद बड़ा गड्ढा बन गया था। इसके बाद ब्रिज की भुजा पर यातायात को बंद कर दिया गया। सियासी शोर मचा, तो यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इसका निरीक्षण किया और जांच की बात कही। वहीं पूर्व कांग्रेसी विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल ने ब्रिज निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने पर सवाल उठाते हुए कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। इसमें नगर निगम और अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को पक्षकार बनाया गया।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन ने कहा कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने अजमेर एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण करवाया। इससे पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री राजे ने एलिवेटेड रोड की बजट घोषणा की। बाद में अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से ब्रिज निर्माण करवाया गया। वसुंधरा सरकार में ही ब्रिज की डीपीआर बनी और तत्कालीन जनप्रतिनिधियों के उस पर हस्ताक्षर भी हैं। जैन ने कहा कि ब्रिज के निर्माण में काम ली गई घटिया सामग्री से भ्रष्टाचार हुआ।
जैन का कहना है कि ब्रिज की डिजाइन ही गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रिज के निर्माण का श्रेय लेने के लिए भाजपा के नेता आगे आए, लेकिन अब घटिया निर्माण सामग्री के कारण हुए खराबे की जिम्मेदारी भी लें। ब्रिज की सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरी जांच होनी चाहिए। बरसात आने पर यदि कोई ब्रिज के नीचे खड़ा हो जाए, तो भी वह भीगने से नहीं बच सकता। ब्रिज के कारण व्यापारियों को नुकसान हो रहा है और बारिश के दिनों में पानी भर रहा है।
यह खबरें भी पढ़ें...
राजस्थान और हरियाणा में रार, रैंप बन रहा दोनों राज्यों के बीच लड़ाई का अखाड़ा
राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में फर्जी बॉन्ड घोटाला, 78 डॉक्टरों के नाम आए सामने
वहीं भाजपा के शहर अध्यक्ष रमेश सोनी ने कहा कि मई, 2018 को ब्रिज का शिलान्यास किया था। इसके तुरंत बाद प्रदेश में सरकार बदल गई और कांग्रेस सत्ता में आई। 2022 तक ब्रिज का निर्माण पूरा होना था। शुरुआत में इसकी लागत 220 करोड़ रुपए थी, लेकिन बाद में बढ़कर 272 करोड़ हो गई। सोनी ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार में ब्रिज को लेकर हुई बैठक में कांग्रेस के नेता ने आपत्ति कर व्यवसायी को लाभ पहुंचाने के लिए डिजाइन में फेरबदल करवाया। कांग्रेस के राजनेता की शह पर निर्माण का ठेका चहेती कंपनी को लागत और समयावधि बढ़ाकर दिया गया।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
घटिया निर्माण सामग्री के कारण बड़े गड्ढे होने से ब्रिज निर्माण को लेकर कांग्रेस और बीजेपी सवाल उठा रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं। ब्रिज का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने किया था और इसका लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया था।
कोर्ट में की गई थी जनहित याचिका दाखिल
कांग्रेस बोली-भाजपा राज में हुआ भ्रष्टाचार
कांग्रेस नेताओं-अधिकारियों ने किया भ्रष्टाचार भाजपा के शहर अध्यक्ष रमेश सोनी ने आरोप लगाया कि ठेका फर्म को 242 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। ब्रिज के निर्माण का पूरा कार्य कांग्रेस सरकार में हुआ। ब्रिज का काम शुरू भी नहीं हुआ, उससे पहले ही कंपनी को 100 करोड़ रुपए भुगतान कर दिया गया था।
ब्रिज की डिजाइन में ही खामी
यह खबरें भी पढ़ें...
राजस्थान और हरियाणा में रार, रैंप बन रहा दोनों राज्यों के बीच लड़ाई का अखाड़ा
राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में फर्जी बॉन्ड घोटाला, 78 डॉक्टरों के नाम आए सामने
चहेती कंपनी को दिया गया ठेका
FAQ
- 1. अजमेर के एलिवेटेड ब्रिज में क्या समस्या आई है?
अजमेर के एलिवेटेड ब्रिज में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। इसके कारण बड़े गड्ढे हो गए और ब्रिज की हालत खराब हो गई। कांग्रेस-भाजपा दोनों दल एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। - 2. क्या इस ब्रिज के निर्माण में कोई भ्रष्टाचार हुआ है?
जी हां, दोनों प्रमुख दलों ने आरोप लगाया है कि ब्रिज के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए। - 3. कोर्ट ने इस मामले में क्या फैसला लिया?
कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए ब्रिज को यातायात के लिए बंद कर दिया और जांच की मांग की। इसके बाद मंत्री और नेताओं ने ब्रिज की जांच करने का निर्णय लिया।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्सऔर एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापनऔरक्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava