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Photograph: (the sootr)
जयपुर: राजस्थान के अलवर जिले में बम जैसी संदिग्ध वस्तु मिलने के बाद हड़कंप मच गया। इस मामले में जयपुर से बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) को भेजा गया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध वस्तु को सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि वह वस्तु बम नहीं थी, बल्कि किसी को डराने के लिए बनाई गई थी और इसमें कोई भी विस्फोटक सामग्री मौजूद नहीं थी।
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बम जैसी संदिग्ध वस्तु
अलवर में शुक्रवार को पुलिस को एक बम जैसी वस्तु मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और सुरक्षा के लिहाज से इलाके को घेराबंदी कर खाली कर दिया। आमजन की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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बम निरोधक दस्ते का एक्शन
जयपुर से बम निरोधक टीम को अलव बुलाया गया। बम स्क्वायड टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध वस्तु की गहन जांच की। इस प्रक्रिया में बम स्क्वायड टीम के प्रभारी एएसआई रमेश चंद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कोई सक्रिय विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए संदिग्ध वस्तु को नियंत्रित विस्फोट (Controlled Blast) के जरिए नष्ट कर दिया गया।
डिफ्यूज के बाद जांच तेज
एएसआई रमेश चंद ने बताया कि जांच के दौरान किसी भी तरह का विस्फोटक तत्व नहीं पाया गया। फिर भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया अपनाई गई। विस्फोट के बाद उस पदार्थ के सैंपल लिए गए है। इसके बाद आगे की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वह वस्तु क्या थी और उसमें विस्फोटक तत्व था या नहीं।
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डॉग स्क्वायड टीम भी पहुंची मौके पर
इसके अलावा मौके पर डॉग स्क्वायड टीम भी मौजूद रही। डॉग स्क्वायड की मदद से संदिग्ध वस्तु की सही स्थिति का आकलन किया गया। डिवाइस का निर्माण किसी को डराने के लिए किया गया था। इसमें कोई विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई।
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पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था
पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रही। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड टीम ने मिलकर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्रवाई को समाप्त किया। घटना के बाद इलाके में स्थिति सामान्य हो गई और लोगों ने राहत की सांस ली।
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मुख्य बिंदू:
- अलवर में बम जैसी एक संदिग्ध वस्तु मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत बम निरोधक दस्ते को बुलाया। जांच में यह पाया गया कि उस वस्तु में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं थी और इसे सुरक्षा मानकों के तहत नियंत्रित विस्फोट के जरिए नष्ट किया गया।
- जांच में यह पाया गया कि संदिग्ध वस्तु में कोई विस्फोटक तत्व नहीं था। यह केवल एक डिवाइस थी, जिसे किसी को डराने के लिए तैयार किया गया था।
- जांच के लिए संदिग्ध वस्तु के सैंपल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजे गए हैं। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि वह वस्तु क्या थी और उसमें कोई विस्फोटक सामग्री थी या नहीं।
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