पहली बार नागरिक क्षेत्र में 'सेना दिवस परेड', जयपुर में दिखेगा भारतीय सेना का शौर्य

Ashish Bhardwaj | Jan 13, 2026, 12:57 IST
Photograph: (The sootr)
राजस्थान में पहली बार सेना दिवस परेड का आयोजन किया जा रहा हैं। यह परेड 15 जनवरी को जयपुर के जगतपुरा में होगी। देश में ऐसा पहली बार होगा, जब परेड किसी नागरिक क्षेत्र में आयोजन होगी।

Jaipur: परंपरागत रूप से सेना दिवस परेड का आयोजन दिल्ली छावनी में होता था। लेकिन, 2023 से इसका आयोजन दिल्ली से बाहर होने लगा है। इस बार यह परेड 15 जनवरी को राजस्थान के जयपुर में हो रही है। परेड जयपुर के जगतपुरा में हरे कृष्णा मार्ग (महल रोड) पर होगी। यह पहला अवसर होगा, जब परेड के लिए नागरिक क्षेत्र चुना गया है। परेड का उद्देश्य अधिकतम जनभागीदारी को दर्शाना हैं। यह परेड भैरव बटालियन की ओर से की जा रही हैं।



जंबूरी भ्रष्टाचार मामला पहुंचा हाईकोर्ट, 10 करोड़ खर्च की होगी जांच



रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति

2026 सेना दिवस परेड में देशभर के सैन्य शौर्य का प्रदर्शन होगा। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति खास रहेगी। इस अवसर पर फर्स्ट डे कवर विमोचन, शहीदों के परिजनों का सम्मान, पारंपरिक युद्ध कलाओं का प्रदर्शन और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित लाइट एंड साउंड शो प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 1000 ड्रोन का विशेष शो होगा, जो सेना की ताकत और तकनीकी विशेषज्ञता का अद्भुत प्रदर्शन करेगा।



राजस्थान में 20.36 लाख लोगों की पेंशन रोकी, समय पर नहीं हो पाया वेरिफिकेशन



आसमान- जमीन पर ऐसे दिखेगा सेना का शौर्य

परेड के दौरान लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर, टैंक, मिसाइल, ड्रोन सिस्टम और सैन्य टुकड़ियों का शानदार प्रदर्शन किया जाएगा। यह आयोजन भारतीय सेना की शक्ति और क्षमताओं को दर्शाएगा। इसके अलावा, नेपाल आर्मी बैंड की सहभागिता इस परेड को एक अंतरराष्ट्रीय स्पर्श देगी।



एमपी और राजस्थान में ठंड ने बरपाया कहर, सीजी में शीतलहर से मिलेगी राहत



इसलिए होती है सेना दिवस परेड

कोडांदेरा मदप्पा करिअप्पा को 15 जनवरी 1949 को कमांडर इन चीफ फील्ड मार्शल बनाया गया था। वे देश के पहले भारतीय कमांडर इन चीफ फील्ड मार्शल थे। इनकी याद में ही देश में हर वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस परेड मनाया जाता हैं। इससे पहले सेना का नेतृत्व ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा किया जाता था।



राजस्थान सैनिक स्कूल प्रवेश के लिए आवेदन शुरू, 8 मार्च को है परीक्षा



Kotak Scholarship 2026: अब कोटक उठाएगा पढ़ाई का खर्च, ऐसे करें अप्लाई



आम जन के लिए होगी विशेष व्यवस्था

परेड से पहले पूर्वाभ्यास 9, 11 और 13 जनवरी को रखा गया। इससे जनता के लिए खुला रखा गया। प्रतिदिन लगभग 15 लाख लोगों के परेड और पूर्वाभ्यास देखने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्कूल और कॉलेज के छात्रों, महिला समूहों, पूर्व सैनिकों और आम जनता के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।



अवैध खनन पर बेबस राजस्थान पुलिस, थानाधिकारी ने सुनाई बेबसी की कहानी



ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव

इस भव्य आयोजन के मद्देनजर जयपुर में ट्रैफिक व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। 11 जनवरी को आयोजित रिहर्सल को देखते हुए, एनआरआई चौराहे से बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहा (जगतपुरा) तक सामान्य यातायात को सुबह 5 बजे से दोपहर 1 बजे तक बंद कर दिया गया है। इस दौरान, आसपास की कॉलोनियों से महल रोड की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा, खाटूश्याम सर्किल से एनआरआई चौराहा और अक्षयपात्र की ओर जाने वाला ट्रैफिक हल्दीघाटी मार्ग और वीआईटी रोड की ओर डायवर्ट किया गया है।



राजस्थान में कैसे रुके खनन, POLICE ही बेबस



फुल ड्रेस परेड रिहर्सल

परेड से पहले 11 जनवरी को जयपुर में दूसरी बार फुल ड्रेस परेड रिहर्सल की गई। इस रिहर्सल में सेना की ताकत और शौर्य का प्रदर्शन देखने को मिला। रिहर्सल में राजस्थान की सांस्कृतिक झांकी भी प्रदर्शित की गई। रिहर्सल का मुख्य उद्देश्य परेड में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करना था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बन सकें।



MP में SIR के बाद 83 लाख वोटर्स के बदले गए पोलिंग बूथ



'भैरव बटालियन' का गठन

भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में युद्ध अचानक शुरू हो सकते हैं, जिसमें तकनीकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इसलिए सेना को ऐसे सैनिकों की जरूरत है जो न केवल हथियारों में दक्ष हों, बल्कि आधुनिक तकनीक में भी कुशल हों। इसी विचारधारा के तहत 'भैरव बटालियन' का गठन किया गया है। यह बटालियन सेना की मारक क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बनाई गई है।



भोपाल कलेक्टर गाइडलाइन, अब AI तय करेगा प्रॉपर्टी के दाम, 3 हजार लोकेशन पर होगा एनालिसिस



'भैरव बटालियन' की विशेषताएं

'भैरव बटालियन' को हाइब्रिड फोर्स के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें ड्रोन वॉरफेयर, मेडिकल इमरजेंसी, विस्फोटक निपटान और डिजिटल युद्ध के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। रेगिस्तान में तैनात तकनीक से लैस ये रणबांकुरे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। 'भैरव बटालियन' के सैनिकों को एक अत्यंत कठिन स्थिति में 'विनाशक' के रूप में उभरने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।



भोपाल कलेक्टर गाइडलाइन, अब AI तय करेगा प्रॉपर्टी के दाम, 3 हजार लोकेशन पर होगा एनालिसिस



मुख्य बिंदू:

  • सेना दिवस 15 जनवरी को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर इन चीफ फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा ने कमान संभाली थी।
  • इस बार सेना दिवस परेड जयपुर में हरे कृष्णा मार्ग (महल रोड) पर आयोजित की जा रही है, जो पहली बार नागरिक क्षेत्र में हो रही है।
  • 'भैरव बटालियन' का उद्देश्य सेना की मारक क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाना है। इसे ड्रोन वॉरफेयर, विस्फोटक निपटान और डिजिटल युद्ध के लिए तैयार किया गया है।
Tags:
  • भारतीय सेना
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
  • सेना दिवस परेड
  • भैरव बटालियन
  • के. एम. करिअप्पा