जोधपुर सेंट्रल जेल में आसाराम ने किया सरेंडर, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से किया था इनकार

आसाराम ने जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर किया। राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज की और कहा कि उनकी स्वास्थ्य  की स्थिति स्थिर है। उनको लगातार चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता नहीं है।

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Gyan Chand Patni
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नाबालिग से बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले आसाराम ने जोधपुर सेंट्रल जेल में ​फिर सरेंडर किया। राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा 27 अगस्त को अंतरिम जमानत याचिका खारिज करने के बाद 30 अगस्त को जोधपुर सेंट्रल जेल में फिर से लौटना पड़ा। आसाराम ने 30 अगस्त को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर किया

हाईकोर्ट का फैसला और मेडिकल रिपोर्ट

जोधपुर हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने 27 अगस्त को आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका खारिज की। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए अ​वधि बढ़ाने से इनकार कर दिया। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि उनकी हालत स्थिर है और उनको लगातार चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता नहीं है। आसाराम को कोरोनरी आर्टरी डिजीज है और वह उच्च जोखिम वाली श्रेणी में आते हैं। हालांकि, कोर्ट ने माना कि उनकी स्थिति अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए पर्याप्त गंभीर नहीं थी। आसाराम की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका खारिज हो गई।

आसाराम को उम्रकैद की सजा

आसाराम को दो अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। पहला मामला 2013 का है, जिसमें जोधपुर में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार का आरोप सिद्ध हुआ था। दूसरा मामला गुजरात के गांधीनगर स्थित उनके आश्रम में सूरत की एक महिला के साथ बलात्कार का है। दोनों मामलों में उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली है। आसाराम को  आसाराम बापू भी कहते हैं। 

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कोर्ट ने वकील की दलील को ठुकराया

आसाराम के वकील निशांत बोड़ा ने 27 अगस्त की सुनवाई के दौरान दलील दी थी कि 21 अगस्त को आसाराम को जोधपुर एम्स ले जाया गया था।   मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में बताया गया था कि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने या लगातार चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता नहीं है। इस  आधार पर हाईकोर्ट जमानत याचिका खारिज कर दी।

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11 साल बाद बेटे से मुलाकात

जनवरी 2025 में आसाराम को पहली बार अंतरिम जमानत मिली थी। इसके बाद बेटे नारायण साईं से भी उनकी 11 साल बाद मुलाकात हुई  थी। नारायण साईं खुद भी सजा काट रहा है।  

FAQ

1. हाईकोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार क्यों किया?
हाईकोर्ट ने उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट का आकलन करते हुए कहा कि उनकी स्थिति जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए पर्याप्त गंभीर नहीं है।
2. आसाराम को किस मामलों में उम्रकैद की सजा मिली?
आसाराम को दो मामलों में उम्रकैद की सजा मिली है। पहला मामला जोधपुर में एक नाबालिग से बलात्कार का है, जबकि दूसरा मामला गुजरात के गांधीनगर में एक महिला से बलात्कार का है।
3. आसाराम और उनके बेटे की मुलाकात कब हुई थी?
आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं की मुलाकात 11 साल बाद 25 जून को हुई थी, जब नारायण साईं जोधपुर के आश्रम पहुंचे थे।

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