बांसवाड़ा के एक गांव में होता है निर्विरोध वार्ड पंच का चुनाव, 40 साल पुरानी है परंपरा

Ashish Bhardwaj | Sept 25, 2026, 18:37 IST
Share
वार्ड चुनाव
वार्ड चुनाव

उमराखाल गांव पिछले 40 सालों से बिना किसी बाधा के वार्ड पंच का चुनाव करता आ रहा है। यहां 150 परिवार मिलकर सोचते और निर्णय लेते हैं। ग्राम पंचायत के लिए कोई साथी उम्मीदवार नहीं है। इस गांव ने शराब, डीजे और तंबाकू जैसी हानिकारक चीजों से दूरी बनाए रखी है। सामूहिक फैसले गांव की एकता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • बांसवाड़ा का उमराखाल गांव 40 साल से चुन रहा निर्विरोध वार्ड पंच।
  • 150 परिवार जाजम पर बैठकर करते हैं उम्मीदवार का फैसला।
  • गांव में इस बार भी सतवीर निनामा के नाम पर सहमति।
  • शराब, डीजे और तंबाकू जैसी बुराइयों से गांव ने बनाई दूरी।
  • सर्वसम्मति की परंपरा से उमराखाल बना मिसाल।
बांसवाड़ा जिले का उमराखाल गांव 40 साल से वार्ड पंच निर्विरोध चुन रहा है। यहां 150 परिवार एक साथ बैठकर सर्वसम्मति से फैसला करते हैं। इस बार भी ग्रामीणों ने एक नाम पर सहमति बना ली है। सतवीर निनामा या उनकी पत्नी को निर्विरोध वार्ड पंच बनाने का प्रस्ताव पास हुआ है। गांव शराब, डीजे और तंबाकू जैसी बुराइयों से भी दूरी बनाए हुए है।

चुनाव आते ही गांवों में अक्सर गुटबाजी और खींचतान शुरू हो जाती है। पर बांसवाड़ा का उमराखाल गांव इससे बिल्कुल अलग है। यहां चुनाव में शह-मात का खेल नहीं खेला जाता। केसरपुरा पंचायत का यह गांव जिला मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर है। यहां के 150 परिवार एक जाजम पर बैठते हैं। फिर सब मिलकर अपना वार्ड पंच चुन लेते हैं।

बांसवाड़ा: 40 साल से निर्विरोध वार्ड पंच चुनाव की अनोखी परंपरा, उमराखाल गांव बना मिसाल | Banswara: Unique tradition of unopposed Ward Panch elections for 40 years, Umrakhal village becomes an example
बांसवाड़ा के एक गांव में होता है निर्विरोध वार्ड पंच का चुनाव, 40 साल पुरानी है परंपरा
26 Sept 2026 ,
By Ashish Bhardwaj
उमराखाल गांव पिछले 40 सालों से बिना किसी बाधा के वार्ड पंच का चुनाव करता आ रहा है। यहां 150 परिवार मिलकर सोचते और निर्णय लेते हैं। ग्राम पंचायत के लिए कोई साथी उम्मीदवार नहीं है। इस गांव ने शराब, डीजे और तंबाकू जैसी हानिकारक चीजों से दूरी बनाए रखी है। सामूहिक फैसले गांव की एकता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए हैं।
उमराखाल गांव पिछले 40 सालों से बिना किसी बाधा के वार्ड पंच का चुनाव करता आ रहा है। यहां 150 परिवार मिलकर सोचते और निर्णय लेते हैं। ग्राम पंचायत के लिए कोई साथी उम्मीदवार नहीं है। इस गांव ने शराब, डीजे और तंबाकू जैसी हानिकारक चीजों से दूरी बनाए रखी है। सामूहिक फैसले गांव की एकता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए हैं।

40 साल पुरानी परंपरा

गांव में यह परंपरा पिछले 40 साल से चल रही है। इस दौरान न कोई राजनीतिक कड़वाहट दिखी, न कोई रंजिश। हर पांच साल में गांव फिर से एक नाम पर सहमति बनाता है। इस बार भी निर्विरोध चुनाव की तैयारी पूरी हो चुकी है। गांव में 150 परिवारों के करीब 450 मतदाता हैं।

राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना: दुर्घटनाग्रस्त किसानों को ₹2 लाख तक की आर्थिक मदद, जानें आवेदन प्रक्रिया | Rajasthan Mukhyamantri Krishak Sathi Sahayata Yojana: Financial aid up to ₹2 Lakh for farmers in accidents, know application process
राजस्थान में मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना: जानें किसानों को कैसे मिलती है आर्थिक सहायता?
25 Sept 2026 ,
By Jageshwar prasad
राजस्थान सरकार ने किसानों और खेत मजदूरों के लिए मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना शुरू की है, जो उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। यह योजना आकस्मिक परिस्थितियों में होने वाली मृत्यु या गंभीर चोट के लिए वित्तीय सहायता देती है, जिसमें राशि ₹5,000 से लेकर ₹2,00,000 तक हो सकती है।
राजस्थान सरकार ने किसानों और खेत मजदूरों के लिए मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना शुरू की है, जो उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। यह योजना आकस्मिक परिस्थितियों में होने वाली मृत्यु या गंभीर चोट के लिए वित्तीय सहायता देती है, जिसमें राशि ₹5,000 से लेकर ₹2,00,000 तक हो सकती है।

मंदिर पर हुई बैठक

हाल ही में गांव के माताजी मंदिर पर एक बैठक हुई। यह बैठक एकता ग्राम संगठन उमराखाल ने बुलाई थी। इसकी अध्यक्षता दिनेश मईड़ा ने की।बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास किया। इसके मुताबिक सतवीर निनामा या उनकी पत्नी निर्विरोध वार्ड पंच बनेंगे। हर बार की तरह इस बार भी फैसला सामूहिक बैठक में ही हुआ।

22 साल की सुलोचना मीणा ने रचा इतिहास, राजस्थान के छोटे गांव से बनीं IAS | 22-year-old Sulochana Meena Creates History, Becomes IAS from a Small Village in Rajasthan
राजस्थान के छोटे से गांव की सुलोचना मीणा बनीं IAS, 22 साल की उम्र में UPSC पास कर रचा इतिहास
24 Sept 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के आदलवाड़ा गांव की सुलोचना मीणा ने 22 साल की उम्र में UPSC सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की। दिल्ली विश्वविद्यालय से बॉटनी में स्नातक करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी की। उनकी लगन और परिश्रम ने उन्हें झारखंड में SDO के पद पर पहुंचा दिया। उनकी यात्रा छोटे गांवों के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के आदलवाड़ा गांव की सुलोचना मीणा ने 22 साल की उम्र में UPSC सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की। दिल्ली विश्वविद्यालय से बॉटनी में स्नातक करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी की। उनकी लगन और परिश्रम ने उन्हें झारखंड में SDO के पद पर पहुंचा दिया। उनकी यात्रा छोटे गांवों के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

निर्विरोध चुनाव का मतलब

वार्ड पंच ग्राम पंचायत का सदस्य होता है। वह अपने वार्ड के लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। गांव की समस्याएं पंचायत तक पहुंचाना उसकी अहम जिम्मेदारी होती है। जब किसी वार्ड से सिर्फ एक ही उम्मीदवार मैदान में हो, तो मतदान नहीं होता। उस उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाता है। उमराखाल में ग्रामीण आपसी सहमति से यही रास्ता अपनाते हैं।

कौन-कौन रहे वार्ड पंच

पिछले 40 साल में गांव ने कई वार्ड पंच निर्विरोध चुने हैं। सबसे पहले वालू पुत्र केरेंग मईड़ा पांच साल के लिए चुने गए। इसके बाद मांगू पुत्र पुंजा 10 साल तक वार्ड पंच रहे। कालूराम पुत्र शंभु मईड़ा सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहे। वे 15 साल तक निर्विरोध वार्ड पंच रहे। शारदा पुत्र कन्हैयालाल पांच साल वार्ड पंच रहीं। रमिया पत्नी विकास डोडियार भी पांच साल के लिए निर्विरोध चुनी गईं। इन सभी का कुल कार्यकाल जोड़ें तो यह 40 साल बनता है। यानी चार दशक में एक बार भी यहां वार्ड पंच के लिए वोटिंग नहीं हुई।

सरपंच ने भी देखी परंपरा

कालूराम मईड़ा अब केसरपुरा ग्राम पंचायत के सरपंच हैं। वे बताते हैं कि उन्होंने बचपन से यह परंपरा देखी है। अब वे खुद इसे आगे बढ़ा रहे हैं। कालूराम खुद तीन बार निर्विरोध वार्ड पंच चुने जा चुके हैं। उनका कहना है कि गांव इसी तरह आगे भी सर्वसम्मति से फैसले करता रहेगा।

बुराइयों से भी दूरी

उमराखाल की पहचान सिर्फ निर्विरोध चुनाव से नहीं है। गांव ने समाज सुधार के लिए भी कई फैसले लिए हैं।गांव के समाजसेवी दिनेश मईड़ा के मुताबिक यहां शराबबंदी लागू की गई है। डीजे, तंबाकू और अंधविश्वास पर भी लगाम लगाई गई है। उनका कहना है कि निर्विरोध चुनाव भी इन्हीं सामूहिक फैसलों का हिस्सा है।

परंपरा तोड़ने पर जुर्माना

दिनेश मईड़ा के अनुसार गांव के नियम तोड़ने पर आर्थिक जुर्माना लगता है। इस राशि से गांव में सामूहिक विकास के काम कराए जाते हैं। गांव में माताजी का मंदिर भी सबके मिलेजुले प्रयास से बनाया गया है।

दूसरे गांवों के लिए मिसाल

पंचायत चुनाव में कई बार छोटी बातों पर विवाद हो जाते हैं। कई जगह रिश्तों में दरार तक आ जाती है। ऐसे माहौल में उमराखाल का तरीका अलग दिखता है।यहां फैसला बैठकर, बातचीत से और सबकी मौजूदगी में होता है। ग्रामीणों का मानना है कि इससे गांव में एकता बनी रहती है। चुनाव का खर्च और तनाव भी बचता है।
Tags:
  • बांसवाड़ा
  • वार्ड पंच चुनाव
  • निर्विरोध चुनाव
  • ग्राम पंचायत
  • गांव के सरपंच
  • उमरखाल
मध्य प्रदेश में सरप्लस उत्पादन फिर भी महंगी बिजली खरीदेगी सरकार, कांग्रेस ने उठाए सवाल

By Sanjay Sharma

मध्य प्रदेश में सरप्लस उत्पादन फिर भी महंगी बिजली खरीदेगी सरकार, कांग्रेस ने उठाए सवाल
पहले शिकायत, फिर नियुक्ति और अब विदाई! डिप्टी सीएम देवड़ा के यहां किसकी चली? OSD की नियुक्ति की फाइलों पर सवाल

By Ramanand Tiwari

पहले शिकायत, फिर नियुक्ति और अब विदाई! डिप्टी सीएम देवड़ा के यहां किसकी चली? OSD की नियुक्ति की फाइलों पर सवाल
27% ओबीसी आरक्षण: हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस की चूक गिनाई, अब भाजपा का रास्ता क्या?

By Ramanand Tiwari

27% ओबीसी आरक्षण: हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस की चूक गिनाई, अब भाजपा का रास्ता क्या?
OBC आरक्षण पर हाई कोर्ट का फैसला: CM मोहन यादव की पहली प्रतिक्रिया, बोले- कानूनी परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेगी सरकार

By Sumit Kumar

OBC आरक्षण पर हाई कोर्ट का फैसला: CM मोहन यादव की पहली प्रतिक्रिया, बोले- कानूनी परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेगी सरकार
जबलपुर में 4 पटवारियों के अपहरण का दावा, मझौली से पटवारी लापता! कलेक्टर बोले पुलिस के पास जाएं

By Neel Tiwari

जबलपुर में 4 पटवारियों के अपहरण का दावा, मझौली से पटवारी लापता! कलेक्टर बोले पुलिस के पास जाएं
घर से वोट डालने की तैयारी, लेकिन पहचान और गोपनीयता की गारंटी कौन देगा?, डिजिटल मतदान की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

By Ramanand Tiwari

घर से वोट डालने की तैयारी, लेकिन पहचान और गोपनीयता की गारंटी कौन देगा?, डिजिटल मतदान की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
कटनी के बहोरीबंद SDM पर 4 पटवारियों को बंधक बनाने का आरोप, मोबाइल जब्त कर जबरन काम कराने की शिकायत लेकर थाने पहुंचा संघ

By Neel Tiwari

कटनी के बहोरीबंद SDM पर 4 पटवारियों को बंधक बनाने का आरोप, मोबाइल जब्त कर जबरन काम कराने की शिकायत लेकर थाने पहुंचा संघ